समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

सिने दुनिया

सिने दुनिया: द ग्रेट इंडियन किचन (मलयालम): किचन में मर्द आर्टिस्ट और स्त्री धावक होती है

फ़िरोज़ ख़ान
  सेक्स में प्लेजर अमूमन पुरुषों का एकाधिकार रहा है। ‘द ग्रेट इंडियन किचन’ देखते हुए आप महसूस करेंगे कि पारंपरिक और रूढ़िवादी पुरुष के...
कविता

राकी गर्ग की कविताएँ उदासी से जूझती हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री राकी गर्ग की ये कविताएँ नितांत निजी एवं उनके अनुभव संसार की कोमलतम अभिव्यक्तियाँ हैं। इन अनुभवों में जातीय स्मृतियाँ हैं,...
सिनेमा

फ़िल्म ‘द सोर्स’ : ‘से नो टू सेक्स फॉर वाटर’

समकालीन जनमत
प्रतिभा कटियार मेरे घर के ठीक सामने एक कुआँ था. कुआँ अपनी सामन्य भव्यता के साथ मुस्कुराता था. यानी वो पक्का कुआँ था. उसकी जगत...
कविता

देवयानी की कविताएँ ग़लती करने की ख़ुदमुख्तारी को हासिल करने की जद्दोजहद हैं

समकालीन जनमत
हिमांशु पण्ड्या प्रारंभिक दौर के स्त्री लेखन में परम्परा के नाम पर बनी शृंखला की अदृश्य कड़ियों को नज़र के सामने लाने पर बल रहा,...
सिने दुनिया

सिने दुनिया : क्रूरतम ग़ैरबराबरी का रूपक है ‘इन टाइम’

फ़िरोज़ ख़ान
पिछले दिनों मित्र और फिल्मकार व पटकथा लेखक अविनाश दास के बाबूजी (पिता) और हमारे बाऊजी नहीं रहे। हम लोग मिले। हमने अविनाश से कहा...
कविता

शिव कुशवाहा की कविताएँ अपने समय के संघर्षों को दर्ज करती हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर युवा कवियों ने कविता को नया तेवर दिया है। यह कथ्य तथा शिल्प दोनों स्तर पर देखा जा सकता है। कविता के क्षेत्र...
कविता

धूमिल की ‘नक्सलबाड़ी’

गोपाल प्रधान
धूमिल की यह कविता उनके पहले काव्य संग्रह ‘संसद से सड़क तक’ में कुल चार पृष्ठों में प्रकाशित है । संग्रह से पहले 1967 में...
कविता

वासुकि प्रसाद ‘उन्मत्त’ की कविता जीवन की प्रतिक्रिया से कविता की प्रक्रिया तक ज़रूरी और नैसर्गिक यात्रा है

समकालीन जनमत
आलोक कुमार श्रीवास्तव इस कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में साहित्यिक हस्तक्षेप कैसा हो, यह बात हर लोकतंत्र-प्रेमी साहित्यिक सोचता है। धूर्त सत्ता द्वारा जनता के...
पुस्तक

धर्म के आवरण में विद्रोह की अनूठी अभिव्यक्ति

गोपाल प्रधान
कनक तिवारी की 2021 में सूर्य प्रकाशन मन्दिर, बीकानेर से प्रकाशित किताब ‘ विद्रोही वेदान्ती का भारत बोध (विवेकानन्द को समझने की कोशिश) ’ को...
स्मृति

सिनेमा के बाज़ार में सागर सरहदी का होना…

फ़िरोज़ ख़ान
सन् 1980 या 81 के किसी एक रोज एक अखबार में खबर छपती है कि गल्फ देशों के उम्रदराज़, लेकिन अमीर शेख हैदराबाद आते हैं...
स्मृति

जन सांस्कृतिक आंदोलन के योद्धा थे सागर सरहदी : जन संस्कति मंच

समकालीन जनमत
मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक, पटकथा और संवाद लेखक, नाटककार और उर्दू कहानीकार सागर सरहदी के निधन को जन संस्कृति मंच ने भारतीय साहित्य-कला जगत के लिए...
पुस्तक

सरहद और सुरक्षा

गोपाल प्रधान
2021 में हेमार्केट बुक्स से हर्षा वालिया की किताब ‘ बार्डर & रूल : ग्लोबल माइग्रेशन, कैपिटलिज्म, ऐंड द राइज आफ़ रेशियल नेशनलिज्म ’ का...
पुस्तक

‘बलमा जी का स्टूडियो’ लोक की लय से लबरेज़ कहानी संग्रह है

समकालीन जनमत
गति उपाध्याय ‘यशपाल कथा सम्मान’ से सम्मानित कहानी संग्रह ‘बलमा जी का स्टूडियो’ लोक साहित्य और लोक भाषा की महत्वपूर्ण दस्तावेजी कृति है | भविष्य...
सिने दुनिया

दूब : प्रेम और दैहिक इच्छाओं की एक उदास धुन..

फ़िरोज़ ख़ान
आज की फिल्म: दूब (नो बेड ऑफ रोज़ेज़) (बांग्लादेशी)   इरफान खान की अदायगी वाली बांग्लादेशी फिल्म दूब (नो बेड ऑफ रोज़ेज़) अंतत: नेटफ्लिक्स पर...
कविता

रूपाली सिन्हा की कविताओं में स्त्री जीवन की नई राह गढ़ती दिखाई पड़ती है

समकालीन जनमत
कामिनी पिछले दिनों आथर्स प्राइड पब्लिकेशन से रूपाली सिन्हा का कविता संग्रह ‘असुविधा के लिए खेद नहीं है’ प्रकाशित हुआ है | इस संग्रह में...
कहानी

स्लोवेनियन कहानी ‘ सरप्राइज़ ’ 

समकालीन जनमत
(लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की यह एक बहुचर्चित कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं।...
कविता

‘ तेरह साल के लड़के ’

उमा राग
समकालीन जनमत पर प्रस्तुत है कवयित्री देवयानी भारद्वाज की कविता ‘तेरह साल के लड़के’। 12 मार्च को गाज़ियाबाद उत्तरप्रदेश में 13 वर्षीय आसिफ़ नामक एक...
स्मृति

साझी जन संस्कृति के झण्डे को बुलन्द करने वाले योद्धा थे कवि ओमप्रकाश मिश्र

लखनऊ। गंगाजमुनी तहजीब के शायर, गजलकार, जनवादी कवि व गीतकार ओमप्रकाश मिश्र नहीं रहे। आज जौनपुर में उनका निधन हुआ। लम्बे समय से वे बीमार...
कविताशख्सियत

कविता में अनामिका की उपस्थिति का अर्थ, प्रसंगः साहित्य अकादमी सम्मान-2020

समकालीन जनमत
रमेश ऋतंभर   प्रतिष्ठित कवयित्री-कथा लेखिका व स्त्री विमर्शिका अनामिका को हिन्दी कविता के लिए 2020 का ‘साहित्य अकादमी सम्मान’ दिये जाने की घोषणा अपने-आप...
कविता

प्रभात प्रणीत की कविताएँ अपने समय की विडंबनाओं की परख हैं

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल जिस तरह चंद्र किसान जीवन के नये कवि हैं उसी तरह प्रभात प्रणीत नागर जीवन की नूतन आवाज हैं। चंद्र की कविताएँ अगर...
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