समकालीन जनमत

Tag : Contemporary Hindi Poetry

कविता

जमुना बीनी की कविताएँ आदिवासियत की उपेक्षा का प्रतिकार हैं

समकालीन जनमत
कविता कादंबरी आदिवासी अस्मिता पर केंद्रित हिंदी कविताओं में कुछ सामान्य प्रवृत्तियाँ हैं जिसमें प्रकृति के साथ साहचर्य का भाव, ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया पर...
कविता

घुँघरू की कविताएँ प्रेम के अनगढ़ रूप और सामाजिक संवेदना से भरपूर हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय घुँघरू की कविताओं में प्रेम और संवेदनों को लेकर एक अलग-सी कमनीयता है वह भी ज़िद के साथ। एक युवा कवयित्री प्रेम को...
कविता जनमत

कमला भसीन के गीत और कविताएँ जेंडर जागरूकता की असरदार अपील हैं

समकालीन जनमत
(समकालीन जनमत का ‘समकालीन हिंदी कविता’ का यह अंक लोकप्रिय नारीवादी -मानवाधिकार कार्यकर्ता और लेखिका कमला भसीन को समर्पित है, 75 वर्ष की उम्र में...
कविता

कल्पना झा की कविताएँ जो कुछ भी सुंदर है उसे बचा ले जाने की कोशिश हैं

समकालीन जनमत
आनंद गुप्ता रंगकर्मी एवं अभिनेत्री कल्पना झा की कविताओं में स्त्री मन की गहरी समझ है. इनकी कविताओं से गुजरते हुए हम स्त्रियों के दुख...
कविता

अनामिका अनु की कविताएँ स्त्री विमर्श को कई कोणों से देखती हैं

समकालीन जनमत
विशाखा मुलमुले   अनामिका अनु जी मूलतः बिहार की रहवासी हैं व कर्मभूमि से केरल की हैं। मैं जब उनकी कविताएँ पढ़ती हूँ तो कविता...
कविता

सतीश छिम्पा की कविताएँ अपने समय से किये गए बेचैन सवाल हैं

समकालीन जनमत
अनुपम त्रिपाठी सतीश जी राजस्थान के रहने वाले हैं. इनके तीन कविता संग्रह ‘लहू उबलता रहेगा’ (फिलिस्तीन के मुक्ति संघर्ष के लिए), ‘लिखूंगा तुम्हारी कथा’, ‘आधी...
कविता

सोनू यशराज की कविताएँ किताबों से एक स्त्री का संवाद हैं

समकालीन जनमत
आलोक रंजन सोनू यशराज की अधिकांश कविताएँ किताबों को समर्पित हैं और शेष स्त्री प्रश्नों से जुड़ी हुई । किताबों के माध्यम से रचनाकार ने...
कविता

जसिंता केरकेट्टा की कविताएँ सत्ता की भाषा के पीछे छुपी मंशा को भेद कर उसके कुटिल इरादों को बेनकाब करती हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय युवा कवयित्री जसिंता केरकेट्टा की कविताओं को महज जनजातीय स्मृतियों अथवा चेतना की कविताएँ कहना न्यायसंगत न होगा। अपने पर्यावरण और जातीय स्मृतियों...
कविता

मेहजबीं की कविताएँ अपने समय की अंतहीन बेचैनी का बयान हैं

समकालीन जनमत
संजय कुमार कुंदन मेहजबीं की कविताएँ और नज़्में बातें करती हैं, दुनिया-जहान की बातें. कविताएँ और नज़्में बस हिन्दी और उर्दू के शब्दों की उल्लेखनीय...
कविता

सुशील कुमार की कविताएँ मौजूदा सत्ता संरचना और व्यवस्था का प्रतिपक्ष रचती हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   मुक्तिबोध कालयात्री की बात करते हैं। मतलब कविता अपने काल के साथ सफर करती है । उसका अटूट रिश्ता काल से है...
Fearlessly expressing peoples opinion

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy