साहित्य-संस्कृति इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में युवा कवियों ने पढ़ी कवितासमकालीन जनमतAugust 15, 2025 by समकालीन जनमतAugust 15, 2025023 इलाहाबाद विश्वविद्यालय में परिवेश व आइसा द्वारा आज़ादी की बरसी की पूर्व संध्या पर परिसर के बरगद लॉन में युवा कवियों के कविता पाठ का...
साहित्य-संस्कृति “ हमारे समय के सार्थक कवि हैं घनश्याम त्रिपाठी ”समकालीन जनमतJanuary 22, 2024January 26, 2024 by समकालीन जनमतJanuary 22, 2024January 26, 20240204 भिलाई। जन संस्कृति मंच, दुर्ग-भिलाई के तत्वावधान में 21 जनवरी को भिलाई के कवि घनश्याम त्रिपाठी के द्वितीय काव्य संग्रह ‘ जो रास्ता संघर्षमय होता...
कविता ‘ क्षितिज से उगेगा चंद्रमा ’ : परिवर्तन के पक्ष में मनुष्यता का गानकौशल किशोरOctober 12, 2023October 12, 2023 by कौशल किशोरOctober 12, 2023October 12, 20230147 जितेन्द्र कुमार कविता की दुनिया के सजग और सचेत नागरिक हैं। इनकी पहली कविता पुस्तक ‘रात भर रोई होगी धरती’ करीब 25 साल पहले आई...
कविता डॉ ज़रीन हलीम का कविता संग्रह ‘ आठ पहर ’: ‘परवाज की आदत है ….उड़ जाएंगे ’कौशल किशोरJuly 13, 2023July 13, 2023 by कौशल किशोरJuly 13, 2023July 13, 20230203 ‘कविता के बीज नहीं होते/जो बाजारों में हों उपलब्ध/जो किसी एक ऋतु के हो बंधक/और घर-घर यूं ही पड़े मिलें/जो सबके हाथों मसले जाएं/जिनका कोई...
कविता रूपम मिश्र का कविता पाठ : कविता जीवन के आवेग से पैदा होती हैसमकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 2023 by समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 20230197 इलाहाबाद। जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तीन मार्च को मेयो हाॅल के पास स्थित अंजुमन-रूह-ए-अदब के हॉल में कविता पाठ और परिचर्चा का आयोजन हुआ।...
कविता ‘ कविता, जीवन का उत्सव है/कविता थकने का नहीं/ लड़ने का नाम है ‘समकालीन जनमतDecember 26, 2022 by समकालीन जनमतDecember 26, 20220160 आशाराम जागरथ, उमेश पंकज और भगवान स्वरूप कटियार का कविता पाठ लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम), लखनऊ की ओर से ‘सृजन हमारे समय में’ श्रृंखला...
कविता शिवनंदन कवि आ उनकर दूगो गीतबलभद्रAugust 23, 2021August 23, 2021 by बलभद्रAugust 23, 2021August 23, 20210677 भोजपुर के बड़हरा ब्लॉक में एगो गाँव बा मौजमपुर। एहिजा के रहलें एगो शिवनंदन कवि। उनकर एगो कविता बा जवना में पत्थल-पानी परला के चलते...
कविता ‘मोह’ के कवि हरिराम द्विवेदीबलभद्रAugust 18, 2021August 18, 2021 by बलभद्रAugust 18, 2021August 18, 20210548 हरिराम द्विवेदी भोजपुरी कविता का एक सुपरिचित नाम है। 12 मार्च 1936 को जन्मे 85 पार के द्विवेदी जी भोजपुरी साहित्य-जगत में किसी परिचय के...
स्मृति जनवादी धारा के अग्रगामी चेतना के कवि थे विजेन्द्रसमकालीन जनमतJune 28, 2021June 28, 2021 by समकालीन जनमतJune 28, 2021June 28, 202101025 लखनऊ। हिन्दी के शीर्षस्थ कवि व गद्यकार विजेन्द्र के रचनात्मक अवदान पर सार्थक एवं बेहद जरूरी परिचर्चा 27 जुलाई को जूम पर हुई । बीते...
कविता ‘ तेरह साल के लड़के ’उमा रागMarch 16, 2021March 16, 2021 by उमा रागMarch 16, 2021March 16, 202101018 समकालीन जनमत पर प्रस्तुत है कवयित्री देवयानी भारद्वाज की कविता ‘तेरह साल के लड़के’। 12 मार्च को गाज़ियाबाद उत्तरप्रदेश में 13 वर्षीय आसिफ़ नामक एक...
कविता ‘ पांव में छाले आंख में आंसू पीड़ा भरी कहानी लिख/मजदूरों के साथ हुई जो सत्ता की मनमानी लिख ’समकालीन जनमतMay 26, 2020May 27, 2020 by समकालीन जनमतMay 26, 2020May 27, 20204 3572 लखनऊ. कोरोना काल में बड़ी मात्रा में कविताएं रची जा रही हैं। मानव संकट सृजन के लिए आधार बनता है। आज की रचनाओं में भावों...
कविता ‘मजदूर थे वो जब तक सबके ही काम आए/मजबूर हो गए तो सबको ही खल रहे हैं’समकालीन जनमतMay 18, 2020May 19, 2020 by समकालीन जनमतMay 18, 2020May 19, 20206 3659 लखनऊ। लोग कोरोना की चपेट में ही नहीं हैं बल्कि लाॅक डाउन से पैदा हुई अव्यवस्था के भी शिकार हुए हैं, हो रहे हैं। लोगों...
कविता कोरोना काल में कविता संवाद : पहले चार लाठियां मिलती हैं / फिर दो रोटियां / सुन्दरपुर दूर है अभीसमकालीन जनमतMay 4, 2020May 4, 2020 by समकालीन जनमतMay 4, 2020May 4, 202001900 लखनऊ. जन संस्कृति मंच की ओर से फेसबुक पर चलाये जा रहे ‘कविता संवाद’ लाइव कार्यक्रम के तहत 3 मई को आठ रचनाकारों की कोरोना...
कविता कोरोना काल में स्त्री कविता : ‘ये खाई सदियों पुरानी है/यह सूखी रोटी और पिज्जा के बीच की खाई है’समकालीन जनमतApril 28, 2020April 30, 2020 by समकालीन जनमतApril 28, 2020April 30, 20204 2192 जन संस्कृति मंच की ओर से फेसबुक पर चलाये जा रहे ‘कविता संवाद’ लाइव कार्यक्रम के तहत 26 अप्रैल को सात कवयित्रियों की रचनाएं सुनाई...
कविता कोरोना काल में कविता : ‘ रिसते दिखे पाँवों से खून, इस पर क्या लिखूं / दिखे आंखों से बहते खून…..समकालीन जनमतApril 20, 2020April 20, 2020 by समकालीन जनमतApril 20, 2020April 20, 202002844 कविता अपने समय को रचती है और समय भी अपने कवि को बनाता है। कोरोना काल मानव जाति के लिए बड़ा संकट का काल है।...
कविता कोरोना काल में कविता : ‘ प्रेम संवाद की भाषा बन जाए ’समकालीन जनमतApril 13, 2020April 25, 2020 by समकालीन जनमतApril 13, 2020April 25, 202002754 यह कोरोना काल है। पूरी दुनिया इस महामारी के खिलाफ जंग लड़ रही है। लाॅक डाउन चल रहा है। लोग घरों में हैं। सामाजिक व...
ख़बर पटना में चौथा गोरख पांडेय स्मृति आयोजन : गोरख के गीतों-कविताओं का पाठ और गायनसमकालीन जनमतJanuary 30, 2020January 26, 2024 by समकालीन जनमतJanuary 30, 2020January 26, 202403301 मुल्क को फासीवादी शक्तियों से बचाना जरूरी: प्रेम कुमार मणि पटना. ‘‘ कोई भी देश वहां के लोगों से बनता है। आजादी के आंदोलन के...
कविता अजय सिंह की कविताएँ अकेले पड़ जाने का खतरा उठा कर भी अपनी बात कहती हैंसमकालीन जनमतAugust 7, 2019 by समकालीन जनमतAugust 7, 201903087 उषा राय लखनऊ. शिरोज हैंग आऊट कैफे , गोमतीनगर में प्रगतिशील लेखक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कवि और राजनीतिक विश्लेषक अजय सिंह ने अपनी...
चित्रकला कलाकृतियों के अवलोकन और कविता पाठ के साथ हुआ कला कार्यशाला और प्रदर्शनी का समापनसमकालीन जनमतJune 5, 2019 by समकालीन जनमतJune 5, 201912348 आरा ( बिहार ). स्थानीय इंद्र लोक भवन में , कला कम्यून, जसम भोजपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय समकालीन कला कार्यशाला सह प्रदर्शनी के अंतिम...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति मुक्तिबोध मेरे लिए -अच्युतानंद मिश्रसमकालीन जनमतNovember 13, 2018November 13, 2018 by समकालीन जनमतNovember 13, 2018November 13, 201801787 अच्युतानंद मिश्र फ़िराक ने अपने प्रतिनिधि संग्रह ‘बज़्मे जिंदगी रंगे शायरी’ के संदर्भ में लिखा है, जिसने इसे पढ़ लिया उसने मेरी शायरी का हीरा...