समकालीन जनमत

Category : कहानी

कहानी जनमत साहित्य-संस्कृति

जाति-वर्ण का प्रश्न और चतुरी चमार 

दुर्गा सिंह
बतौर नैरेटर/नायक निराला अपनी कहानियों में सकर्मक भूमिका में रहते हैं। सामाजिक परिवर्तन का विचार उनकी कहानियों में स्वाधीनता संघर्ष के विचार के साथ मिलकर...
कहानी जनमत साहित्य-संस्कृति

वास्को डी गामा की साइकिलः लोकतंत्र में उम्मीद और छल की कहानी

समकालीन जनमत
कुँवर प्रांजल सिंह सामान्यतः “आम और ख़ास” बनने की बीमारी और खूबी प्रत्येक भारतीय में लगभग- लगभग पायी जाती है l इस पूरी अवधारणा का...
कहानी

मोहम्मद उमर की कहानी “बशीर”

(इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र मोहम्मद उमर महादेवी वर्मा स्मृति महिला पुस्तकालय से जुड़े हैं . उमर की रिपोर्टिंग, लेख और समीक्षाएं पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते...
कहानी

स्लोवेनियन कहानी ‘ सरप्राइज़ ’ 

समकालीन जनमत
(लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की यह एक बहुचर्चित कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं।...
कहानी

‘ ऐ लड़की ’ : परिवार के व्यर्थताबोध की कहानी

सियाराम शर्मा
अपनी सीमाओं के बावजूद ’ऐ लड़की ’ मृत्यु से मुढभेड़ करती, जीवन का उत्सव मनाती एक स्त्री की अदम्य जिजीविषा की कहानी है। यह संसार...
कहानी

‘रोटी के चार हर्फ़’ सामायिक घटनाओं और सामाजिक विभेद की सरोकारी रचना है

समकालीन जनमत
गति उपाध्याय “रोटी के चार हर्फ़ ” सिर्फ एक कहानी ही नहीं बल्कि एक कथाचित्र है | कहानी पाठकों के दिलदिमाग़ में चित्र खींचती है...
कहानी साहित्य-संस्कृति

दुनिया में जो भी करुणा है, प्रेम है, मौलिकता है वह स्त्रियों के ही कारण है ! : कथाकार शिवमूर्ति

समकालीन जनमत
कोरस के फेसबुक लाइव में 20 सितंबर को हिंदी के प्रसिद्द कथाकार शिवमूर्ति जी तथा समता राय से दीपक ने बातचीत की । कार्यक्रम की...
कहानी

दास्तानगोई परंपरा और स्त्रियों की भूमिका

समकालीन जनमत
बीते रविवार ‘कोरस’ के फेसबुक लाइव ‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ में ‘दास्तानगोई परंपरा और स्त्रियों की भूमिका‘ विषय पर कोरस की साथी समता ने सुप्रसिद्ध...
कहानी

लाॅकडाउन

समकालीन जनमत
हेमंत कुमार  (लाॅकडाउन, हेमंत कुमार की नयी कहानी है। हेमंत कुमार ने समकालीन ग्रामीण यथार्थ को कहानियों में पुनः स्थापित किया है। ‘रज्जब अली ‘...
कहानी

प्रेमचंद की कहानी ‘बूढ़ी काकी’ का पाठ : जश्न-ए-प्रेमचंद में बच्चों की भागीदारी

समकालीन जनमत
31 जुलाई को प्रेमचंद की 140वीं जयंती के अवसर पर समकालीन जनमत 30-31 जुलाई ‘जश्न-ए-प्रेमचंद’ का आयोजन कर रहा है। इस अवसर पर समकालीन जनमत...
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