समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

642 Posts - 0 Comments
ज़ेर-ए-बहस

भाजपा सदस्यों के नाम संगीतकार टी. एम. कृष्णा का ख़त

समकालीन जनमत
प्रसिद्ध संगीतकार टी एम कृष्णा ने आज ‘इंडियन एक्स्प्रेस’ में Dear Members of BJP शीर्षक से यह लेख/ख़त लिखा है। यहाँ उस ख़त का डॉ....
कविता

दिलीप दर्श की कविताएँ सामाजिक द्वन्द्व को उकेरती हैं

कौशल किशोर दिलीप दर्श की रचनात्मक स्थितियां वर्तमान के द्वन्द्व से तैयार होती हैं। इनमें सामाजिक संघर्ष, अतीत की सीखें, शोषक-शासक शक्तियों की पहचान, वर्ग...
स्मृति

प्यारे भाई अरुण पाण्डेय को सादर श्रद्धांजलि!

उर्मिलेश   दिल्ली से बंगाल-चुनाव कवर करने गये कई पत्रकार मित्रों से वहां की राजनीतिक स्थिति को लेकर मेरी फोन पर बातचीत होती रहती थी....
स्मृति

Featured अलविदा अरुण भाई! आपके अरमान, हमारे अरमानों में ज़िंदा रहेंगे, हमेशा !

पंकज श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 1980-90 के बीच सक्रिय रहे तमाम लोगों के लिए 5 मई बुधवार की सुबह बेतरह उदासी में डूबी हुई थी।...
स्मृति

अरुण पाण्डेय को इस तरह नहीं जाना था

प्रियदर्शन अरुण पाण्डेय के कोविडग्रस्त होने और ठीक हो जाने की सूचना मुझे थी। मंगलवार सुबह उनकी पत्नी पुतुल से बात भी हुई- उन्होंने बताया...
स्मृति

Featured मानस बिहारी वर्मा : समाज-चेतस विज्ञान की खोज

कमलानंद झा लंबे समय तक पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के साथ काम करने करने वाले वैज्ञानिक डॉ मानस बिहारी वर्मा वैज्ञानिक-दृष्टि सम्पन्न  समाज की...
स्मृति

कॉमरेड रमेश सरीन को ख़िराज़-ए-अक़ीदत

अर्जुमंद आरा कॉमरेड रमेश सरीन का जीवन एक लंबा संघर्ष था। दो-तीन साल के थे जब किसी बीमारी में उनकी आँखें चली गईं। लेकिन बड़े...
स्मृति

स्मृति शेष कांतिकुमार जैन: अपने लेखन में एक पूरे क़द का आदमी!

प्रकाश कान्त उनसे पहली बार मिलना क़रीब पेैंतालीस साल पहले हुआ था। वे उन दिनों शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गुना में थे। मैं अपनी एक नौकरी...
सिने दुनिया

सिने दुनिया: सिंडलर्स लिस्ट (अमेरिकन): उसकी क़ब्र पर मुहब्बत के गुल दहकते हैं

  सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद हिंदुस्तान ही नहीं, दुनिया के तमाम देश आजाद हुए। हिटलर की सनक के चलते फ्रांस और ब्रिटेन ने जर्मनी...
कविता

प्रमोद पाठक की कविताओं में काव्य ध्वनियाँ संगीत की तरह सुनाई देती हैं

प्रभात इस तरह मेरा झुकना अधर में लटका हुआ छूट गया है.. प्रमोद एन्द्रिकता के कवि हैं। जब वे कविता लिखते हैं उनकी इन्द्रियाँ साँस...
Fearlessly expressing peoples opinion

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy