Tuesday, January 25, 2022

ख़बर

यूपी में योगी राज के आतंक के खिलाफ लोकतंत्र के पक्ष में आएगा जनादेश: दीपंकर भट्टाचार्य

पटना। पांच राज्यों में होने वाला चुनाव काफी महत्वपूर्ण है। यूपी, उत्तराखंड व पंजाब में हमारी पार्टी चुनाव लड़ेगी. यूपी में समाजवादी पार्टी से भाकपा-माले की बातचीत चल रही है और हमें उम्मीद है कि यूपी को योगी राज...

जनमत

अशोक की छवि औरंगजेब की तरह बना कर ‘हिंदी रंगमंच’ को ‘हिन्दू रंगमंच’ बनाने की कोशिश

राजेश कुमार साहित्य अकादमी द्वारा हिंदी नाटक ‘सम्राट अशोक’ के लिए वर्ष 2021 का ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ देने की घोषणा के बाद नाटककार दया प्रकाश...

ग्राउन्ड रिपोर्ट

मल्टीमीडिया

साहित्य-संस्कृति

पार्वती: कवि-कहानीकार शेखर जोशी की अपनी धरती और अपने लोगों से बहुत गहरे प्यार की कविताएँ हैं

सदाशिव श्रोत्रिय मैं देखता हूं कि हमारे अधिकांश लेखक “ नौस्टाल्जिया” शब्द का प्रयोग अक्सर इसके नकारात्मक अर्थ में ही करते हैं । मेरे ख्याल...

पुष्पराग की कविताएँ संवेदना और पर्यावरण को सहेजने की कोशिश हैं

निरंजन श्रोत्रिय   पुष्पराग की कविताओं का मूल स्वर एक ऐसे युवा एक्टिविस्ट का वह तेवर है जो अपने परिवेश में व्याप्त विषमताओं को लेकर सदैव...

समर न जीते न कोय-5

किराये का कमरा नं.-3 मम्फोर्डगंज में ही अशोक कप्तान के यहां एक कमरा, बरामदा सहित 120/- में (बिजली का अलग से) मिल गया। अशोक भाई...

गरीब-भूमिहीन किसानों के मौजूदा हालात को स्पष्टता से प्रस्तुत करती है हेमन्त कुमार की कहानी ‘धर्मदास की गाय’

ओमप्रकाश सिंह अपनी कहानी "धर्मदास की गाय" के जरिए कहानीकार हेमन्त कुमार ने मौजूदा दौर में गरीब भूमिहीन किसानों की सामाजिक आर्थिक स्थिति, उनके संकटों-समस्याओं...

 इंद्रेश मैखुरी : पहाड़ का असल जनप्रतिनिधि

अगर कोई सरल हो, सहज हो। अपने आस-पास के प्रति संवेदनशील हो। किसी भी तरह के अन्याय, शोषण के खिलाफ़ बेहतर समझ और तार्किकता...

बहुजन का नया संस्करण और दलित राजनीति का असमंजस

आर. राम उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सीधे सीधे दो ध्रुवों के बीच की लड़ाई के रूप में सामने आ चुका है जिसे राजनीतिक दल 80-20...

अशोक की छवि औरंगजेब की तरह बना कर ‘हिंदी रंगमंच’ को ‘हिन्दू रंगमंच’ बनाने की कोशिश

राजेश कुमार साहित्य अकादमी द्वारा हिंदी नाटक ‘सम्राट अशोक’ के लिए वर्ष 2021 का ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ देने की घोषणा के बाद नाटककार दया प्रकाश...

चंद्रेश्वर की कविताएँ सरलता और संघर्ष को ज़रूरी जीवन मूल्य के रूप में बरतने का आग्रह हैं

कौशल किशोर चंद्रेश्वर चार दशक से साहित्य सृजन में रत कवि, आलोचक और गद्यकार हैं। उनके तीन कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। ‘अब भी’...

छात्र-युवा संगठन 20 जनवरी से शुरू करेंगे ‘ भाजपा हराओ, शिक्षा-रोजगार बचाओ ’ अभियान

वाराणसी। यूपी मांगे रोजगार अभियान से जुड़े छात्र- युवा संगठन व रोजगार आंदोलन के प्रतिनिधियों ने आज पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस...

यूपी में योगी राज के आतंक के खिलाफ लोकतंत्र के पक्ष में आएगा जनादेश: दीपंकर भट्टाचार्य

पटना। पांच राज्यों में होने वाला चुनाव काफी महत्वपूर्ण है। यूपी, उत्तराखंड व पंजाब में हमारी पार्टी चुनाव लड़ेगी. यूपी में समाजवादी पार्टी से...

साधारण लोग असाधारण शिक्षक: निराशा के कुहासे को काटती कहानियाँ

प्रतिभा कटियार सरल होना इतना कठिन क्यों होता है आखिर? सीधी सी बात होती है फिर वह भाषा के जाल में उलझकर क्यों एक पहेली...

रिक्त स्थान और अन्य कविताएँ: इन कविताओं से गुज़रते हुए प्रेम और कोमलता की बहुत सारी तहों से हमारा साबिका पड़ता है

प्रियदर्शन ऐसी कई किताबें हैं जिन पर पिछले दिनों लिखने की इच्छा होती रही लेकिन लिखना टलता रहा। शिवप्रसाद जोशी का कविता संग्रह 'रिक्त स्थान...

कल्पना पंत की कविता अबोध-अनछुए मौलिक जीवन को बचाने की आकांक्षा है

कल्पना मनोरमा कविता क्या है? कोई मुझसे पूछे तो मैं यही कहूँगी कि कविता एक निहायत ज़रूरी ज्योतित आवाज़ है. जो पहले उसे जगाती है...

समर न जीते कोय-4

किराये के मकान और मकान मालिकान किराये का मकान नं0-2 राजकीय शिशु प्रशिक्षण महिला महाविद्यालय, इलाहाबाद में अप्रैल 1979 में मेरा एडमिशन हो गया। घर से...

समाजवादी नेता मधु लिमये को श्रद्धांजलि: हरीश खन्ना

हरीश खन्ना आज समाजवादी नेता मधु लिमये की पुण्य तिथि है। 8 जनवरी, 1995 को उनका निधन हुआ था। महाराष्ट्र में जन्मे मधु जी चार...
आर. राम उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सीधे सीधे दो ध्रुवों के बीच की लड़ाई के रूप में सामने आ चुका है जिसे राजनीतिक दल 80-20...
 स्टेंडअप कामेडियन मुनव्वर फारूकी बंगलौर में एक परोपकारी संस्था के लिए अपना शो करने वाले थे. पूरे टिकट बिक चुके थे. फिर आयोजकों को...
जयप्रकाश नारायण भारत विभाजन और 1947 की आजादी के बाद भारत में घटित होने वाली सभी घटनाओं और उसके चरित्र  को देखने के नजरिए...
जयप्रकाश नारायण भारत की अवधारणा, संविधान द्वारा निर्देशित भारतीय राष्ट्र-राज्य की अवधारणा से संघ-नीत भाजपा सरकार का टकराव सीधे-सीधे सामने आ गया है। इन...
सिलेबस से बाहर की गई रचनाओं को बहाल करे दिल्ली विश्वविद्यालय- दस संगठनों का संयुक्त बयान साम्प्रदायिक फासिस्ट शक्तियां स्वभावतः साहित्य, संस्कृति और वैज्ञानिक शिक्षा...
जयप्रकाश नारायण  किसान आंदोलन का भविष्य (आखिरी कड़ी) किसान आन्दोलन  को इस समय तीन मोर्चों पर संघर्ष को आगे बढ़ाना होगा। पहला मोर्चा उन्होंने 26-27 तारीख को...