समकालीन जनमत
जनमत ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-नौ

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  किसान आंदोलन की अग्रगति और केंद्र सरकार का रवैया हम सभी जानते हैं, कि किसी भी राष्ट्रीय, सामाजिक, आर्थिक संकट का  समाधान निकालने...
नाटक

 प्रेमचंद जयंती पर नाटक ‘ मोटेराम शास्त्री ’ का मंचन

समकालीन जनमत
बेगूसराय। जसम की नाट्य इकाई रंगनायक द लेफ्ट थियेटर ने प्रेमचंद जयंती पर तिलकनगर में प्रेमचंद की कहानी ‘ मोटेराम शास्त्री ‘  का डिजिटल मंचन...
जनमत ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-आठ

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  अखिल भारतीय स्वरूप लेता किसान आंदोलन दिल्ली को घेरे हुए किसानों के पड़ाव के मजबूत होते ही  देश के अन्य भागों में किसान...
सिने दुनिया

सिने दुनिया: बिफोर ट्रायलॉजी (बिफोर सनराइज, बिफोर सनसेट, बिफोर मिडनाइट) (अमेरिकन): तमाम उम्र सताती है उस एक रात की याद…

फ़िरोज़ ख़ान
  ट्रेन हंगरी के शहर बुडापेस्ट से पेरिस जा रही है। एक अमेरिकन लड़का जेसी अपनी प्रेमिका से रिश्ता खत्म करके अमेरिका लौट रहा है...
कविता

सुशील कुमार की कविताएँ मौजूदा सत्ता संरचना और व्यवस्था का प्रतिपक्ष रचती हैं

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   मुक्तिबोध कालयात्री की बात करते हैं। मतलब कविता अपने काल के साथ सफर करती है । उसका अटूट रिश्ता काल से है...
ख़बर

युगद्रष्टा रचनाकार थे प्रेमचंद : वीरेन्द्र यादव

दरभंगा (बिहार)। एल.सी.एस. काॅलेज, दरभंगा में महाविद्यालय तथा ‘जन संस्कृति मंच,दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में 141 वें प्रेमचंद-जयंती समारोह के अवसर पर ऑनलाइन तथा ऑफलाइन...
ख़बर

प्रेमचंद हमारे लिए आज भी जरूरी – शिवमूर्ति

‘कामरेड गंगा प्रसाद’ पुस्तिका का विमोचन तथा फ़रज़ाना महदी का कहानी पाठ लखनऊ। महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की 141 वीं जयंती के मौके पर जन...
जनमत ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-सात

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  किसान आन्दोलन का नया मोर्चा- गाजीपुर बार्डर  किसान धीरे-धीरे दिल्ली की सीमा पर जम रहे थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में  मजबूत जनाधार वाली...
जनमत ज़ेर-ए-बहस

किसान आन्दोलनः आठ महीने का गतिपथ और उसका भविष्य-छः

समकालीन जनमत
जयप्रकाश नारायण  पंजाब और हरियाणा की किसान एकता 26 और 27 नवम्बर  की  रात को किसान सिंघु, टीकरी  बॉर्डर की सड़कों पर बैठकर व्यतीत किये।...
शख्सियत

प्रेमचंद और भारतीय किसान: सुधीर सुमन 

प्रेमचंद की कृतियों में भारतीय समाज के विस्तृत चित्र मिलते हैं। उनका साहित्य ऐतिहासिक दस्तावेज की तरह है। शायद ही ऐसा कोई चरित्र या सामाजिक...
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