समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

साहित्य-संस्कृति

मज़दूर दिवस पर कविता पढ़ , गीत गाकर मेहनतकशों के योगदान को याद किया 

रायपुर. ” आज देश की बागडोर उन हाथों में चली गई है जिनका न तो आज़ादी के आंदोलन में कोई योगदान रहा है और न...
पुस्तक

संस्कृति को समझने की गंभीर कोशिश करती एक किताब

राकेश वेदा आलोक टंडन की पुस्तक ‘संस्कृति’ आज के समय में संस्कृति को समझने की एक गंभीर और विचारोत्तेजक कोशिश है। यह पुस्तक संस्कृति को...
पुस्तक

जलवायु संकट का इतिहास

2025 में वर्सो से जोएल वेनराइट की किताब ‘द एन्ड: मार्क्स, डार्विन, ऐंड द नेचुरल हिस्ट्री आफ़ द क्लाइमेट क्राइसिस’ का प्रकाशन हुआ । लेखक...
साहित्य-संस्कृति

” स्वरूप तादात्म्य से लिखी गई पुस्तक है अक्क महादेवी ” 

समकालीन जनमत
मऊ। राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ और  जन संस्कृति मंच, मऊ के तत्वावधान में 26 मई को कवि सुभाष राय की चर्चित कृति ‘दिगंबर विद्रोहिणी अक्क...
साहित्य-संस्कृति

जातिमुक्त लोकतांत्रिक भारत : बाबासाहब का विज़न

समकालीन जनमत
डॉ. आंबेडकर की 136वीं जयंती पर ‘हम देखेंगे’ : अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रतिरोध अभियान की विचारगोष्ठी रपट — सौरभ कुमार बाबासाहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की...
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जसम, छत्तीसगढ़ का पहला राज्य सम्मेलन सम्पन्न

समकालीन जनमत
  बुद्धिजीवी तो वहीं है, जो सूरज के धब्बे को भी उंगली दिखाकर कहेगा कि वहां धब्बा है- रामजी राय रायपुर. न्याय आज्ञाकारिता से ऊपर...
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फासीवाद के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ जसम का पहला राज्य सम्मेलन 12 अप्रैल को

समकालीन जनमत
देश के नामचीन लेखक, साहित्यकार, प्रबुद्धजन और विचारक जुटेंगे सम्मेलन में. रायपुर. फासीवाद के ख़िलाफ़- सृजन और प्रतिरोध जैसे महत्वपूर्ण विषय पर केंद्रित जन संस्कृति...
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जन संस्कृति मंच, झारखण्ड का पांचवां राज्य सम्मेलन नयी कार्यकारिणी के चुनाव तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ सम्पन्न

समकालीन जनमत
सुरेंद्र बेदिया झारखंड जन संस्कृति मंच के नये सचिव, शंभु बादल अध्यक्ष और जावेद इस्लाम कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गये 71 सदस्यीय राज्य परिषद, 25 सदस्यीय...
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झारखंड जन संस्कृति मंच का पाँचवा राज्य सम्मेलन का आरंभ

समकालीन जनमत
जन संस्कृति सामूहिकता से पैदा होती है: मेघनाथ रामगढ : 4 अप्रैल 2026 आज रामगढ में आयोजित झारखंड जन संस्कृति मंच के दो दिवसीय पाँचवे...
स्मृति

साहित्य में नक्सलबाड़ी चेतना के प्रतीक थे कॉमरेड कंचन कुमार

समकालीन जनमत
मनीष आज़ाद कॉमरेड कंचन कुमार से मेरी पहली मुलाकात देहरादून में हुई थी. उस वक़्त हम वर्ल्ड सोशल फोरम (WSF 2004) के खिलाफ “Mumbai Resistance”...
साहित्य-संस्कृति

नुक्कड़ लाइव थियेटर फेस्टिवल : चार नाटकों का मंचन, जन गायक कृष्ण कुमार निर्मोही का सम्मान

समकालीन जनमत
बेगूसराय ( बिहार )।  रंगनायक द लेफ्ट थियेटर जसम द्वारा दिनकर कला भवन के मुख्य द्वार पर 28 फरवरी और एक मार्च को ” खामोशी...
साहित्य-संस्कृति

गजलों में छिपे हुए सच को कहने का साहस है – डॉ जीवन सिंह

डॉ डी एम मिश्र के ग़ज़ल संग्रह का लोकार्पण लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से डॉ डी एम मिश्र के नये ग़ज़ल संग्रह...
कविता

गरिमा सिंह की कविताएँ स्मृति और अनुभव के परिष्कार से निर्मित हैं

समकालीन जनमत
सुमन शेखर गरिमा सिंह की कविताएँ मूलतः स्मृति और अनुभव के परिष्कार से निर्मित एक ऐसी संवेदनात्मक भूमि है, जहाँ स्त्री-अस्मिता, अस्तित्वगत बेचैनी और काव्य-रूढ़ियों...
साहित्य-संस्कृति

वर्ग की अवधारणा को खंडित नहीं करता, बल्कि व्यापक बनाता है अस्मितावाद : डॉ रामायन राम

समकालीन जनमत
अनिल सिन्हा स्मृति व्याख्यान दलित चेतना के कवि आशाराम जागरथ और सी बी भारती ने कविताएं सुनाईं लखनऊ। ” अस्मितावाद न तो सर्वहारा को विभाजित...
कविता

बलराम कांवट की कविताएँ एक समावेशी दुनिया का ख़्वाब रचती हैं

उमा राग
 मनीष कुमार यादव ”जंगल में दूर किसी टहनी पर झूलती बया अब तक इसी भरोसे पर सहती आयी है इस विपदा को कि थोड़ी देर...
साहित्य-संस्कृति

“ प्रो तुलसीराम दर्शन की मुक्तिकामी धारा के अन्वेषी चिंतक थे ”

राम नरेश राम
आजमगढ़।  प्रो तुलसीराम स्मृति आयोजन 15 फरवरी, 2026 को आज़मगढ़ के तमसा प्रेस क्लब में ‘ चिंतन की प्रतिरोधी परंपरा और प्रो. तुलसीराम ‘ विषय...
कवितानई क़लम

सत्यव्रत की कविताएँ आदिम संवेदनाओं का एक कोलाज हैं।

समकालीन जनमत
विनय सौरभ सत्यव्रत की इन कविताओं से गुज़रते हुए यह स्पष्ट होता है कि ये कविताएँ आधुनिक जीवन की विडंबनाओं, महानगर के दमघोंटू यथार्थ और...
साहित्य-संस्कृति

डॉ.रामबाबू आर्य जसम दरभंगा के अध्यक्ष और समीर कुमार सचिव बने

समकालीन जनमत
दरभंगा। प्रसिद्ध इंकलाबी शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की जयंती के अवसर पर 13 फरवरी को नागार्जुन नगर स्थित प्रो.राजेंद्र कुमार स्मृति सभागार (बी. एम.क्लासेज) में...
स्मृति

इलाहाबाद में प्रो. राजेन्द्र कुमार को गहरी आत्मीयता से याद किया गया

समकालीन जनमत
इलाहाबाद। कवि-आलोचक प्रोफेसर राजेंद्र की स्मृति में रविवार को अंजुमन रुहे अदब परिसर में स्मृति सभा आयोजित हुई। स्मृति सभा में  प्रोफेसर राजेंद्र कुमार को...
कविता

सत्या शर्मा ‘कीर्ति’ की कविताएँ स्त्री जीवन की जटिल सच्चाइयों को सहजता से उद्घाटित करती हैं

समकालीन जनमत
प्रज्ञा गुप्ता “तीस पार की नदियां” और ‘सीझते हुए सपने’ संग्रह की कवयित्री सत्या शर्मा कीर्ति की कविताओं में स्त्रियों का जीवन पूरी संवेदना के...
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