Category : जेरे बहस

जेरे बहस स्मृति

नेहरू और फासीवाद : संघ विरोध के मायने

मुकेश आनंद
स्मृति दिवस पर विशेष 1917 ईस्वी में रूस में सम्पन्न हुई मजदूरों की क्रांति ने सारी दुनिया के समाजों के प्रतिक्रियावादी तत्वों को भयभीत, चौकन्ना...
जेरे बहस

दिल्ली पुलिस ने बदला ‘आपदा’ को ‘अवसर’ में

समकालीन जनमत
संजीव कुमार हत्यारों के लिए, हत्यारों के साथ, सदैव! दिल्ली पुलिस ने जिस तरह आपदा को अवसर में बदला है, वह अभूतपूर्व है. कल ‘पिंजरा...
जेरे बहस

मजदूरों की यातना का समाधान है-भूमि सुधार !

समकालीन जनमत
डॉ. आर. राम   महामारी और तालाबंदी से बेरोजगार होकर सड़कों पर बदहाल हालत में पैदल अपने घरों को जाते हुये मरते-खपते   मजदूरों की तस्वीरें...
जेरे बहस

क्या शराब की बिक्री से ही सम्भव होती है कर्मचारियों की तनख्वाह ?

एक जमाने में पंकज उदास की गायी यह गज़ल काफी लोकप्रिय हुई थी : हुई मंहगी बहुत शराब थोड़ी-थोड़ी पिया करो लॉकडाउन में शराब की...
जेरे बहस

“ सभी मॉडल व्यर्थ साबित हुए हैं, अलबत्ता उनमें कुछ उपयोगी हैं ”

समकालीन जनमत
‘केरल मॉडल’ अगर कामयाब हुआ तो ज़रूरी नहीं कि सारे मॉडल पास होंगे। आख़िर जॉर्ज बॉक्स ने कहा भी तो है “सभी मॉडल व्यर्थ साबित...
जेरे बहस

भूख, भोजन, चोरी, आत्महत्या और अपराध बोध

सुशील मानव
क्या आपने किसी अडानी, अंबानी, माल्या, मोदी, टाटा, बिड़ला को किसी अपराधबोध या ग्लानिबोध से भरे देखा, सुना है क्या ?...
जेरे बहस

महाजनी सभ्यता और महामारी के सबक

समकालीन जनमत
डॉ. दीना नाथ मौर्य सभ्यता के विकासक्रम में मानव जाति पर समय-समय पर आयी प्राकृतिक आपदाओं के ऐतिहासिक अनुभव से यह सीख ली जा सकती...
जेरे बहस

डराने के बजाय स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने पर ध्यान दे उत्तराखंड सरकार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पिछले दिनों उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने का जो अनुमान जाहिर किया,वह भयावह है. मुख्यमंत्री तो...
जेरे बहस

आर्थिक पैकेज-लघु व मध्यम उद्योगों को शीर्षासन कराती मोदी सरकार

भारत एक गहरे आथिक संकट के जाल में फंसा है. यह आर्थिक संकट का जाल कोरोना की ही देन नहीं है, बल्कि कोरोना पूर्व का...
जेरे बहस

वे लौट रहे हैं…

डॉ. रामायन राम
वे लौट रहे हैं, खुद को घसीटते हुए। अपनी गठरी, मोटरी, बच्चे समेत रेल की पटरियों पर, सड़कों पर, साइकिलों पर, ट्रकों में आलू के...
जेरे बहस

रोटी, दवा, सुरक्षा जरूरी है या पुष्प वर्षा ?

रीता शर्मा ऐसे समय जबकि हम “कोरोना महामारी” से जूझ रहे हैं और 21 मार्च से लगातार देश बंदी के चलते श्रमिक वर्ग, प्राइवेट नौकरी...
जेरे बहस

वन्यजीवों के व्यापार का चौंकाने वाला इतिहास और कोविड-19

ब्रायन बार्थ विगत 40 वर्षों में, चीन की सरकार ग्रामीण आर्थिक विकास के तौर पर वन्यजीव व्यापार को बढ़ावा देती आई है। लेकिन इस सर्दी...
जेरे बहस

 लॉक डाउन में बंद घरों में हिंसा की शिकार होती महिलाएं

समकालीन जनमत
सरोजिनी बिष्ट एक तरफ दुनिया करोना से लड़ रही है तो वहीं इसके वजह से पैदा हुए लॉक डाउन ने प्रत्येक मनुष्य के जीवन को...
जेरे बहस

भारत को धमकाने के बजाय क्यूबा से दवाई क्यूँ नहीं ले रहा है अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कोरोना वाइरस के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवाई हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के लिए भारत को धमकाए जाने का मामला सुर्खियों...
जेरे बहस

भारत में कोरोना से कैसा युद्ध- अस्पताल साधनहीन, जनता बेसहाय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन के शुक्रवार को दिए बयान के अनुसार भारत ने 8 जनवरी से ही कोरोना के खिलाफ तैयारी शुरू कर दी...
जेरे बहस

घरेलू महिलाओं के श्रम की ‘अनुत्पादकता’ पर एक नज़र

समकालीन जनमत
आशीष मिश्र   औरतें यहाँ नहीं दिखतीं हमारी सामाजिक व्यवस्था का केन्द्र परिवार है। और स्त्री-जीवन का केन्द्र इस परिवार का रसोई घर! इसे यहाँ...
जेरे बहस

‘हम देखेंगे’: सृजन एवं विचार के हक़ में

लेखकों एवं कलाकारों का कन्वेन्शन 1 मार्च 2020, जंतर मंतर, दिल्ली सुभाष गाताडे दिल की बीरानी का क्या मज़कूर है यह नगर सौ मर्तबा लूटा...
जेरे बहस

सीएए-एनपीआर-एनआरसी के विरोध में लेखकों और कलाकारों के अखिल भारतीय कन्वेंशन “हम देखेंगे” में अरुंधति रॉय का बयान

समकालीन जनमत
1 मार्च, 2020 प्यारे दोस्तों, साथियों, लेखकों और फ़नकारों ! यह जगह जहाँ हम आज इकठ्ठा हुए है, उस जगह से कुछ ज़्यादा फ़ासले पर...
जेरे बहस

ध्रुवीकरण और दंगेः स्वस्थ लोकतंत्र के लिये बातचीत एक निर्णायक तत्व

समकालीन जनमत
सागरिका घोष मज़हबी हिंसा की तस्वीरों ने दिल्ली को दहला दिया है। हंगामेदार और ध्रुवीकृत चुनाव अभियानों में शीर्ष नेताओं  के सी0ए0ए0 विरोधी प्रदर्शनों को निशाना...