Category : जेरे बहस

जेरे बहस

शोर ने गंभीर पत्रकारिता की जगह ले ली है और यह देश के जनतंत्र पर सबसे बड़ा खतरा है! : बी.बी.सी. पत्रकार प्रियंका दुबे

समकालीन जनमत
कोरस के फेसबुक लाइव में रविवार 26 जुलाई को बीबीसी पत्रकार प्रियंका दुबे से मीनल ने बातचीत की l प्रियंका हिंदुस्तान टाइम्स, तहलका और कारवां...
जेरे बहस

राजनीतिक कैदियों की मोदी की सूची के बढ़ते जाने पर चुप्पी के लिये भारतीयों को पछताना पड़ेगा

( वरिष्ठ पत्रकार शिवम विज का यह लेख  ‘ द प्रिंट ’  में 29 जुलाई को प्रकाशित हुआ है। समकालीन जनमत के पाठकों के लिए...
जेरे बहस

रसभरीः स्त्री-देह सम्बन्धी सोच को सामने लाती वेब सीरीज़

हमारे हिंदी समाज का ‘नाॅर्मल’ ‘एब्नार्मल’ से बना है। इसलिए, जब कभी मनुष्यगत मूलभूत और सामान्य बात-व्यवहार, कला रचना या किसी ऐसी चीज से हमारा...
जेरे बहस

जब कवि के गीत अस्त्र बन जाते हैं

वरवर राव तेलगु भाषा में कविता करते हैं. वे पी.एच.डी हैं. उनके पी.एच.डी. थीसिस का विषय था- तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष और इतिहास. 40 साल तक...
जेरे बहस

क्लीनिकल ट्रायल पूरा हुए बिना वैक्सीन को 15 अगस्त तक बाजार में लाने की घोषणा का मकसद क्या है ?

आईसीएमआर व भारत बायोटेक द्वारा तैयार की जा रही कोरोना वैक्सीन को 15 अगस्त तक बाजार में लाने की घोषणा की जा चुकी है जबकि...
जेरे बहस

अमेरिका में जातीय भेदभाव

अमेरिका में पिछले दिनों भारी उथल-पुथल रही. एक अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस द्वारा हत्या किए जाने का मामला सामने आने के बाद अश्वेतों के...
जेरे बहस

हम पितृसत्ता के खिलाफ हैं, पुरुषों के नहीं: कमला भसीन

समकालीन जनमत
(‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ शृंखला के अंतर्गत रविवार 28 जून को कोरस के फेसबुक पेज से प्रसिद्ध नारीवादी कार्यकर्ता, कवि और समाज विज्ञानी कमला भसीन...
जेरे बहस

कोरोना काल में महिलाओं की दुनिया : घर और बाहर

समकालीन जनमत
डॉ.दीना नाथ मौर्य गायत्री अपने पति और बच्चों के साथ मुम्बई के धारावी इलाके में पिछले 20 सालों से रहती हैं। मूल रूप से उत्तर-प्रदेश...
कहानी जेरे बहस

‘नमक का दरोगा’ में नमक का किरदार

Chandan Pandey
‘नमक का दरोगा’ कहानी को कैसे पढ़ा जाये, यह प्रश्न यदा-कदा कौंध जाता है. पिछले दिनों कथाकार उमाशंकर चौधरी ने इस कहानी के अंत पर...
जेरे बहस

हिंदी कविता में हिंदुत्व का प्रिस्क्रिप्शन

राजन विरूप
“दुर्भाग्यवश, हिंदी-साहित्य के अध्ययन और लोक-चक्षु-गोचर करने का भार जिन विद्वानों ने अपने ऊपर लिया है, वे भी हिंदी साहित्य का संबंध हिंदू जाति के...

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