जनमत प्रवासी मजदूर जिनका कोई वतन नहींमनोज कुमार सिंहMay 27, 2020May 27, 2020 by मनोज कुमार सिंहMay 27, 2020May 27, 202003501 कोविड-19 को लेकर हुए लॉक डाउन के बाद हमारे देश में प्रवासी श्रमिकों की समस्या सबसे बड़े रूप में उभर कर सामने आई है. वे...
जनमत कोरोना और ईद-उल-फ़ित्र के बीच प्रवासी मज़दूरसमकालीन जनमतMay 25, 2020May 27, 2020 by समकालीन जनमतMay 25, 2020May 27, 202002320 आरफ़ा अनीस पूरी दुनिया इस वक़्त कोरोना नामक वैश्विक महामारी की चपेट में है। सीमित संसाधनों और ग़लत राजनीतिक नीतियों के बीच भारत में अब...
जनमत निर्धन निर्माण अभिकरणों का योगदान और बेरोजगारी जनार्दनMay 21, 2020May 21, 2020 by जनार्दनMay 21, 2020May 21, 20202 2474 मेहनत करने के बाद भी निर्धनता का विलोपन न होना अप्राकृतिक है. अप्राकृतिक निर्धनता का सर्जन शक्तिशाली संस्थाओं द्वारा होता है, जिसे वह अपनी जन-विरोधी...
जनमत जीवन-संघर्ष का करुण कोलाहलसमकालीन जनमतMay 21, 2020May 21, 2020 by समकालीन जनमतMay 21, 2020May 21, 202003208 श्रमिकों की बदहाल अवस्था और उनकी दुर्दशा के बहाने पूंजीवादी व्यवस्था का वह वीभत्स रूप हमारे सामने है जहाँ निम्न वर्ग के जीवन का कोई...
जनमत एक हौलनाक़ सफ़रनामासमकालीन जनमतMay 18, 2020May 19, 2020 by समकालीन जनमतMay 18, 2020May 19, 202002012 इस त्रासद कहानी की जड़ें एक ओर मजदूरों के मालिकों और केन्द्रीय सरकार और दूसरी ओर उनके अपने राज्य की सरकारों की नाकामी में निहित...
जनमत पैदल चले जा रहे मज़दूरों पर इतनी चुप्पी क्यों है ?समकालीन जनमतMay 15, 2020 by समकालीन जनमतMay 15, 202002754 अनामिका 1960 में एक फ़िल्म आई थी, ‘उसने कहा था’. हिन्दी के सुप्रसिद्ध कहानीकार चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी पर आधारित है. फिल्म का एक...
जनमत 1857 की विरासत इस देश के गरीब, मजदूर, किसान और नौजवान के संघर्ष की सच्ची विरासत है : प्रो. चमन लालसमकालीन जनमतMay 11, 2020May 11, 2020 by समकालीन जनमतMay 11, 2020May 11, 20206 2763 समकालीन जनमत के फेसबुक पेज पर लाइव चल रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में 10 मई को प्रोफेसर चमनलाल ने हिंदुस्तान की पहली जंगे आजादी पर...
जनमत लॉकडाउन और बच्चों की मौतसमकालीन जनमतMay 9, 2020May 9, 2020 by समकालीन जनमतMay 9, 2020May 9, 20203 2233 देश में हर साल कुपोषण और भुखमरी से लाखों बच्चें मर जाते हैं, जबकि यहां अनाज से गोडाउन भरे पड़े हैं. ऐसे में भूख से...
जनमत लॉकडाउन और किसानों की स्थितिसमकालीन जनमतMay 8, 2020May 8, 2020 by समकालीन जनमतMay 8, 2020May 8, 202001353 शशिकान्त त्रिपाठी रबी की फसल का अंतिम महीना और ऊपर से लॉकडाउन ज़रा सोचिए कि किसानों की क्या स्थिति होगी, सबसे पहले हम सम्पूर्णता में...
जनमतसिनेमा ‘ चारुलता ‘ की मार्फ़त सत्यजित राय की सिनेमाई नज़र पर कुछ गुफ़्तगूआशीष कुमारMay 6, 2020May 7, 2020 by आशीष कुमारMay 6, 2020May 7, 202003549 सत्यजित राय की ' चारुलता ' को देखना, समझना और लिखना न सिर्फ सिनेमा की बारीकियों से वाक़िफ होना है बल्कि किरदारों के अन्तर्जगत में...
जनमत कोविड-19 के संकट को सामूहिक प्रतिरोध और सामाजिक बदलाव के अवसर में बदलने की जरूरत दीपंकर भट्टाचार्यMay 6, 2020May 6, 2020 by दीपंकर भट्टाचार्यMay 6, 2020May 6, 20204 2198 मार्क्स पूरी तरह से क्रांतिकारी यथार्थवादी थे। उनके लिए बुनियादी पदार्थ ही यथार्थ था। गति पदार्थ के अस्तित्व का रूप है। उनके चिंतन की जड़ें...
जनमत मजदूर वर्ग न झुका, ना टूटा है, वह आगे ही बढ़ता गया हैरवि भूषणMay 2, 2020May 2, 2020 by रवि भूषणMay 2, 2020May 2, 202002785 लाॅक डाउन करने वाला मजदूर आज स्वयं लॉक डाउन में है. केवल मजदूर और श्रमिक वर्ग ही नहीं उनका साथ देने वाले व्यक्ति, समूह, संगठन...
जनमत बच्चे, दुनिया के सबसे अधिक शोषित और असहाय मजदूर !जनार्दनMay 2, 2020May 2, 2020 by जनार्दनMay 2, 2020May 2, 202002105 निदा फ़ाज़ली के दो शे’र हैं – घास पर खेलता है इक बच्चा पास माँ बैठी मुस्कुराती है मुझे हैरत है जाने क्यूं दुनिया काबा...
जनमत वैश्विक महामारी के दौर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवसदीपंकर भट्टाचार्यMay 1, 2020May 2, 2020 by दीपंकर भट्टाचार्यMay 1, 2020May 2, 202002281 मई दिवस अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस है। इसकी प्रेरणा एक दिन में काम के घंटे तय करने के पहले बड़े संघर्ष से मिली। इस संघर्ष की...
जनमत मेहनतकशों की लड़ाई ही देश को बचाएगीसमकालीन जनमतMay 1, 2020May 1, 2020 by समकालीन जनमतMay 1, 2020May 1, 202001021 श्रमशील वर्ग की लड़ाई हर श्रम शील मनुष्य की रोटी, सम्मान, और समाज में अमन और एकजुटता के लिए है....
जनमतस्मृति सफ़र अभी मुक़म्मल नहीं हुआ !समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 2020 by समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 20203 2196 आशीष कुमार क्या उन सब्ज आंखों को भुलाया जा सकता है ? क्या उस बेतकल्लुफ़ और बेपरवाह हंसी को समेटा जा सकता है ?क्या कला...
जनमत महामारी के उद्यमीराजन विरूपApril 28, 2020April 28, 2020 by राजन विरूपApril 28, 2020April 28, 20200824 हम उलट कर बोलते हैं - जहान है तो जान है. जहान मतलब यह पूंजीवादी अर्थव्यवस्था और यह बात ग्लोबल सत्य है...
जनमत महामारी के दौर में कितना असुरक्षित है देश का ‘नया मजदूर’ ?मीनलApril 26, 2020April 30, 2020 by मीनलApril 26, 2020April 30, 202001647 ये न तो गरीब हैं, जो फिलहाल भूख से मर रहा है और न ही ये वे लोग हैं जिनको सरकार किसी किस्म की आर्थिक...
जनमत कोरोना वायरस और नवउदारवादी अर्थव्यवस्था का संकटसमकालीन जनमतApril 24, 2020April 30, 2020 by समकालीन जनमतApril 24, 2020April 30, 202003020 नवउदारवादी अर्थव्यवस्था जब आज वैचारिक संकट में है तब इसकी सबसे बड़ी क़ीमत मज़दूरों से ली जा रही है. ये क़ीमत उनके मौत तक जाती...
जनमत कोरोना क़हर के बीच फैलता नफ़रत का वायरस राम पुनियानीApril 19, 2020April 25, 2020 by राम पुनियानीApril 19, 2020April 25, 202001987 समाज के कमज़ोर वर्गों के मानवाधिकारों के उल्लंघन और उनके खिलाफ हिंसा के पीछे अक्सर बेबुनियाद धारणाएं होतीं हैं. भारत में सन 1980 के दशक...