कविता रेखा चमोली की कविताएँ हाशिए की आवाज़ हैंसमकालीन जनमतDecember 6, 2020December 7, 2020 by समकालीन जनमतDecember 6, 2020December 7, 202001838 आशीष कुमार कविता अपने बचाव में हथियार उठाने का विचार है साहस की सीढ़ियां है कविता उमंग है उत्साह है खुद में एक बच्चे को...
सिनेमा मार्गरीटा विद ए स्ट्रॉ: ज़िंदगी मुख़्तसर सी मिली थी हमें, हसरतें बेशुमार ले के चलें !आशीष कुमारAugust 4, 2020August 6, 2020 by आशीष कुमारAugust 4, 2020August 6, 202002566 यह ‘लैला'(कल्कि कोचलिन)की दुनिया है।लैला यानी ‘सेरेब्रल पॉल्सी’ की शिकार।वह शतरंज खेलती है।फेसबुक चलाती है। संगीत सुनती है। धुने बनाती है। डांस भी करती है।...
स्मृति असाधारण का वैभव और साधारण का सौंदर्य : बासु चटर्जीआशीष कुमारJune 5, 2020June 7, 2020 by आशीष कुमारJune 5, 2020June 7, 202002374 अनायास नहीं, कुछ संबंध सायास भी जुड़ते हैं । मुकम्मल याद नहीं मुझे, लेकिन पहली बार टेलीविजन पर ‘रजनीगंधा’ देखा था। उस समय तक मैं...
जनमतसिनेमा ‘ चारुलता ‘ की मार्फ़त सत्यजित राय की सिनेमाई नज़र पर कुछ गुफ़्तगूआशीष कुमारMay 6, 2020May 7, 2020 by आशीष कुमारMay 6, 2020May 7, 202003563 सत्यजित राय की ' चारुलता ' को देखना, समझना और लिखना न सिर्फ सिनेमा की बारीकियों से वाक़िफ होना है बल्कि किरदारों के अन्तर्जगत में...
जनमतस्मृति सफ़र अभी मुक़म्मल नहीं हुआ !समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 2020 by समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 20203 2197 आशीष कुमार क्या उन सब्ज आंखों को भुलाया जा सकता है ? क्या उस बेतकल्लुफ़ और बेपरवाह हंसी को समेटा जा सकता है ?क्या कला...