Category : जनमत

जनमत

प्रवासी मजदूर जिनका कोई वतन नहीं

कोविड-19 को लेकर हुए लॉक डाउन के बाद हमारे देश में प्रवासी श्रमिकों की समस्या सबसे बड़े रूप  में उभर कर सामने आई है. वे...
जनमत शिक्षा

स्कूली बच्चे और ऑनलाइन पढ़ाई: क्या हम तैयार हैं?

समकालीन जनमत
डॉ. दीना नाथ मौर्य पिछले दिनों स्पेन में जब 49 दिनों की तालाबंदी के बाद बच्चों को खेलने के लिए पार्कों में ले जाया गया...
खबर जनमत

डूटा के रेफरेंडम से सामने आई ऑनलाइन परीक्षा की हक़ीक़त

समकालीन जनमत
राजीव कुँवर कुछ साल पहले जब आप दिल्ली विश्वविद्यालय आए होंगे तब मैट्रो स्टेशन का नाम था ‘विश्वविद्यालय’। अब उसका नाम बदले हुए रंग में...
जनमत

कोरोना और ईद-उल-फ़ित्र के बीच प्रवासी मज़दूर

समकालीन जनमत
आरफ़ा अनीस पूरी दुनिया इस वक़्त कोरोना नामक वैश्विक महामारी की चपेट में है। सीमित संसाधनों और ग़लत राजनीतिक नीतियों के बीच भारत में अब...
जनमत

निर्धन निर्माण अभिकरणों का योगदान और बेरोजगारी    

जनार्दन
मेहनत करने के बाद भी निर्धनता का विलोपन न होना अप्राकृतिक है. अप्राकृतिक निर्धनता का सर्जन शक्तिशाली संस्थाओं द्वारा होता है, जिसे वह अपनी जन-विरोधी...
जनमत

जीवन-संघर्ष का करुण कोलाहल

समकालीन जनमत
श्रमिकों की बदहाल अवस्था और उनकी दुर्दशा के बहाने पूंजीवादी व्यवस्था का वह वीभत्स रूप हमारे सामने है जहाँ निम्न वर्ग के जीवन का कोई...
जनमत

एक हौलनाक़ सफ़रनामा

समकालीन जनमत
इस त्रासद कहानी की जड़ें एक ओर मजदूरों के मालिकों और केन्द्रीय सरकार और दूसरी ओर उनके अपने राज्य की सरकारों की नाकामी में निहित...
जनमत

पैदल चले जा रहे मज़दूरों पर इतनी चुप्पी क्यों है ?

अनामिका 1960 में एक फ़िल्म आई थी, ‘उसने कहा था’. हिन्दी के सुप्रसिद्ध कहानीकार चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी पर आधारित है. फिल्म का एक...
जनमत

1857 की विरासत इस देश के गरीब, मजदूर, किसान और नौजवान के संघर्ष की सच्ची विरासत है : प्रो. चमन लाल

समकालीन जनमत
समकालीन जनमत के  फेसबुक पेज पर लाइव चल रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में 10 मई को प्रोफेसर चमनलाल ने हिंदुस्तान की पहली जंगे आजादी पर...
जनमत

लॉकडाउन और बच्चों की मौत

देश में हर साल कुपोषण और भुखमरी से लाखों बच्चें मर जाते हैं, जबकि यहां अनाज से गोडाउन भरे पड़े हैं. ऐसे में भूख से...
जनमत

लॉकडाउन और किसानों की स्थिति

शशिकान्त त्रिपाठी रबी की फसल का अंतिम महीना और ऊपर से लॉकडाउन ज़रा सोचिए कि किसानों की क्या स्थिति होगी, सबसे पहले हम सम्पूर्णता में...
जनमत सिनेमा

‘ चारुलता ‘ की मार्फ़त सत्यजित राय की सिनेमाई नज़र पर कुछ गुफ़्तगू

आशीष कुमार
सत्यजित राय की ' चारुलता ' को देखना, समझना और लिखना न सिर्फ सिनेमा की बारीकियों से वाक़िफ होना है बल्कि किरदारों के अन्तर्जगत में...
जनमत

कोविड-19 के संकट को सामूहिक प्रतिरोध और सामाजिक बदलाव के अवसर में बदलने की जरूरत 

मार्क्‍स पूरी तरह से क्रांतिकारी यथार्थवादी थे। उनके लिए बुनियादी पदार्थ ही यथार्थ था। गति पदार्थ के अस्तित्‍व का रूप है। उनके चिंतन की जड़ें...
जनमत

मजदूर वर्ग न झुका, ना टूटा है, वह आगे ही बढ़ता गया है

रवि भूषण
लाॅक डाउन करने वाला मजदूर आज स्वयं लॉक डाउन में है. केवल मजदूर और श्रमिक वर्ग ही नहीं उनका साथ देने वाले व्यक्ति, समूह, संगठन...
जनमत

बच्चे, दुनिया के सबसे अधिक शोषित और असहाय मजदूर !

जनार्दन
निदा फ़ाज़ली के दो शे’र हैं – घास पर खेलता है इक बच्चा पास माँ बैठी मुस्कुराती है मुझे हैरत है जाने क्यूं दुनिया काबा...
जनमत

वैश्विक महामारी के दौर में अंतरराष्‍ट्रीय मजदूर दिवस

मई दिवस अंतरराष्‍ट्रीय मजदूर दिवस है। इसकी प्रेरणा एक दिन में काम के घंटे तय करने के पहले बड़े संघर्ष से मिली। इस संघर्ष की...
जनमत स्मृति

सफ़र अभी मुक़म्मल नहीं हुआ !

समकालीन जनमत
आशीष कुमार क्या उन सब्ज आंखों को भुलाया जा सकता है ? क्या उस बेतकल्लुफ़ और बेपरवाह हंसी को समेटा जा सकता है ?क्या कला...
जनमत

महामारी के दौर में कितना असुरक्षित है देश का ‘नया मजदूर’ ?

मीनल
ये न तो गरीब हैं, जो फिलहाल भूख से मर रहा है और न ही ये वे लोग हैं जिनको सरकार किसी किस्म की आर्थिक...