स्मृति कला-साहित्य जगत के चार शख्सियतों के निधन पर जन संस्कृति मंच ने शोक व्यक्त कियासमकालीन जनमतMay 1, 2020 by समकालीन जनमतMay 1, 202001467 इरफान, उषा गांगुली, महेंद्र भटनागर और ऋषि कपूर चारों इस मायने में महत्वपूर्ण थे कि चारों जनपक्षधर थे, चारों सांप्रदायिक कट्टरता के विरोधी थे, चारों...
साहित्य-संस्कृति आज के नाम और आज के ग़म के नामविष्णु प्रभाकरMay 1, 2020May 1, 2020 by विष्णु प्रभाकरMay 1, 2020May 1, 202002490 समकालीन जनमत के फेसबुक लाइव कार्यक्रम में रंगनायक, बेगूसराय, हिरावल पटना के डी. पी. सोनी के बाद हिरावल पटना के संतोष झा ने अपने गीतों...
साहित्य-संस्कृति मशालें लेकर चलना कि जब तक रात बाकी हैसंजय जोशीApril 30, 2020May 3, 2020 by संजय जोशीApril 30, 2020May 3, 202002811 समकालीन जनमत के फेसबुक लाइव कार्यक्रम की कड़ी में हिरावल, पटना के डी. पी. सोनी ने अपने गीतों की प्रस्तुति दी । गीतों की श्रृंखला...
साहित्य-संस्कृति रंगनायक के गीतों से शुरू हुआ मई दिवस को समर्पित फेसबुक लाइव का सिलसिलासंजय जोशीApril 30, 2020May 2, 2020 by संजय जोशीApril 30, 2020May 2, 202002257 समकालीन जनमत वेब पोर्टल की पहल पर मई दिवस को समर्पित फेसबुक लाइव का सिलसिला आज 30 अप्रैल को दुपहर 2 बजे जन संस्कृति...
जनमतस्मृति सफ़र अभी मुक़म्मल नहीं हुआ !समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 2020 by समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 20203 2187 आशीष कुमार क्या उन सब्ज आंखों को भुलाया जा सकता है ? क्या उस बेतकल्लुफ़ और बेपरवाह हंसी को समेटा जा सकता है ?क्या कला...
सिनेमा पूँजीवाद और सामंतवाद के गठजोड़ से उपजे शोषण को चित्रित करती है ‘दामुल’मुकेश आनंदApril 30, 2020May 1, 2020 by मुकेश आनंदApril 30, 2020May 1, 202003556 (महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्मों पर टिप्पणी के क्रम में आज प्रस्तुत है जाने माने निर्देशक प्रकाश झा की दामुल । समकालीन जनमत केेे लिए मुकेश आनंद द्वारा लिखी जा रही...
सिनेमास्मृति मुझे लगा कि मैं एक्टिंग में अपने आपको एक्सप्लोर कर सकता हूँ – इरफ़ान खान समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 2020 by समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 202002861 राज्य सभा टी वी के मशहूर प्रोगाम 'गुफ़्तगू' में एक्टर इरफ़ान खान के साथ इरफ़ान की बातचीत...
स्मृति इतनी जल्दी नहीं जाना था आपकोआशुतोष चन्दनApril 29, 2020April 30, 2020 by आशुतोष चन्दनApril 29, 2020April 30, 202001386 पानसिंग तोमर देखने के बाद यही सोचता रहा था कि काश आख़िरी सीन में पानसिंग को गोली न लगती। वो अपनी वो रेस जीत जाता...
स्मृति अलविदा प्रिय अभिनेतादिवसApril 29, 2020April 30, 2020 by दिवसApril 29, 2020April 30, 202003040 कुछ अभिनेताओं की पर्दे में उपस्थिति वैसी ही ख़ुशी देती है जैसे अपने किसी बहुत अज़ीज़ को देखकर रोम-रोम ख़ुशी से लहरा उठते हैं....
पुस्तक अवधेश त्रिपाठी की आलोचना पद्धति में लोकतंत्र के मूल्य प्राण की तरह हैदुर्गा सिंहApril 29, 2020April 30, 2020 by दुर्गा सिंहApril 29, 2020April 30, 20205 2045 किसी भी आलोचक के लिए जरूरी होता है, कि वह बाह्य जगत के सत्य और रचना के सत्य से बराबर-बराबर गुजरे। आलोचना के लिए...
स्मृति मशहूर अभिनेता इरफान खान नहीं रहेसमकालीन जनमतApril 29, 2020April 30, 2020 by समकालीन जनमतApril 29, 2020April 30, 202002421 मशहूर अभिनेता इरफान खान का आज मुम्बई के कोकिला बेन अस्पताल में निधन हो गया। 54 वर्षीय इरफान खान की तबियत कल शाम अचानक बिगड़...
कविता कोरोना काल में स्त्री कविता : ‘ये खाई सदियों पुरानी है/यह सूखी रोटी और पिज्जा के बीच की खाई है’समकालीन जनमतApril 28, 2020April 30, 2020 by समकालीन जनमतApril 28, 2020April 30, 20204 2185 जन संस्कृति मंच की ओर से फेसबुक पर चलाये जा रहे ‘कविता संवाद’ लाइव कार्यक्रम के तहत 26 अप्रैल को सात कवयित्रियों की रचनाएं सुनाई...
पुस्तक लोकतंत्र का मर्सिया हैं ‘सुगम’ की ग़ज़लेंदुर्गा सिंहApril 27, 2020April 30, 2020 by दुर्गा सिंहApril 27, 2020April 30, 202002940 हिंदी ग़ज़ल में महेश कटारे ‘सुगम’ जाना-माना नाम है। ‘सुगम’ हिंदी ग़ज़ल की उसी परंपरा से आते हैं, जिसे दुष्यंत, अदम गोंडवी, शलभ श्रीराम...
स्मृति ‘गाओ कि जीवन गीत बन जाए’ लिखने वाले कवि, गीतकार महेन्द्र भटनागर नहीं रहेकौशल किशोरApril 27, 2020April 27, 2020 by कौशल किशोरApril 27, 2020April 27, 202003293 महेन्द्र भटनागर की कविताएं बाहर की दुनिया के साथ भीतर की दुनिया में उतरती हैं. प्रणय और प्रकृति प्रेम पर लिखी इनकी कविताएं हमें केदारनाथ...
सिनेमा द फेमिली मैन – हर जगह खास करने के लिए संघर्ष करते आम आदमी के घर और बाहर की कहानीपंकज पाण्डेयApril 27, 2020April 30, 2020 by पंकज पाण्डेयApril 27, 2020April 30, 202002419 हमारे समय के सभी मत्वपूर्ण सवालों पर कमेंट करती यह वेब सीरीज है, जिसे राज निदिमोरू, और कृष्ण डी. के. ने एक कहानी के माध्यम...
कविता यातना का साहस भरा साक्षात्कार हैं लाल्टू की कविताएँआशुतोष कुमारApril 26, 2020October 30, 2025 by आशुतोष कुमारApril 26, 2020October 30, 202503212 धरती प्रकृति ने बनाई है. लेकिन दुनिया आदमी ने बनाई हैं. दुनिया की बीमारियाँ , पागलपन और विक्षिप्तियाँ भी आदमी ने बनाई हैं. लेकिन कविता,...
स्मृति जिंदादिली और जीवटता की अद्भुत मिसाल थे कामरेड अखिलानंद पांडेयसमकालीन जनमतApril 26, 2020April 30, 2020 by समकालीन जनमतApril 26, 2020April 30, 202001541 ऐसे प्रतिबद्ध, जिंदादिल एवं अद्भुत जीवट वाले बहादुर कम्युनिस्ट योद्धा का हमारे बीच से जाना समूचे कम्युनिस्ट व मजदूर आंदोलन की भारी क्षति है....
पुस्तक अछरिया हमरा के भावेलेगोपाल प्रधानApril 26, 2020April 30, 2020 by गोपाल प्रधानApril 26, 2020April 30, 202003731 पुस्तकालय केवल कोई इमारत नहीं होता बल्कि सम्पूर्ण सामाजिक ढांचा होता है। किताब में जो जानकारी कूटबद्ध होती है उसे हासिल करने के जरिए हम...
स्मृति विजय दिवस : बाबू कुँवर सिंह तेगवा बहादुरबलभद्रApril 23, 2020April 25, 2020 by बलभद्रApril 23, 2020April 25, 202002672 फगुआ के दिन ढोल-झाल के साथ लोग ताल ठोका करते थे। बारह बजे के बाद सेवक काका (रामसेवक सिंह) के दुआर पर लोग जमा होने...
पुस्तक विश्व पुस्तक दिवस: किताबें कुछ तो कहना चाहती हैंसमकालीन जनमतApril 23, 2020 by समकालीन जनमतApril 23, 202002468 अजय कुमार किताबें करती हैं बातें आज यानी 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक दिवस के रूप में मनाया जाता है। और जैसे ही कोई किताबों...