समकालीन जनमत

Tag : cinema

ग्राउन्ड रिपोर्टसिने दुनिया

आदिवासियत : एक यात्रा (आखिरी किस्त)

समकालीन जनमत
(अखड़ा राँची और औराविल फिल्म इंस्टिट्यूट की ओर से चौबीस दिवसीय डॉक्यूमेन्ट्री रिट्रीट एंड वर्कशॉप “आदिवासियत” की यह रिपोर्ट केवल सिनेमा वर्कशाप की रिपोर्ट नहीं...
ग्राउन्ड रिपोर्टसाहित्य-संस्कृतिसिने दुनिया

आदिवासियत : एक यात्रा (दूसरी किस्त)

समकालीन जनमत
(अखड़ा राँची और औराविल फिल्म इंस्टिट्यूट की ओर से चौबीस दिवसीय  डॉक्यूमेन्ट्री रिट्रीट एंड वर्कशॉप “आदिवासियत” की यह रिपोर्ट केवल सिनेमा वर्कशाप की रिपोर्ट नहीं...
सिने दुनिया

आदिवासियत : एक यात्रा ( पहली किस्त )

समकालीन जनमत
(अखड़ा राँची और औराविल फिल्म इंस्टिट्यूट की ओर से चौबीस दिवसीय  डॉक्यूमेन्ट्री रिट्रीट एंड वर्कशॉप “आदिवासियत” की यह रिपोर्ट केवल सिनेमा वर्कशाप की रिपोर्ट नहीं...
सिनेमा

आत्मपॅम्फ्लेट – भारत की अपनी फॉरेस्ट गंप जो मराठी में बनी है

समकालीन जनमत
जावेद अनीस साल 2022 रिलीज हुयी आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा हॉलीवुड की कल्ट कलासिक फिल्म फॉरेस्ट गंप (1994) की आधिकारिक रिमेक थी,...
स्मृति

केपी ससी : अद्भुत रचनात्मक अभिव्यक्ति, बेजोड़ प्रतिबद्धता

राम पुनियानी
सन् 1970 का दशक भारत में लगभग सभी क्षेत्रों में प्रतिरोध के आंदोलनों के उभार के लिए जाना जाता है। इस दशक में मजदूरों और कृषकों के...
स्मृति

फिल्म निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े लोगों के लिए संघर्ष करने वाले बेहतरीन अभिनेता थे चंद्रशेखर

सुधीर सुमन
फिल्म अभिनेता चंद्रशेखर को जन संस्कृति मंच की श्रद्धांजलि ! फिल्म अभिनेता चंद्रशेखर के निधन पर जन संस्कृति मंच ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा...
सिने दुनिया

‘ न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड ’ : …..तब भी उम्मीद है कि मरती नहीं

फ़िरोज़ ख़ान
जंग का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होता है, जो बंदूक खरीदते हैं, जंग का बिगुल बजाते हैं और फिर अपने सुरक्षित बंकर में...
स्मृति

मशहूर अभिनेता इरफान खान नहीं रहे

समकालीन जनमत
मशहूर अभिनेता इरफान खान का आज मुम्बई के कोकिला बेन अस्पताल में निधन हो गया। 54 वर्षीय इरफान खान की तबियत कल शाम अचानक बिगड़...
साहित्य-संस्कृतिसिनेमा

अन्याय का सामना करने का औजार है सिनेमा : मैक्सिन विलियम्सन

सुधीर सुमन
अडानी और आस्ट्रेलिया सरकार के खिलाफ जंग जारी रहेगी : फिल्मोत्सव में आस्टे्रलियन फिल्मकार ने कहा 11वें त्रिदिवसीय पटना फिल्मोत्सव का आगाज पटना. ‘‘कलाकार की...
जनमत

‘दलित आंदोलन ने कला को धर्म के शिकंजे से आज़ाद किया’

सुशील मानव
‘ दलित आंदोलन :  साहित्य और कलाएं ’ विषय पर विचार गोष्ठी ‘चित्रकला और धर्म’, ‘मूर्तिकला में स्त्री और दलित ‘, ‘चित्रकला में दलित आंदोलन’,...
जनमतशख्सियतसिनेमा

‘अपनी तारीख़ का उन्वान बदलना है तुझे’

समकालीन जनमत
गीतेश सिंह फ़िल्म, टेलीविजन और थिएटर की जानी मानी अभिनेत्री और अनेक अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मों में काम कर चुकी शबाना आज़मी का आज जन्म दिन है...
साहित्य-संस्कृति

देखें प्रेमचंद की कहानियों पर बनी दो प्रस्तुतियाँ

समकालीन जनमत
‘बूढ़ी काकी’ https://www.youtube.com/watch?v=H4D_eIQZGoE ‘पूस की रात’ https://www.youtube.com/watch?v=qv6loTEoMvg...
सिनेमा

सिनेमाई उत्सव से निकली बहसें

     ओंकार सिंह सिनेमा हमेशा से ही कुछ कहने, सुनने व दिखाने का सशक्त माध्यम रहा है। एक गतिमान समाज के लिये यह जरूरी है...
सिनेमा

‘ हमें अपना मीडिया बनाना होगा ’

समकालीन जनमत
 छठे उदयपुर फ़िल्म फेस्टिवल का दूसरा दिन रिंकू परिहार/ एस एन एस जिज्ञासु उदयपुर.छठे उदयपुर फ़िल्म फेस्टिवल के दुसरे दिन की शुरुआत युवा फ़िल्मकारों अशफ़ाक,...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति

जबरदस्त कवि, बड़े सम्पादक, सिनेमा और संगीत के अध्येता, गंभीर पाठक, भाषाओं और यारों के धनी विष्णु खरे की याद

अशोक पाण्डे अलविदा विष्णु खरे – 1 जबरदस्त कवि, बड़े सम्पादक, सिनेमा और संगीत के अध्येता, गंभीर पाठक, भाषाओं और यारों के धनी उस आदमी...
शख्सियतस्मृति

मेरी तन्हाई का ये अंधा शिगाफ़, ये के सांसों की तरह मेरे साथ चलता रहा

उमा राग
मीना कुमारी (1 अगस्त, 1933 – 31 मार्च, 1972) का असली नाम महजबीं बानो था , इनका जन्म मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था. वर्ष 1939...
सिनेमा

लस्ट स्टोरीज : अपनी राह तलाशती स्त्रियाँ

समकालीन जनमत
‘लस्ट स्टोरीज’ पिछले तीन दशकों में हुए सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक गहमागहमी से बनती गई नयी स्त्री और उसके पुरुष के साथ संबंधों को एक्सप्लोर करती है. यह...
जनमतसिनेमा

काला : फ़ासीवाद की पहचान कराती फ़िल्म

आशुतोष कुमार
सुपरस्टार रजनीकांत की जानी पहचानी शैली की फ़िल्म होते हुए भी महज एक कल्ट फ़िल्म नहीं है. यह देश के वर्तमान राजनीतिक माहौल का नाटकीय...
सिनेमा

बॉलीवुड के स्टीरियोटाइप को तोड़ती ‘ राज़ी ’

जावेद अनीस
एक ऐसे दौर में जब राष्ट्रवाद की नयी परिभाषायें गढ़ी जा रही हों और देशभक्ति पर एकाधिकार जताया जा रहा हो तो 'राज़ी' रुपहले परदे...
Fearlessly expressing peoples opinion