Author : कौशल किशोर

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स्मृति

कवि बी एन गौड़: सब में बसता हूँ मैं

कौशल किशोर
86वें जन्मदिवस पर ‘मरूंगा नहीं…/क्रान्ति का इतिहास इतनी जल्दी नहीं मरता/बलिदान के रक्त की ललाई को/न धूप सुखा सकती है/न हवा और न वक्त/….इसलिए, मैं...
स्मृति

चितरंजन सिंह का जाना एक जनयोद्धा का जाना है

कौशल किशोर
चितरंजन भाई (चितरंजन सिंह) के नहीं रहने की दुखद सूचना मिली। उनका जाना एक जनयोद्धा का जाना है। वे क्रांतिकारी वाम आंदोलन के साथ नागरिक...
स्मृति

‘गाओ कि जीवन गीत बन जाए’ लिखने वाले कवि, गीतकार महेन्द्र भटनागर नहीं रहे

कौशल किशोर
महेन्द्र भटनागर की कविताएं बाहर की दुनिया के साथ भीतर की दुनिया में उतरती हैं. प्रणय और प्रकृति प्रेम पर लिखी  इनकी कविताएं हमें केदारनाथ...
ख़बर

घंटाघर पर महिला संगठनों ने मनाया महिला दिवस

कौशल किशोर
लखनऊ. अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा), जनवादी महिला एसोसिएशन (एडवा), महिला फेडरेशन आदि महिला संगठनों ने घंटाघर पर आंदोलनरत महिलाओं...
साहित्य-संस्कृति

कथाकार शिवमूर्ति के गांव में जुटे साहित्यकार, देश-गांव पर बातचीत, पुस्तकालय का उद्घाटन 

कौशल किशोर
शिवमूर्ति हमारे समय के महत्वपूर्ण कथाकार हैं। इनकी विशेषता है कि इन्होंने अपने कथा साहित्य में लोकतत्वों और लोकरंजन का अच्छा-खासा समावेश किया है। आज...
ख़बर

घंटाघर पर लहराता जनसमुद्र, संगवारी ने पेश किया सांस्कृतिक कार्यक्रम

कौशल किशोर
लखनऊ. इन दिनों लखनऊ का घंटाघर सुर्खियों में है। शाहीनबाग से सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में औरतों ने जिस धरने के शुरुआत की...
ख़बर

लखनऊ का घंटाघर जहाँ से रोशनी का फव्वारा फूट रहा है

कौशल किशोर
लखनऊ के घंटाघर से लौटा हूं। पर क्या लौट पाया हूं ? यह वह जगह बन गयी जहां से रोशनी का फव्वारा फूट रहा है।...
ख़बर

लेखक संगठनों ने की सामाजिक कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग

कौशल किशोर
लखनऊ, 29 दिसम्बर 2019 केन्द्र की सरकार द्वारा लाये गये नागरिक संशोधन कानून और प्रस्तावित एनआरसी के विरुद्ध देश के लोकतांत्रिक, अमनपसन्द, देशभक्त और संविधान...
ख़बर

लेखक संगठनों का सीएए और एनआरसी के खिलाफ राष्ट्रीय प्रतिवाद में भागीदारी का आह्वान

कौशल किशोर
प्रलेस, जलेस, जसम इप्टा की उत्तर प्रदेश इकाइयों ने नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ देश भर के लोकतांत्रिक, अमनपसंद और संविधान में आस्था...
ज़ेर-ए-बहस

महिला हिंसा और समकालीन स्त्री काव्य चेतना

कौशल किशोर
शमशेर बहादुर सिंह की मशहूर कविता है ‘काल से होड़’। अपनी इस कविता में वे कहते हैं ‘काल तुझसे होड़ है मेरी – अपराजित तू/तुझ...

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