Author : कौशल किशोर

24 Posts - 0 Comments
स्मृति

योगेश्वर गोप को याद करने का मतलब

कौशल किशोर
जन्म दिवस, 01 जनवरी  पर समाजिक परिवर्तन का संघर्ष ऐसे शख्सियतों को पैदा करता है जो जनता के सामाजिक संघर्ष की अमूल्य निधि हैं। उनका...
शख्सियत

प्रिय कवि मंगलेश डबराल की याद में

कौशल किशोर
लखनऊ के लेखकों और संस्कृतिकर्मियों ने आज मंगलेश डबराल और राघव नरेश की स्मृति में शोक सभा आयोजित करके उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक...
शख्सियत

स्मृति मंगलेश डबराल: ‘आवाज भी एक जगह है’

कौशल किशोर
साहित्य और विचार की संस्था लिखावट की ओर से ऑनलाइन गूगल मीट पर प्रसिद्ध कवि और गद्यकार मंगलेश डबराल की स्मृति में कार्यक्रम ‘आवाज़ भी...
स्मृति

कवि बी एन गौड़: सब में बसता हूँ मैं

कौशल किशोर
86वें जन्मदिवस पर ‘मरूंगा नहीं…/क्रान्ति का इतिहास इतनी जल्दी नहीं मरता/बलिदान के रक्त की ललाई को/न धूप सुखा सकती है/न हवा और न वक्त/….इसलिए, मैं...
स्मृति

चितरंजन सिंह का जाना एक जनयोद्धा का जाना है

कौशल किशोर
चितरंजन भाई (चितरंजन सिंह) के नहीं रहने की दुखद सूचना मिली। उनका जाना एक जनयोद्धा का जाना है। वे क्रांतिकारी वाम आंदोलन के साथ नागरिक...
स्मृति

‘गाओ कि जीवन गीत बन जाए’ लिखने वाले कवि, गीतकार महेन्द्र भटनागर नहीं रहे

कौशल किशोर
महेन्द्र भटनागर की कविताएं बाहर की दुनिया के साथ भीतर की दुनिया में उतरती हैं. प्रणय और प्रकृति प्रेम पर लिखी  इनकी कविताएं हमें केदारनाथ...
ख़बर

घंटाघर पर महिला संगठनों ने मनाया महिला दिवस

कौशल किशोर
लखनऊ. अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा), जनवादी महिला एसोसिएशन (एडवा), महिला फेडरेशन आदि महिला संगठनों ने घंटाघर पर आंदोलनरत महिलाओं...
साहित्य-संस्कृति

कथाकार शिवमूर्ति के गांव में जुटे साहित्यकार, देश-गांव पर बातचीत, पुस्तकालय का उद्घाटन 

कौशल किशोर
शिवमूर्ति हमारे समय के महत्वपूर्ण कथाकार हैं। इनकी विशेषता है कि इन्होंने अपने कथा साहित्य में लोकतत्वों और लोकरंजन का अच्छा-खासा समावेश किया है। आज...
ख़बर

घंटाघर पर लहराता जनसमुद्र, संगवारी ने पेश किया सांस्कृतिक कार्यक्रम

कौशल किशोर
लखनऊ. इन दिनों लखनऊ का घंटाघर सुर्खियों में है। शाहीनबाग से सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में औरतों ने जिस धरने के शुरुआत की...
ख़बर

लखनऊ का घंटाघर जहाँ से रोशनी का फव्वारा फूट रहा है

कौशल किशोर
लखनऊ के घंटाघर से लौटा हूं। पर क्या लौट पाया हूं ? यह वह जगह बन गयी जहां से रोशनी का फव्वारा फूट रहा है।...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy