सुशील मानव पंकज चौधरी की कविताएँ दरअसल विशुद्ध जाति विमर्श (कास्ट डिस्कोर्स) की कविताएँ हैं। जो अपने समय की राजनीति, संस्कृति ,समाज, अर्थशास्त्र न्याय व्यवस्था...
(महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्मों पर टिप्पणी के क्रम में आज प्रस्तुत है मशहूर निर्देशक कुमार शाहनी की माया दर्पण । समकालीन जनमत केेे लिए मुकेश आनंद...
शशिभूषण जी अत्यंत प्रतिभाशाली और संभावनाशाली कहानीकार थे. उनकी ‘ब्रह्मह्त्या’, ‘एक बूढ़े की मौत’, ‘कहीं कुछ नहीं’, ‘खिड़की’, ‘शिल्पहीन’ जैसी कई कहानियां खूब पढ़ी और...
(महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्मों पर टिप्पणी के क्रम में आज प्रस्तुत है मशहूर लेखक और निर्देशक सईद मिर्ज़ा की नसीम । समकालीन जनमत केेे लिए मुकेश...