समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

स्मृति

चितरंजन सिंह का जाना एक जनयोद्धा का जाना है

कौशल किशोर
चितरंजन भाई (चितरंजन सिंह) के नहीं रहने की दुखद सूचना मिली। उनका जाना एक जनयोद्धा का जाना है। वे क्रांतिकारी वाम आंदोलन के साथ नागरिक...
चित्रकला

जीवन का संकट और सुधीर सिंह की रचनाशीलता

कोविड – 19 महामारी के प्रसार ने , मानव व प्रकृति के संम्बंध को लेकर नये सिरे से चिंतित किया है. आदमी ने क्षुद्र स्वार्थ...
पुस्तक

समय, समाज, संवेदना को व्यक्त करती है ‘मेक्सिको: एक घर परदेश में’

समकालीन जनमत
ममता सिंह सवाल है कि आख़िर हम यात्रा वृत्तांत क्यों पढ़ते हैं, किसी जगह, देश की भौगोलिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक जगहों के बारे में तो इंटरनेट...
सिनेमा

विभाजन की पीड़ा, त्रासदी और साम्प्रदायिक उभार का महाख्यान है गरम हवा

मुकेश आनंद
(महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्मों पर  टिप्पणी के क्रम में आज प्रस्तुत है मशहूर निर्देशक एम.एस. सथ्यू की गरम हवा । समकालीन जनमत केेे लिए मुकेश आनंद...
कहानीज़ेर-ए-बहस

‘नमक का दरोगा’ में नमक का किरदार

Chandan Pandey
‘नमक का दरोगा’ कहानी को कैसे पढ़ा जाये, यह प्रश्न यदा-कदा कौंध जाता है. पिछले दिनों कथाकार उमाशंकर चौधरी ने इस कहानी के अंत पर...
स्मृति

आपातकाल में जब गिरफ़्तार हुए पिता

समकालीन जनमत
अनिल शुक्ल    27 जून 1975,पूर्वाह्न। 11-साढ़े 11 बज रहे थे जब पुलिस हमारे घर आ धमकी। लोहामंडी सीओ पुलिस (लोहामंडी), एसएचओ और कोई 2...
साहित्य-संस्कृति

तुपकी की सलामी का लोकपर्व : बस्तर का गोंचा

समकालीन जनमत
रथयात्रा की बात करते ही जगन्नाथपुरी की बात जेहन में आ जाती है लेकिन इसका एक बस्तरिया संस्करण भी है जिसे ‘गोंचा तिहार’ कहा जाता...
साहित्य-संस्कृति

पंडिता कलापिनी कोमकली के गायन पर व्योमेश शुक्ल की टीपें

मृत्युंजय
एक थोड़ी सी दूरी बहुत से समय में तय करके हमलोग कलापिनीजी को सुनने पहुँचे तो वह ‘श्याम कल्याण’ के ख़याल के बीच में थीं....
सिनेमा

रंगमंच व सिनेमा की दुनिया में स्त्री संघर्ष पर प्रसिद्ध रंगकर्मी पूर्वा नरेश के अनुभव

‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ के तीसरे फेसबुक लाइव में निर्देशक, नाटककार, संवाद लेखक, नर्तक, और मृदंग वादक पूर्वा नरेश ने लखनऊ से सूरीनाम, दिल्ली से...
स्मृति

जीत सिंह नेगी के गीतों में पहाड़ की सतत पीड़ा है

समकालीन जनमत
जीत सिंह नेगी उत्तराखंड के पहले कलाकार थे जो गढ़वाली गीत-संगीत को रिकॉर्डिंग स्टुडियो तक ले गए. 1949 में उनका पहला ग्रामोफोन रिकॉर्ड हुआ था....
कविता

अमित की कविताएँ अनसुनी आवाज़ों के चाँद के दीदार की मशक़्क़त है

समकालीन जनमत
रविकांत नई शताब्दी में हिंदी के नए हस्ताक्षरों में अमित परिहार मेरे प्रिय कवि हैं, पर अमूमन वे सुकवि होने से बचते हैं. दोनों में...
स्मृति

हीरा सिंह राणा के गीतों में पहाड़ का लोक धड़कता है

समकालीन जनमत
नवेंदु मठपाल 13 जून की सुबह सुबह जैसे ही फेसबुक खोला एक मित्र की वाल पर उत्तराखण्ड के लोकगायक, कुमाउनी कवि हीरा सिंह राणा जी...
सिनेमा

पूँजीवादी समाज व्यवस्था की तीव्र आलोचना है सलाम बॉम्बे

मुकेश आनंद
(महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्मों पर  टिप्पणी के क्रम में आज प्रस्तुत है मशहूर निर्देशक मीरा नायर की सलाम बॉम्बे । समकालीन जनमत केेे लिए मुकेश आनंद...
स्मृति

‘ लसका कमर बांधा, हिम्मत का साथा, फिर भोला उज्याली होली, कां ले रौली राता ’  

व्यक्तिगत दुख,तकलीफ और परेशानियों की परवाह किए बगैर हीरा सिंह राणा पहाड़ के,पहाड़ के सुख-दुख और पीड़ा-वंचना के गीत गाते रहे....
पुस्तक

‘ वैधानिक गल्प ’ में गल्प कुछ भी नहीं है

समकालीन जनमत
डॉ बृजराज सिंह बचपन में स्कूल की किताबों में नैतिक शिक्षा का एक पाठ हुआ करता था, सिद्धार्थ और देवदत्त की कहानी वाला। जिसमें देवदत्त...
साहित्य-संस्कृति

हर वर्ग की स्त्रियों की समस्याएँ अलग हैं लेकिन शोषण एक सा: ‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ में अनामिका

समकालीन जनमत
कोरस के साप्ताहिक फेसबुक लाइव कार्यक्रम ‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ में 14 जून की शाम 6 बजे वरिष्ठ कवि व लेखक अनामिका जी लाइव हुईं...
कहानीसाहित्य-संस्कृति

अंतिम कक्षा- अल्फोंस दोदे

समकालीन जनमत
उस सुबह, मुझे स्कूल जाने में बहुत देर हो गई थी और मुझे डर लग रहा था कि श्रीमान हैमल मुझे डांटेंगे क्योंकि उन्होंने कहा...
साहित्य-संस्कृति

कहानी-पाठ और परिचर्चा

समकालीन जनमत
कहानी-पाठ और परिचर्चा  कहानी– अंतिम कक्षा लेखक– अल्फोंस दोदे रिपोर्ट– मोहम्मद उमर रविवार, यानी 14 जून 2020 को महादेवी वर्मा स्मृति महिला पुस्तकालय, प्रयागराज की...
स्मृति

‘ कदम ’ पत्रिका के संपादक और कथाकार कैलाश चंद चौहान नहीं रहे 

राम नरेश राम
‘ कदम ‘ पत्रिका के संपादक और प्रकाशक दलित साहि‘त्य के बड़े कथाकार कैलाश चंद चौहान का 15 जून को दोपहर 12 बजे निधन हो...
पुस्तक

हिन्दी समाज के स्वास्थ्य का पैरामीटर है हेमंत कुमार का कहानी संग्रह

दुर्गा सिंह
रज्जब अली, हेमंत कुमार का पहला कहानी संग्रह है। इसमें कुल छः कहानियां हैं। इन सभी कहानियों की खासियत यह है, कि इसमें व्यवस्थागत प्रश्न...
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