समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

स्मृति

‘ लसका कमर बांधा, हिम्मत का साथा, फिर भोला उज्याली होली, कां ले रौली राता ’  

व्यक्तिगत दुख,तकलीफ और परेशानियों की परवाह किए बगैर हीरा सिंह राणा पहाड़ के,पहाड़ के सुख-दुख और पीड़ा-वंचना के गीत गाते रहे....
पुस्तक

‘ वैधानिक गल्प ’ में गल्प कुछ भी नहीं है

समकालीन जनमत
डॉ बृजराज सिंह बचपन में स्कूल की किताबों में नैतिक शिक्षा का एक पाठ हुआ करता था, सिद्धार्थ और देवदत्त की कहानी वाला। जिसमें देवदत्त...
साहित्य-संस्कृति

हर वर्ग की स्त्रियों की समस्याएँ अलग हैं लेकिन शोषण एक सा: ‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ में अनामिका

समकालीन जनमत
कोरस के साप्ताहिक फेसबुक लाइव कार्यक्रम ‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ में 14 जून की शाम 6 बजे वरिष्ठ कवि व लेखक अनामिका जी लाइव हुईं...
कहानीसाहित्य-संस्कृति

अंतिम कक्षा- अल्फोंस दोदे

समकालीन जनमत
उस सुबह, मुझे स्कूल जाने में बहुत देर हो गई थी और मुझे डर लग रहा था कि श्रीमान हैमल मुझे डांटेंगे क्योंकि उन्होंने कहा...
साहित्य-संस्कृति

कहानी-पाठ और परिचर्चा

समकालीन जनमत
कहानी-पाठ और परिचर्चा  कहानी– अंतिम कक्षा लेखक– अल्फोंस दोदे रिपोर्ट– मोहम्मद उमर रविवार, यानी 14 जून 2020 को महादेवी वर्मा स्मृति महिला पुस्तकालय, प्रयागराज की...
स्मृति

‘ कदम ’ पत्रिका के संपादक और कथाकार कैलाश चंद चौहान नहीं रहे 

राम नरेश राम
‘ कदम ‘ पत्रिका के संपादक और प्रकाशक दलित साहि‘त्य के बड़े कथाकार कैलाश चंद चौहान का 15 जून को दोपहर 12 बजे निधन हो...
पुस्तक

हिन्दी समाज के स्वास्थ्य का पैरामीटर है हेमंत कुमार का कहानी संग्रह

दुर्गा सिंह
रज्जब अली, हेमंत कुमार का पहला कहानी संग्रह है। इसमें कुल छः कहानियां हैं। इन सभी कहानियों की खासियत यह है, कि इसमें व्यवस्थागत प्रश्न...
स्मृति

बरनवाल साहब : मेरे प्रेरक, मेरे गुरु

शिवमूर्ति.
वीरेन्द्र कुमार बरनवाल साहब 1969 में गनपत सहाय डिग्री कालेज सुल्तानपुर में अंग्रेज़ी के प्रवक्ता बन कर आये. इलाहाबाद में रह कर पढ पाना मेरे...
जनमतपुस्तक

सत्य का अनवरत अन्वेषण हैं राकेश रेणु के ‘इसी से बचा जीवन’ की कविताएँ

सुशील मानव
  कविता क्या है और इसका काम क्या है- इस पर अनेक बातें हैं, अनेक परिभाषाएं हैं। लेकिन मौजूदा समय सत्य पर संकट का समय...
कविता

कठिन भरपाइयों की कोशिश हैं अमर की कविताएँ

समकालीन जनमत
विनोद विट्ठल मनुष्य ने सामुदायिकता और साझा करने के विरल मूल्यों से जो कुछ हासिल किया था उस सबको कोरोना-काल में बुरी तरह से खो...
पुस्तक

गाथा इक सूरमे दी : जन नायक कामरेड बलदेव सिंह मान पर एक खोज खोज पूर्ण पुस्तक

समकालीन जनमत
सुखदर्शन नत्त  पंजाब के नक्सलवादी आन्दोलन से उभर कर सामने आये जन नायक और राजनैतिक नेताओं की पहली पंक्ति में आने वाले कामरेड बलदेव सिंह...
साहित्य-संस्कृति

‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ की शुरुआत नूर ज़हीर के संस्मरणों और कहानी पाठ से

समकालीन जनमत
प्रगतिशील महिलाओं की संस्था कोरस ने 7 जून को शाम 6 बजे से अपने साप्ताहिक फेसबुक लाइव कार्यक्रम ‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ की शुरुआत की।...
कहानी

वीभत्स- पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’

समकालीन जनमत
वीभत्स पांडेय बेचन शर्मा  ‘उग्र’ शौच-फरागत से निपटकर सुमेरा जाट घर की ओर लौटा आ रहा था। अब सबेरा और खुल गया था। पास-पड़ोस के...
साहित्य-संस्कृति

कहानी पाठ और परिचर्चा

समकालीन जनमत
कहानी पाठ और परिचर्चा कहानी- वीभत्स लेखक- पाण्डेय बेचन शर्मा उग्र कार्यक्रम रिपोर्ट- मोहम्मद उमर रविवार, यानी 7 जून 2020 को महादेवी वर्मा पुस्तकालय, प्रयागराज...
व्यंग्य

जुमला मजबूत तो देश मजबूत !

देश में व्यापार,कारोबार,रोजगार सब लॉकडाउन है. यदि कुछ चल रहा है तो वो है  लॉकडाउन से उपजा गरीबों-मजदूरों का हाहाकार ! इसी बीच बिहार में...
स्मृति

शांति स्वरूप बौद्ध का निधन वंचित समाज और बौद्धिक सांस्कृतिक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है

समकालीन जनमत
2 अक्टूबर 1949 को दिल्ली में जन्मे बहुजन साहित्य के मिशनरी प्रकाशक और प्रचारक शांति स्वरूप बौद्ध का शनिवार को कोरोना संक्रमण के कारण निधन...
कविताजनमत

रोहित ठाकुर प्रकृति की पुकार के कवि हैं

समकालीन जनमत
जसवीर त्यागी “नए ब्रांड का प्रेम उतारा था बाज़ार में /जिसने पहले/ लॉन्च किये हैं उसी कंपनी ने/ हत्या के नए उपकरण/ दाल-भात लिट्टी चोखे...
स्मृति

संघर्ष और स्वप्न का कवि रामेश्वर प्रशान्त

समकालीन जनमत
साहित्य की दुनिया में ऐसे भी रचनाकार हैं जिनकी साहित्य साधना जन संघर्ष का हिस्सा होती हैं। वे आत्मप्रचार से दूर रहते हैं। रामेश्वर प्रशान्त...
कहानी

पढ़िए शर्ली जैक्सन की मशहूर कहानी ‘ लाटरी ’

समकालीन जनमत
अमरीकी लेखिका शर्ली जैक्सन डरावनी और रहस्मय रचनाओं के लिए विशेष रूप से जानी जाती हैं। उन्होंने लगभग दो दशक के रचनाकाल में छह उपन्यास,...
पुस्तक

मोनिका कुमार की ‘आश्‍चर्यवत्’ कविता की नई सरणी है

कुमार मुकुल
आलोक धन्वा ने एक बातचीत में मोनिका कुमार की कविताओं की चर्चा की थी, तब तक उनकी कविताएं पढ़ी नहीं थीं मैंने। हां, फेसबुक पर...
Fearlessly expressing peoples opinion