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December 8, 2023
समकालीन जनमत

Tag : Uttarakhand

शख्सियत

 इंद्रेश मैखुरी : पहाड़ का असल जनप्रतिनिधि

ओंकार सिंह
अगर कोई सरल हो, सहज हो। अपने आस-पास के प्रति संवेदनशील हो। किसी भी तरह के अन्याय, शोषण के खिलाफ़ बेहतर समझ और तार्किकता के...
जनमत

पशुपालन के रोजगार को छीनने की बड़ी साजिश है “ मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना ”

पुरुषोत्तम शर्मा
उत्तराखंड में आजकल “मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना” खासी चर्चा में है. इस योजना का उद्घाटन केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 30 अक्टूबर को देहरादून...
पुस्तक

विभाजन की विभीषिका और उत्तराखंड के इतिहास की गुमशुदगी की परत में लिपटा एक बयान

के के पांडेय
यह कथा सानीउडियार क्षेत्र, जिला बागेश्वर (पहले अल्मोड़ा) उत्तराखंड के एक व्यक्ति हाजी अब्दुल शकूर की है। उनका खानदान उन्नीस सौ ईस्वी से कुछ पहले...
यात्रा वृतान्त

रौशनी झरोखों से भी आती है

के के पांडेय
भट्ट जी, इसी नाम से पुकारते हैं हम उन्हें. वैसे उनका पूरा नाम खीमानंद भट्ट है. अल्मोड़ा में रहते हैं. वे न तो अल्मोड़ा की...
जनमत

हिमालय में बड़ी परियोजनाओं को रोकना होगा

विमल भाई
उत्तराखंड ने फिर एक तबाही का मंजर देखा। चमोली जिले में ऋषि गंगा में अचानक से आई जल प्रलय में रैणी गांव के स्थानीय निवासी, बकरियां...
ग्राउन्ड रिपोर्ट

विकास की सनक से कमजोर हुए पहाड़ों में प्रकृति के कोप ने ली डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की जान

अतुल सती  रविवार की सुबह साढ़े 9 से 10 बजे के बीच जोशीमठ से 20 किमी दूर रिणी गांव जो धौली व ऋषिगंगा के संगम...
जनमत

मजदूरों के श्रम की अनवरत लूट की इबारत है उत्तराखंड में श्रम कानूनों में बदलाव

उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में श्रम क़ानूनों की कतर ब्यौंत करने के निर्णय पर मोहर लगा दी गयी. 29 जुलाई को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत...
जनमत

हुड़किया बौल पहाड़ की संस्कृति नहीं, बेगार प्रथा का अवशेष है

आजकल कई लोग पहाड़ में पहले होने वाले हुड़किया बौल की नकल करते उसे पहाड़ की संस्कृति के रूप में प्रचारित करते रहते हैं। हुड़किया बौल...
स्मृति

जीत सिंह नेगी के गीतों में पहाड़ की सतत पीड़ा है

समकालीन जनमत
जीत सिंह नेगी उत्तराखंड के पहले कलाकार थे जो गढ़वाली गीत-संगीत को रिकॉर्डिंग स्टुडियो तक ले गए. 1949 में उनका पहला ग्रामोफोन रिकॉर्ड हुआ था....
स्मृति

‘ लसका कमर बांधा, हिम्मत का साथा, फिर भोला उज्याली होली, कां ले रौली राता ’  

व्यक्तिगत दुख,तकलीफ और परेशानियों की परवाह किए बगैर हीरा सिंह राणा पहाड़ के,पहाड़ के सुख-दुख और पीड़ा-वंचना के गीत गाते रहे....
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