Author : राम नरेश राम

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स्मृति

‘ कदम ’ पत्रिका के संपादक और कथाकार कैलाश चंद चौहान नहीं रहे 

राम नरेश राम
‘ कदम ‘ पत्रिका के संपादक और प्रकाशक दलित साहि‘त्य के बड़े कथाकार कैलाश चंद चौहान का 15 जून को दोपहर 12 बजे निधन हो...
पुस्तक साहित्य-संस्कृति

‘डॉ.अम्बेडकर : चिंतन के बुनियादी सरोकार’ ‘यह सामाजिक गैरबराबरी पैदा करने वाली मशीनरी की पहचान कराने वाली किताब है’

राम नरेश राम
रमणिका फाउंडेशन की मासिक गोष्ठी 11/05/2019 / दिल्ली. यह सामाजिक गैरबराबरी पैदा करने वाली मशीनरी की पहचान कारने वाली किताब है- गोपाल प्रधान रमणिका फाउंडेशन...
पुस्तक साहित्य-संस्कृति

अंबेडकर चिन्तन के अनछुए पहलुओं की खोज

राम नरेश राम
   लोकतंत्र ने जाति-उन्मूलन नहीं किया है. इसने जाति का आधुनिकीकरण करके इसकी जड़ों को और अधिक मजबूत किया है. इसीलिए यही समय है अंबेडकर...
कहानी साहित्य-संस्कृति

रज्जब अली कहानी संग्रह पर परिचर्चा संपन्न

राम नरेश राम
कलाकार को चाहिए कि वह ज्यादा से ज्यादा पहुँचने वाले मुहावरे में अपनी बात कहे- संजीव कुमार पिछली 3 मार्च को जसम दिल्ली इकाई की...
कविता

वह कौन सी आग है जिससे अपने आप को बचाने का आह्वान करते हैं विद्रोही

राम नरेश राम
कविता में जीवन तभी आती है जब कवि जनता के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ हो। अकादमिक परिक्षेत्र में अक्सर वे ही कवि चर्चा के...
जनमत पुस्तक

जीवनपुर हाट जंक्शन : कहानी की शक्ल में संस्मरण और संस्मरण की शक्ल में कहानी

राम नरेश राम
दो सितम्बर को नोएडा में प्रसिद्ध चित्रकार अशोक भौमिक के स्मृति संग्रह ‘ जीवनपुर हाट जंक्शन ’ पर घरेलू गोष्ठी में एक परिचर्चा आयोजित की...
कविता जनमत फ़ील्ड रिपोर्टिंग साहित्य-संस्कृति

अनुपम सिंह की कविताओं पर जसम की घरेलू गोष्ठी की रपट

राम नरेश राम
अनुपम की कविताएँ अपने वक्त, अपने समाज और अपनी काया के अनुभव से उपजी हुई कविताएँ हैं- योगेंद्र आहूजा पिछली 23 जून 2018 को जसम...
कविता जनमत साहित्य-संस्कृति

‘समय है सम्भावना का’ : सत्ता के मौन की पहचान है

राम नरेश राम
जगदीश पंकज जी का कविता संग्रह ‘समय है सम्भावना का’ इसी वर्ष आया है. जगदीश पंकज जी नवगीतकार हैं. दलित साहित्य में नवगीत की कोई...
ख़बर

लाल किला की नीलामी के खिलाफ लेखकों, बुद्धिजीवियों , संस्कृतिकर्मियों ने प्रतिरोध मार्च निकाला

राम नरेश राम
इस प्रतिरोध मार्च में आइसा, अमन बैरदारी, सेंटर फॉर दलित लिटरेचर एंड आर्ट, दलित लेखक संघ, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट, डी.टी.आई, इप्टा, जन संस्कृति मंच, जनवादी...
ज़ेर-ए-बहस

देश विरोधी व्यावसायिक मंसूबा है लाल किला को डालमिया समूह की गोद में देना

राम नरेश राम
हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित करना न केवल सरकार की संस्थाओं की जिम्मेदारी है बल्कि हम नागरिकों का भी दायित्व है। सरकार के...

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