समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमतज़ेर-ए-बहस

भारतीय फासीवाद, पांच राज्यों का चुनाव और दलित राजनीति की जटिलता- दो

जयप्रकाश नारायण 
जयप्रकाश नारायण  कारपोरेट हिंदुत्व गठजोड़ की ताकत से 2014 में मोदी के नेतृत्व में केन्द्र में संघ-भाजपा की  सरकार बनी। भाजपा सरकार बनते ही  कमजोर...
जनमतसाहित्य-संस्कृतिसिनेमा

साहित्य और सिनेमा अपने समय को प्रतिबिंबित करते हैं- डाॅ. विजय शर्मा

समकालीन जनमत
11फरवरी 2022 को ‘भारतीय साहित्य, समाज और सिनेमा’ विषय पर एक ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन हुआ। इस आयोजन की मुख्य  वक्ता वरिष्ठ लेखिका डॉ. विजय...
जनमतज़ेर-ए-बहस

बर्बादी और विषमता से निर्मित  समृद्धि  के पहाड़ पर बैठा तानाशाह

जयप्रकाश नारायण 
जयप्रकाश नारायण  भारत के बारे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों की तरफ से आ रही रिपोर्ट डरावनी लग रही है। एक तरफ मुट्ठी भर...
कहानीजनमतसाहित्य-संस्कृति

हलयोग: कहानी का समाज और समतामूलक समाज निर्माण की अड़चनें

समकालीन जनमत
मोहम्मद उमर  मार्कण्डेय ग्राम कथाकार हैं। वह जीवन से सीधे साक्षात्कार करने वाले कथाकार हैं। ग्राम जीवन का चित्रण अपनी कथाओं में मार्कण्डेय पूरी सजीवता...
ख़बरजनमत

अखिल भारतीय किसान महासभा की  किसान भाईयों से अपील

किसान आंदोलन की उपलब्धियों को सुदृढ़ करें और बड़ी जीत के लिए आगे बढ़ें! वोट की चोट से कारपोरेट परस्त और विश्वासघाती भाजपा को दंडित...
जनमत

“तुम्हारे होने से होता है सब” मायामृग की कविताएँ

समकालीन जनमत
गणेश गनी राजस्थान के कवि माया मृग की कविताएँ अपनी ओर एक गहरे आकर्षण से खींचती हैं। उनकी कविताओं में कल्पना यथार्थ को और मार्मिक...
जनमत

खोई चीज़ों का शोक: जीवन की स्मृतियों से झकझोर खायी कविताएँ

समकालीन जनमत
अनुपम सिंह समकालीन हिंदी कविता में सविता सिंह प्रकृति के क़रीब रहने वाली कवियों में से हैं। सविता सिंह प्रकृति के प्रत्येक क्रियाकलाप को अनिवार्य...
जनमत

वसंत तुम कहाँ हो ?

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार   इस साल कैलेंडर पर वसंत जल्द आ गया लगता है क्योंकि जाड़े को भी इस वर्ष ‘मैं झुकेगा नई’ का स्वैग चढ़ा...
जनमतज़ेर-ए-बहस

संघ परिवार की सांस्कृतिक-आर्थिक नीति और एअर इंडिया  की घर-वापसी

जयप्रकाश नारायण  गणतंत्र दिवस को स्टार्टअप दिवस घोषित करने के बाद 27 जनवरी की सुबह एयर इंडिया की शानदार घर वापसी संपन्न हो गई। टाटा...
कहानीजनमतसाहित्य-संस्कृति

सुकुल की बीवी: व्यक्तित्वांतरण, प्रेम और स्त्री-पुरुष सम्बन्ध की नयी व्यावहारिकता

दुर्गा सिंह
‘सुकुल की बीवी’ निराला की चर्चित कहानी है। यह लखनऊ से प्रकाशित होने वाली पत्रिका ‘सुधा’ में 1937 ईस्वी में छपी। इसी नाम से निराला...
जनमत

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इलाहाबाद में छात्रों पर पुलिसिया कहर

के के पांडेय
जहां आज पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा है और दिल्ली के राजपथ पर उड़ान भरते युद्धक विमानों की गड़गड़ाहट से पूरे देश को अपनी...
जनमत

अशोक की छवि औरंगजेब की तरह बना कर ‘हिंदी रंगमंच’ को ‘हिन्दू रंगमंच’ बनाने की कोशिश

समकालीन जनमत
राजेश कुमार साहित्य अकादमी द्वारा हिंदी नाटक ‘सम्राट अशोक’ के लिए वर्ष 2021 का ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ देने की घोषणा के बाद नाटककार दया प्रकाश...
जनमत

छात्र-युवा संगठन 20 जनवरी से शुरू करेंगे ‘ भाजपा हराओ, शिक्षा-रोजगार बचाओ ’ अभियान

वाराणसी। यूपी मांगे रोजगार अभियान से जुड़े छात्र- युवा संगठन व रोजगार आंदोलन के प्रतिनिधियों ने आज पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ...
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आशाओं के धरना-प्रदर्शन में गूँजा नारा- भीख नही सम्मान चाहिए, आशाओं को 21 हज़ार वेतनमान चाहिए

समकालीन जनमत
इलाहाबाद। आज प्रयागराज ज़िले के विभिन्न सीएचसी/ पीएचसी/स्वास्थ्य उपकेंद्र की आशाओं ने उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन सम्बद्ध ऐक्टू द्वारा राज्यव्यापी आह्वान पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक...
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दलित छात्रा सामूहिक बलात्कार-हत्या की घटना में प्रशासन अपराधियों के बचाव में : जांच रिपोर्ट 

समकालीन जनमत
पटना। भाकपा माले और ऐपवा के संयुक्त जांच दल ने वैशाली जिले के मानसिंहपुर बिझरौली पंचायत के शाहपुर गांव में 20 दिसंबर की शाम एक दलित...
जनमत

नफरती शब्दों द्वारा भारतीय समाज में एक उन्मादी तर्कहीनता के बीज बोये जा रहे हैं

समकालीन जनमत
( वसुंधरा श्रीनेत द्रेनन का यह लेख “द हिन्दू” में 30 दिसंबर 2021 को प्रकाशित हुआ है। समकालीन जनमत के पाठकों के लिए दिनेश अस्थाना...
जनमत

धर्म स्वातंत्र्य विधेयकों / अधिनियमों के पीछे सांप्रदायिक राजनीति और उसका दबाव है

दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते दबदबे के चलते, कई भारतीय राज्यों ने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम बनाये हैं. विडंबना यह है कि ये सारे कानून, धर्म और...
जनमत

‘ कविता की दुनिया में अदम एक अचरज की तरह ’

कौशल किशोर
अदम गोंडवी 1980 के दशक में अपनी व्यवस्था विरोधी तथा आंदोलन परक कविताओं से चर्चा में आये। ‘चमारों की गली’ उन्हीं दिनों लखनऊ व इलाहाबाद से...
जनमत

बैंकों का निजीकरण एक विनाशकारी विचार है

दीपंकर भट्टाचार्य
कॉरपोरेट परस्त कृषि कानूनों पर पीछे हटने के लिए मजबूर किए जाने के बावजूद, मोदी सरकार एक अन्य प्रमुख क्षेत्र में राष्ट्रीयकरण को उलटने पर...
जनमत

वर्ण व्यवस्था व जाति के उच्छेद के लिए संघर्ष तेज करना होगा

समकालीन जनमत
11 दिसम्बर, 2021 को प्रलेस-जलेस-जसम द्वारा इलाहाबाद में आयोजित अमृतराय जन्मशती आयोजन में सर्वसम्मति से ´साहित्य-संस्कृति के आज के संयुक्त मोर्चे´ के विषय में पारित प्रस्ताव...
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