Monday, January 17, 2022
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छात्र-युवा संगठन 20 जनवरी से शुरू करेंगे ‘ भाजपा हराओ, शिक्षा-रोजगार बचाओ ’ अभियान

वाराणसी। यूपी मांगे रोजगार अभियान से जुड़े छात्र- युवा संगठन व रोजगार आंदोलन के प्रतिनिधियों ने आज पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में  ‘ भाजपा हराओ- शिक्षा, रोजगार, लोकतंत्र बचाओ ‘ अभियान  शुरू करने की घोषणा की। इस अभियान के तहत प्रदेश में एक लाख पर्चा बांटने व 1000 गांव व मोहल्लों में रोजगार पंचायत करने का बात काही गई।

प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यूपी मांगे रोजगार अभियान के संयोजक सुनील मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार नौजवानों को रोजगार देने में पूरी तरह से असफल हो चुकी हैं। रोजगार मांगने पर लाठी और जेल मिल रही है। इसके खिलाफ पूरे प्रदेश का नौजवान सड़क पर आंदोलनरत है और अब चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी में है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार ने रोजगार देने के वायदे को जुमला साबित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे प्रदेश में रोजगार देने में नंबर वन का विज्ञापन लगाया गया है जबकि सच्चाई यह है कि सरकार पूरी तरह से रोजगार देने में विफल हुई है,परीक्षाओं की सूचना तार-तार हो गई है,पेपर आउट होना एक स्वाभाविक परिघटना बन गई है। उत्तर प्रदेश में 3.30 लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं लेकिन सरकार शिक्षकों का पद भी नहीं भरना चाहती है।

इंकलाबी नौजवान सभा( इनौस) के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार रोजगार शिक्षा देने में तो नाकाम है ही कानून व्यवस्था भी ध्वस्त है। ठोको नीति के तहत दलितों पिछड़ों मुस्लिमों पर हमला जारी है लेकिन सत्ता से जुड़े अपराधियों का पूरी तरह से संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने पूरे प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी पर सरकार को घेरते हुए जिले स्तर पर फैक्ट्रियों-कारखानों को संचालित कर अधिकतम नौजवानों को रोजगार की गारंटी की मांग की।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की प्रदेश उपाध्यक्ष चंदा यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत सरकार शिक्षा को बाजार के हवाले कर देना चाहती है,जिसके पास पैसा होगा सिर्फ उन्हीं को पढ़ने का हक होगा,नई शिक्षा नीति में आरक्षण का उल्लेख ना होना यह साफ दर्शाता है कि सरकार पूरी तरह से आरक्षण को समाप्त कर वंचित तबकों को मिला संवैधानिक हक छीन रही है। उन्होंने संयुक्त सचिव पद पर लेटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्ति व विश्वविद्यालयों में एनएफएस की परिघटना का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार सामाजिक न्याय विरोधी सरकार है, 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाला को सरकार स्वीकार करती है लेकिन आरक्षण की पूरी सीट नहीं दे रही है और सबसे बड़ी बात आरक्षण घोटाले के जिम्मेदार शिक्षक मंत्री को जेल भेजने के बजाय उन को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने घोटाले के जिम्मेदार बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी पर कार्रवाई करने की मांग की।

नई शिक्षक भर्ती आंदोलन के नेता सुमित गौतम ने कहा कि सरकार उच्चतम न्यायालय में हलफनामा देकर शिक्षकों की भर्ती की बात कहती है लेकिन हकीकत में रोजगार नहीं देना चाहती। जो दोनों शिक्षक भर्ती उत्तर प्रदेश में हुई। वह शिक्षामित्रों को हटाए जाने के बाद खाली हुए पदों पर की गई है। उसमें भी 22000 पद अभी रिक्त ही है।

युवा किसान नेता मारुति मानव ने कहा कि भाजपा सरकार किसान नौजवान विरोधी सरकार है किसानों ने सरकार को झुकाने का काम किया है अब नौजवान सरकार को सत्ता से बेदखल कर अपनी ताकत का एहसास कराएगा।
विद्यार्थी युवजन सभा के प्रदेश संयोजक शैलेश मौर्य ने कहा कि सरकार माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से लेकर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग तक की नियुक्तियों को नहीं करा रही है। पद रिक्त होने के बावजूद भी सरकार विज्ञापन जारी नहीं कर रही है,नौजवानों में सरकार के खिलाफ गुस्सा है।

चंदौली के युवा पत्रकार विजय विश्वकर्मा ने कहा कि सरकार ने जनता की आवाज को अनसुना कर दिया है जो भी लोग अपने हक अधिकार के लिए आवाज उठाते हैं उनकी आवाज को पुलिस के बल पर दबाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने खुद को झूठे मुकदमों में फंसा देने का जिक्र करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में भी हुई गिरावट को रेखांकित किया।

वाराणसी के युवा नेता कमलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती महंगाई व बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की और कहा कि कोरोना महामारी सरकार की सच्चाई को सामने ला दिया है। स्वास्थ्य व्यवस्था में उत्तर प्रदेश की सरकार फिसड्डी साबित हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता त्रस्त है और सरकार श्रम कार्ड के नाम पर ₹500 देने का लालच दे रही है जबकि परीक्षा फार्म भरने व परीक्षा सेंटर दूर कर सरकार उससे कहीं अधिक पैसा वसूल ले रही है।

आदिवासी अधिकार मंच मिर्जापुर से आए युवा नेता धर्मराज कोल ने कहा कि सरकार गरीबों को खैरात बांटकर वोट ले लेना चाहती है लेकिन उनका हक अधिकार नहीं देना चाहती है। बीएचयू की छात्र नेता सोनाली ने कहा कि सरकार अपराधियों के प्रदेश छोड़ने की बात कहते हुए महिलाओं को सुरक्षा देने का दावा करती है लेकिन हाथरस से लेकर उन्नाव तक कानपुर से लेकर चंदौली तक ऐसे अनेकों बलात्कार व हत्या की जघन्यतम घटनाएं हुई हैं जिसका जवाब देने के बजाय सरकार अपराधियों के पक्ष में ही खड़ी हुई दिखाई देती है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आइसा के प्रदेश सचिव शिवम सफीर ,गाजीपुर से आए युवा नेता मनोज कुशवाहा, ठाकुर प्रसाद ,शशांक अनिरुद्ध,मंगल राजभर, इंद्रजीत मौर्य ,डॉ योगेंद्र भारती, अनीता चौहान,सूरज कोल
शामिल रहे।

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