समकालीन जनमत

Author : के के पांडेय

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के. के. पाण्डेय समकालीन जनमत (प्रिंट) के संपादक हैं । Email: [email protected]
यात्रा वृतान्त

रौशनी झरोखों से भी आती है

के के पांडेय
भट्ट जी, इसी नाम से पुकारते हैं हम उन्हें. वैसे उनका पूरा नाम खीमानंद भट्ट है. अल्मोड़ा में रहते हैं. वे न तो अल्मोड़ा की...
पुस्तक

जाति-मुक्ति का प्रश्न, उसकी राजनीति और पूंजी-लोक (नवीन जोशी के उपन्यास के बहाने कुछ बातें)

के के पांडेय
(एक दलित नौजवान के अंतर्द्वंद की कथा के भीतर से उत्तराखंडी समाज के भीतर की जातिगत विषमताओं, कारपोरेट की गुलामगीरी और राजनैतिक आंदोलनों के सामाजिक...
ख़बर फ़ील्ड रिपोर्टिंग

हिंदू-मुसलमान के घृणित जहरीले मीडिया प्रचार के बीच आस बंधाती लोगों की एकता

के के पांडेय
इलाहाबाद के लूकरगंज के जिस कंपाउंड में रहता हूं वहां मैं करीब 13 साल पहले आया था। तब कंपाउंड के सारे बच्चे काफी छोटे थे।...
ख़बर शख्सियत

शहीद चंद्रशेखर आजाद के सपनों का भारत बनाने की जिम्मेदारी लेनी होगी

के के पांडेय
(शहीद चंद्रशेखर आजाद की स्मृति को सलाम करते हुए उनके सपनों के हिंदुस्तान बनाने की जिम्मेदारी याद दिलाते हुए आज़ाद के शहादत दिवस पर यहां...
ख़बर

सरकार पीछे हट रही है और आपकी जीत होगी

के के पांडेय
प्रयागराज: 22 फरवरी रोशन बाग में 40 दिन से ऊपर धरना चला रही बहादुर महिलाओं और उनका साथ दे रहे तमाम छात्रों युवाओं नागरिकों को...
ख़बर ज़ेर-ए-बहस

बेखौफ नई आजादी और सपनों का नया मोर्चा: रोशन बाग

के के पांडेय
19 जनवरी 2020, इलाहाबाद। इतिहास कई बार खुद को दोहराता है और नए-नए रूप में दोहराता है । अभी से ठीक 1 बरस पहले जब...
ख़बर

शहीद रौशन सिंह के शहादत स्थल से निकलते जुलूस को रोका जा रहा है

के के पांडेय
ब्रेकिंग न्यूज 19दिसंबर, 2019: इलाहाबाद । इलाहाबाद में सीसीए एनआरसी के विरोध में शहीद रौशन सिंह के शहादत स्थल से (स्वरूप रानी हास्पिटल) निकले जुलूस...
ख़बर ज़ेर-ए-बहस

मऊ : बवाल के पीछे झांकती साजिश

के के पांडेय
16 दिसंबर, दिन के 1:12 मिनट पर अचानक मऊ रिजेक्ट सी ए ए नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से एक मैसेज आता है ,”आज 2:00 बजे...
जनमत फ़ील्ड रिपोर्टिंग

आरा : आर पार जंग है, इम्तिहान सख्त है

के के पांडेय
लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण है। सभी दलों ने अपनी अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। बंगाल में नवजागरण के पुरोधा ईश्वर चंद्र विद्यासागर की...
जनमत फ़ील्ड रिपोर्टिंग

जहानाबाद : चुनाव में गरीबों-महिलाओं की बुलंद आवाज़ के मायने

के के पांडेय
 आठवें और नवें दशक में कभी अरवल, लक्ष्मणपुर बाथे और शंकर बिगहा जैसे नररसंहारों के लिए चर्चित जहानाबाद उसके जबरदस्त प्रतिरोध के लिए भी जाना...
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