कविता विमल किशोर की कविताओं में स्त्री मुक्ति की आकांक्षा – उषा रायसमकालीन जनमतMarch 21, 2023 by समकालीन जनमतMarch 21, 2023095 लखनऊ। लखनऊ पुस्तक मेले में , 18 मार्च को विमल किशोर के कविता संग्रह ‘पंख खोलूं उड़ चलूं’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन...
कविता अनिल अनलहातु की कविताएँ हमारी हताशा और जिजीविषा का अन्तर्द्वन्द्व हैंसमकालीन जनमतMarch 12, 2023March 12, 2023 by समकालीन जनमतMarch 12, 2023March 12, 2023082 प्रभात मिलिंद अनिल अनलहातु हमारे समय के विरल और अनिवार्य कवि हैं. कविताओं में वक्रोक्तियों का कारुणिक प्रयोग कैसे संभव हो सकता है, व्यंग्य में...
कविता रूपम मिश्र का कविता पाठ : कविता जीवन के आवेग से पैदा होती हैसमकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 2023 by समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 20230200 इलाहाबाद। जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तीन मार्च को मेयो हाॅल के पास स्थित अंजुमन-रूह-ए-अदब के हॉल में कविता पाठ और परिचर्चा का आयोजन हुआ।...
कविता शिरोमणि महतो की कविताओं की प्रकृति देशज है।समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 5, 2023 by समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 5, 20230103 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि शिरोमणि महतो की इन कविताओं में भाषा और अनुभवों की ताजगी साफ देखी जा सकती है। इन कविताओं मे कवि ने...
कविता उर्मिल मोंगा की कविताएँ स्वप्न और उम्मीद जगाती हैंसमकालीन जनमतFebruary 26, 2023February 26, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 26, 2023February 26, 20230225 कौशल किशोर कहा जाता है कि मानवीय दर्द का एहसास व अनुभूति तथा मुक्ति की कलात्मक अभिव्यक्ति ही आज की कविता है। भाव, विचार व...
कविता यूनुस ख़ान की कविताएँ जीवन और समय की जटिलताओं को दर्ज करती हैंसमकालीन जनमतFebruary 19, 2023February 19, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 19, 2023February 19, 20230154 निरंजन श्रोत्रिय सरलता का शिल्प सबसे जटिल होता है। जीवन और समय की जटिलताओं को कविता के जटिल शिल्प में ढाल देना एक रूपान्तरण हो...
कविता बोधिसत्व की कविताएँ सच सरेआम कहने के हुनर का शिल्प हैंसमकालीन जनमतFebruary 12, 2023February 12, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 12, 2023February 12, 20230292 भरत प्रसाद बोधिसत्व की पहचान 90 के दशक के प्रमुख कवि के तौर पर बनी, जो आजतक कायम है। हम जो नदियों का संगम हैं-2002...
कविता सुनीता ‘अबाबील’ की कविताएँ स्त्री पीड़ा की अंतर यात्रा हैंसमकालीन जनमतFebruary 5, 2023February 6, 2023 by समकालीन जनमतFebruary 5, 2023February 6, 20230312 हीरालाल राजस्थानी बेशक ही दलित व हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श को स्थान मिलता रहा है। खासतौर पर कविता विधा में, जहाँ शुरुआती दौर में...
कविता रमेश ऋतंभर की कविताओं में सामूहिकता की भावना शिद्दत से अभिव्यक्त होती हैसमकालीन जनमतJanuary 29, 2023January 29, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 29, 2023January 29, 20230101 पंकज चौधरी समकालीन हिन्दी कविता में दो तरह की कविताएँ अधिक प्रामाणिक और विश्वसनीय कही जा सकती हैं। एक तो वे कविताएँ, जिन्हें लिखने वाले...
कविता श्याम अविनाश की कविता: अदृश्य से जन्मता है दृश्यसमकालीन जनमतJanuary 22, 2023January 22, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 22, 2023January 22, 2023097 आनंद बहादुर …दूर नीम का एक पेड़ भींग रहा है या नहीं दूर से दिखता नहीं है किसी का भींगना… मांदल की आवाज के...
कविता दीपेश कुमार की कविताएँ सामाजिक विषमताओं की थाह लेती हैंसमकालीन जनमतJanuary 15, 2023January 15, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 15, 2023January 15, 20230340 विपिन चौधरी युवा कवि दिपेश कुमार की कलम अभी नई है इन्होंने अपनी इन चारों कविताओं में भारतीय समाज के उस हिस्से को केंद्र बनाया...
कविता अरुण आदित्य वक्र उक्ति के सहज कवि हैंसमकालीन जनमतJanuary 8, 2023January 8, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 8, 2023January 8, 20230159 बोधिसत्व कवि अरुण आदित्य की कविता हिंदी में कहाँ उपस्थित है इस बात का आकलन इन पंद्रह कविताओं से नहीं किया जा सकता। वे स्थापित...
कविता पूनम सोनछात्रा की कविताएँ प्रेम और दर्शन के महीन सिरे हैंसमकालीन जनमतJanuary 1, 2023January 1, 2023 by समकालीन जनमतJanuary 1, 2023January 1, 20230174 नवीन रांगियाल कई बार मैं महसूस करता हूँ कि कविताएँ किसी की नींद की तरह होनी चाहिए. उसकी धड़कन की हल्की आवाज़ें महसूस करने की...
कविता ‘ कविता, जीवन का उत्सव है/कविता थकने का नहीं/ लड़ने का नाम है ‘समकालीन जनमतDecember 26, 2022 by समकालीन जनमतDecember 26, 20220163 आशाराम जागरथ, उमेश पंकज और भगवान स्वरूप कटियार का कविता पाठ लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम), लखनऊ की ओर से ‘सृजन हमारे समय में’ श्रृंखला...
कविता रवित यादव की कविताएँ प्रश्नाकुल और उर्वर भावभूमि से उपजती हैंउमा रागDecember 25, 2022December 26, 2022 by उमा रागDecember 25, 2022December 26, 20220192 आलोक रंजन हाल में रवित यादव की कविताओं से रु ब रु होने का मौका मिला । उनकी कविताओं में युवतर जीवन की समाज की...
कविता सुंदर चंद ठाकुर की कविताएँ मर्मभेदी यथार्थ को उजागर करती हैंसमकालीन जनमतDecember 18, 2022December 18, 2022 by समकालीन जनमतDecember 18, 2022December 18, 20220336 कुमार मुकुल फौजी, संपादक और मैराथन दौड़ाक सुंदर चंद ठाकुर के भीतर इतना संवेदनशील कवि निवास करता है यह नहीं जान पाता अगर उनकी ‘चयनित...
कविता सुधा उपाध्याय की कविताएँ सत्ता के क्रूर प्रपंचों को उजागर करती हैंसमकालीन जनमतDecember 11, 2022December 11, 2022 by समकालीन जनमतDecember 11, 2022December 11, 20220240 अंशु चौधरी समकालीन हिंदी कविता परिदृश्य में सुधा उपाध्याय परिचित नाम हैं। वे अपनी रचनाओं में अपनी विशिष्ट रचनात्मक तेवर, भाषा, और नवीन एवं सूक्ष्म...
कविता दिव्या श्री की कविताएँ अपने परिवेश को ईमानदारी से व्यक्त करने की कोशिशें हैंसमकालीन जनमतDecember 4, 2022December 4, 2022 by समकालीन जनमतDecember 4, 2022December 4, 20220178 देवेश पथ सारिया युवा कवयित्री दिव्या श्री की कविताओं को लेकर सकारात्मक बातें पहले कहूँ तो दिव्या श्री द्वारा अपने परिवेश को ईमानदारी से व्यक्त...
कविता महेश वर्मा की कविताएँ अनेक अबूझ, बिखरे दृश्यों से संवाद करती हैंसमकालीन जनमतNovember 27, 2022November 27, 2022 by समकालीन जनमतNovember 27, 2022November 27, 20220409 वसु गंधर्व पाठक बड़ी तन्मयता से, कविताओं के आवरणों से होकर कवि के हृदय की निशीथ तहों को आँकता है। कविता की अपनी अर्थ-भाव-भूमि से इतर,...
कविता शशिभूषण बडोनी की कविताएँ बड़ी सरलता से दिल पर दस्तक देती हैंसमकालीन जनमतNovember 20, 2022November 20, 2022 by समकालीन जनमतNovember 20, 2022November 20, 20220174 कल्पना पंत शशिभूषण बडोनी की कविताएँ बड़ी सरलता और ख़ामोशी से दिल पर दस्तक देती हैं. पहली बार इन कविताओं को पढ़ने पर शिल्प की...