कविता बाबुषा की कविताएँ जीवन को तप करके पत्थर के बरक्स पानी बना देने की हिमायती हैंसमकालीन जनमतOctober 30, 2022October 30, 2022 by समकालीन जनमतOctober 30, 2022October 30, 20220296 दीपक जायसवाल मेरे ज़माने की ऐसी लेखिका जिसे पानी पर लिखी तहरीरें पढ़ना आता है, बारिशें जिनकी पुरखिन हैं, जिनके यहाँ सूरज पर लगा ग्रहण,...
कविता सुभाष यादव की कविताएँ संभावनाओं की आवाज़ हैंसमकालीन जनमतOctober 23, 2022October 23, 2022 by समकालीन जनमतOctober 23, 2022October 23, 20220304 विनय सौरभ सुभाष यादव की कविताएँ आपको चौंकाएँगी नहीं। न ही किसी विस्मय से भरेंगी ! ये कविताएँ वैसी ही हैं जैसे किसी निर्जन...
कविता आशीष त्रिपाठी की कविताएँ विषाक्त दौर में प्रकृति की दरियादिली को ज़ाहिर करती हैंसमकालीन जनमतOctober 16, 2022October 16, 2022 by समकालीन जनमतOctober 16, 2022October 16, 20220412 विपिन चौधरी रचनात्मक और जिज्ञासु संचेतना देर-सवेर अपनी भाषा विकसित कर लेती है. यह भाषा कवि की आत्मा की भाषा है. अपने भीतर के...
कविता अखिल कत्याल की कविताएँ दोस्त की तरह हैंसमकालीन जनमतOctober 9, 2022October 9, 2022 by समकालीन जनमतOctober 9, 2022October 9, 20220129 शुभम श्री अखिल की कविताओं को कैसे पढ़ें सबसे पहले इन पाँच सौ शब्दों के चिट्ठे को नज़रअंदाज करें और तेज गति से स्क्रोल कर...
कविता लीना मल्होत्रा की कविताएँ स्त्रीस्वर का स्थापित मुहावरा हैंसमकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 2022 by समकालीन जनमतOctober 2, 2022October 2, 20220131 प्रिया वर्मा महत्वाकांक्षाओं की चिड़िया औरत की मुंडेर पर आ बैठी है दम साध शिकारी ने तान ली है बन्दूक निशाने पर है चिड़िया अगर...
कविता होती हुई सुबह की तरह कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 25, 2022September 30, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 25, 2022September 30, 20220124 विनय कुमार लिखने वाले कवियों से भरे हिंदी जगत में कुमार मुकुल एक पढ़ने वाले कवि हैं। उनकी मारक लघु टिप्पणियों से परिचित पाठक भली-भाँति...
कविता जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताएँ मनुष्यता का संधान करती हैंसमकालीन जनमतSeptember 25, 2022September 25, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 25, 2022September 25, 20220187 देवेश पथ सारिया वरिष्ठ कवि जितेंद्र श्रीवास्तव की कविताओं से गुज़रते हुए लगता है कि यह कवि मनुष्य एवं प्रकृति के बीच तादात्म्य की...
कविता आयुष पाण्डेय की कविताएँ मनुष्यता की बेहद सरल सतह पर जीती हैंसमकालीन जनमतSeptember 11, 2022September 11, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 11, 2022September 11, 20220110 संध्या नवोदिता ये ताज़गी भरी कविताएँ हैं. प्रेम में गले गले तक डूबी. विछोह में साँस रोकती. हज़ार तरह के सवाल पूछती. दुनिया के बुनियादी...
कविता नाइजीरियाई कवि बेन ओकरी की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 4, 2022September 4, 2022 by समकालीन जनमतSeptember 4, 2022September 4, 2022067 विपिन चौधरी नाइजीरियाई कवि और उपन्यासकार बेन ओकरी आज के समय में दुनिया भर के साहित्यिक पटल पर लोकप्रिय नाम है. बेन का जन्म...
कविता मनीष कुमार यादव की कविताएँ अपनी चुप्पी में एक बहुत गझिन यात्रावृत्त को समेटे रहती हैंसमकालीन जनमतAugust 28, 2022August 28, 2022 by समकालीन जनमतAugust 28, 2022August 28, 20220197 वसु गन्धर्व मनीष की कविताएँ एक कठिन ज़मीन की कविताएँ हैं जो अपने प्रस्तावित पाठ में पाठक से उतने ही सृजनात्मक संघर्ष की अपेक्षा करती...
कविता विमल भाई की कविताएँ क्वीयर कविता के संघर्ष और सौंदर्यबोध की बानगी हैंसमकालीन जनमतAugust 21, 2022August 21, 2022 by समकालीन जनमतAugust 21, 2022August 21, 2022070 अखिल कत्याल विमल भाई, अलविदा! कुछ एक साल पहले की बात है। अपनी मित्र अदिति अंगिरस के साथ मैं एक ‘क्वीयर कविताओं’ के संग्रह का...
कविता ‘अब बदलना होगा लिखने को लडाई में ‘समकालीन जनमतAugust 18, 2022 by समकालीन जनमतAugust 18, 2022047 ‘ लिखावट ’ की ओर से ‘ कविता लखनऊ ‘ का आयोजन शमशेर की मशहूर कविता है ‘काल से होड़’। वे कहते हैं ‘काल तुझसे...
कविता जसम का आयोजनः खौफनाक समय से मुठभेड़ करती कविताओं का पाठसमकालीन जनमतAugust 16, 2022August 16, 2022 by समकालीन जनमतAugust 16, 2022August 16, 2022037 अभी हाल के दिनों में जन संस्कृति मंच की रायपुर ईकाई ने शब्द प्रसंग के तहत छत्तीसगढ़ के दस बेहद उर्वर कवियों को लेकर एक...
कविता भरत प्रसाद की कविताएँ: यह शरीर जो कारागृह है घोंट रहा मेरा पक्षीपनसमकालीन जनमतAugust 14, 2022August 14, 2022 by समकालीन जनमतAugust 14, 2022August 14, 20220116 आशीष त्रिपाठी भरत प्रसाद कवि हैं । कवि होने की सभी शर्तों को पूरा करते कवि । उनकी कविताओं की दुनिया घर से बाहर,...
कविता नरेश गुर्जर की कविता दृश्य की पृष्ठभूमि पर ठहरी हुई निगाह हैसमकालीन जनमतAugust 7, 2022August 9, 2022 by समकालीन जनमतAugust 7, 2022August 9, 20220198 बबली गुर्जर कविताओं की सरलता उनकी ख़ूबसूरती का पैमाना होती है। कुछ कविताएँ किसी पदबंध के अधीन नहीं होती। उन्हें सुनते पढ़ते समय जिया भी...
कविता वसु गन्धर्व की कविताएँ मन्द्र उपस्थिति के मुखर स्वर हैंसमकालीन जनमतJuly 31, 2022July 31, 2022 by समकालीन जनमतJuly 31, 2022July 31, 20220348 रंजना मिश्र कुछ स्वर अपनी मन्द्र उपस्थिति में अधिक सुन्दर, अधिक मुखर होते हैं। वे कोमल, गझिन और एकान्तिक होते हुए भी अपनी ज़मीन पर...
कविता शुभम नेगी की कविताएँ इंद्रधनुषी चेतना का प्रसार एवं मनुष्यता की फिसलन की चिंता हैंसमकालीन जनमतJuly 24, 2022July 24, 2022 by समकालीन जनमतJuly 24, 2022July 24, 20220110 देवेश पथ सारिया युवा कवि शुभम नेगी की कलम नई है, शुभम अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के लिए कुछ सकारात्मक रचना चाहते हैं।...
कविता देवेंद्र आर्य का कविता पाठ : ‘भाषा को माचिस होना होगा’समकालीन जनमतJuly 20, 2022 by समकालीन जनमतJuly 20, 20220144 लखनऊ। ‘ लिखावट ‘ की ओर से हमारे समय के महत्वपूर्ण कवि देवेंद्र आर्य के एकल कविता पाठ के कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह 19...
कविता प्रवीण परिमल की कविताओं में प्रेम है तो अन्याय का प्रतिकार भीसमकालीन जनमतJuly 17, 2022July 17, 2022 by समकालीन जनमतJuly 17, 2022July 17, 2022096 कौशल किशोर प्रवीण परिमल की कविताओं पर आलोचक प्रो रविभूषण का कहना है ‘जो प्रेम नहीं करता, वह मनुष्य ही नहीं है।…..प्रेम ही जीवन है।...
कविता अदनान कफ़ील दरवेश के संग्रह ‘ठिठुरते लैम्प पोस्ट’ का काव्यपाठ एवं समीक्षा गोष्ठीसमकालीन जनमतJuly 14, 2022July 14, 2022 by समकालीन जनमतJuly 14, 2022July 14, 20220144 जसम दिल्ली की ओर से घरेलू गोष्ठी श्रृंखला में भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित युवा कवि अदनान कफ़ील दरवेश के पहले काव्य-संग्रह ‘ठिठुरते लैम्प...