समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविता

उपासना झा की कविताएँ स्त्री वेदना से स्त्री चेतना के सफ़र की अभिव्यक्ति हैं

समकालीन जनमत
सोनी पाण्डेय जब भी स्त्री कविता से गुजरती हूँ मन कविता की आत्मा में कान लगा उसकी धड़कने(कहन) सुनने की कोशिश करने लगता है।मुझे याद...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

रामलीला : राजनीति के नागपाश में जकड़ी संस्कृति

समकालीन जनमत
रामलीला : राजनीति के नागपाश में जकड़ी संस्कृति * अनिल शुक्ल   दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर इन दिनों सरयू नगरी से ‘अयोध्या की रामलीला’...
भाषा

उर्दू की क्लास : “ज़ौक़” और “जौक़” का फ़र्क़

( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की शृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की ग्यारहवीं     क़िस्त में ज़ौक़ और जौक़ का फ़र्क़ के बहाने उर्दू...
कविता

सविता पाठक की कविताएँ पितृसत्तात्मक चलन और पाखंड को उजागर करती हैं

समकालीन जनमत
रुपम मिश्र सविता पाठक मूल रूप से कहानीकार हैं । कहानी की गद्यात्मकता उनकी कविताओं में भी बनी रहती है । सविता की कविताएँ एक...
भाषा

उर्दू की क्लास : ज़ंग और जंग का फ़र्क़ ?

समकालीन जनमत
( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की शृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की दसवीं    क़िस्त में ज़ंग और जंग का फ़र्क़ के बहाने उर्दू...
शख्सियत

अर्नेस्तो ‘चे’ ग्वेराः नये मनुष्य के निर्माण का स्वप्न

समकालीन जनमत
संजय कुंदन बीते नौ अक्टूबर को महान क्रांतिकारी अर्नेस्तो चे ग्वेरा की शहादत को दुनिया भर में याद किया गया। इस मौके पर बीस वामपंथी...
कविता

मृदुला की कविताएँ व्यवस्था की चमक के पीछे पसरे हुए अंधकार को उजागर करती हैं

समकालीन जनमत
कामिनी त्रिपाठी स्वभाव से सरल-सहज मृदुला सिंह छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल सरगुजा के एक कॉलेज में पढ़ाती हैं | यूँ तो उनका जन्म और पढ़ाई–लिखाई...
शख्सियत

राजनीति में एक सूफ़ी

समकालीन जनमत
( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ ने अपने जीवन के सौ साल पूरे कर लिए हैं....
जनमत

‘बंबई में का बा’ और बिहार

समकालीन जनमत
आलोक रंजन अक्सर अपने फूहड़ और अश्लील स्वरूप को लेकर चर्चा में रहने वाले भोजपुरी गानों की दुनिया में पिछले दिनों एक अलग बात सामने...
शख्सियत

मुन्नन चाचा का सौवां जन्मदिन

( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ ने अपने जीवन के सौ साल पूरे कर लिए हैं....
शख्सियत

उर्दू की क्लास : शब्बा ख़ैर या शब बख़ैर ?

समकालीन जनमत
( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की शृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की नौवीं क़िस्त में शब बख़ैर के मायने के बहाने उर्दू भाषा के...
कविता

प्रतिभा की कविताएँ स्त्री जीवन के सवालों को मानव सभ्यता के सवालों से जोड़ती हैं

समकालीन जनमत
बसन्त त्रिपाठी प्रतिभा कटियार उन कवियों में है जिनके पास अपनी आत्मीय भाषा तो है ही, अपनी भावनाओं से ज़रा दूर जाकर चीज़ों को देखने...
शख्सियत

ज़िया भाई को सलाम !

( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ ने अपने जीवन के सौ साल पूरे कर लिए हैं....
शख्सियत

ज़िया भाई: दोस्त, बुद्धिजीवी और एक्टिविस्ट

( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ ने अपने जीवन के सौ साल पूरे कर लिए हैं....
शख्सियत

कामरेड ज़िया-उल-हक़ : एक शताब्दी का शिला लेख

समकालीन जनमत
( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ ने अपने जीवन के सौ साल पूरे कर लिए हैं....
शख्सियत

ज़िया को शताब्दी वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !

समकालीन जनमत
( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ ने अपने जीवन के सौ साल पूरे कर लिए हैं....
शख्सियत

इलाहाबाद के ‘प्रथम नागरिक’

समकालीन जनमत
( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ ने अपने जीवन के सौ साल पूरे कर लिए हैं....
शख्सियत

कामरेड ज़िया चचा

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( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ ने अपने जीवन के सौ साल पूरे कर लिए हैं....
शख्सियत

मुन्नन भाई का नाबाद सैकड़ा : पाकिस्तान से सन्देश

( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ आज अपने जीवन के सौ साल पूरे कर रहे हैं....
शख्सियत

कॉमरेड ज़िया उल हक़, लाल सलाम

( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ आज अपने जीवन के सौ साल पूरे कर रहे हैं....
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