शख्सियत कामरेड ज़िया उल हक़ और उनका 17 जानसेन गंज, इलाहाबादसमकालीन जनमतSeptember 28, 2020September 28, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 28, 2020September 28, 202003492 ( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ आज अपने जीवन के सौ साल पूरे कर रहे हैं....
शख्सियत एक बेटे की कलम से कुछ यादेंसमकालीन जनमतSeptember 28, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 28, 202003935 ( 28 सितम्बर 1920 को इलाहाबाद के जमींदार मुस्लिम परिवार में पैदा हुए ज़िया –उल-हक़ आज अपने जीवन के सौ साल पूरे कर रहे हैं....
भाषा उर्दू की क्लास : नाज़नीन, नाज़मीन और नाज़रीनसमकालीन जनमतSeptember 27, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 27, 202003345 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की आठवीं क़िस्त में नाज़नीन, नाज़मीन और नाज़रीन के फ़र्क़ के मायने के...
कविता अंतिम आदमी की हालत बयाँ करतीं विधान की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 27, 2020September 27, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 27, 2020September 27, 202002614 कुमार मुकुल गुंजन श्रीवास्तव ‘विधान’ की कविताएँ ‘कवियों के कवि’ शमशेर बहादुर सिंह से लेकर सीधा नारा की तर्ज़ पर गांधी के ‘अंतिम आदमी’ की...
कविता मुमताज़ सत्ता की चालाकियों को अपनी शायरी में बड़े सलीके से बेनक़ाब करते हैंसमकालीन जनमतSeptember 20, 2020September 20, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 20, 2020September 20, 202002190 संविधान के पन्नों में तंबाकू विल्स की भर-भर के संसद की वो चढ़ें अटरिया, जै जै सीता-जै जै राम ये एक ऐसे शायर का शे’र...
कविता विश्वकर्मा पूजा : रिपोर्ताज़समकालीन जनमतSeptember 17, 2020September 18, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 17, 2020September 18, 202001630 ( हिंदी के वरिष्ठ कथाकार शेखर जोशी ने इलाहाबाद के 508 आर्मी बेस वर्कशॉप में नौकरी करते हुए लम्बा समय कारख़ाने में कारीगरों के बीच...
ख़बर दिल्ली के झुग्गीवासियों के आवास व आजीविका के अधिकार चार्टर को जारी करते हुए भाकपा माले की 48 घंटे की चेतावनी भूख हड़ताल खत्म हुईसमकालीन जनमतSeptember 16, 2020September 16, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 16, 2020September 16, 202001229 48 घण्टे से जारी भूख हड़ताल को समाप्त करते हुए दिल्ली में झुग्गियों को तोड़े जाने के आदेश को पूरी तरह ख़ारिज करने और...
ख़बर दिल्ली में रेलवे किनारे की झुग्गियों को तोड़े जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल का दूसरा दिनसमकालीन जनमतSeptember 15, 2020September 15, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 15, 2020September 15, 202002023 48 घंटे की भूख हड़ताल का आज दूसरा दिन! रेलवे मंत्रालय द्वारा न्यायालय में झुग्गियों के तोड़े जाने पर चार सप्ताह की रोक की सूचना...
ख़बर भाकपा माले ने दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को तोड़े जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ शुरू की 48 घंटे की भूख हड़तालसमकालीन जनमतSeptember 14, 2020September 14, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 14, 2020September 14, 202001887 भाकपा माले ने झुग्गी बस्तियों को तोड़े जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ शुरू की 48 घंटे की भूख हड़ताल ! 4 सप्ताह तक...
भाषा उर्दू की क्लास : “ख़िलाफ़त” और “मुख़ालिफ़त” का फ़र्क़समकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 202002861 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की सातवीं क़िस्त में “ख़िलाफ़त” और “मुख़ालिफ़त” के फ़र्क़ के मायने के बहाने...
कविता छूटते हुए ज़रूरी प्रश्नों का कवि अंजन कुमारसमकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 13, 2020September 13, 202003183 बसन्त त्रिपाठी सत्ता संरचना में अंतर्निहित क्रूर आकांक्षाओं को जिन युवा कवियों ने रोजमर्रा के अनुभवों से पकड़ने में अतिरिक्त रूप से सजगता दिखाई...
ख़बर दिल्ली में रेलवे किनारे हज़ारों हज़ार झुग्गियों को उजाड़ने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरूसमकालीन जनमतSeptember 9, 2020September 12, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 9, 2020September 12, 202002079 रेल पटरी के नज़दीक बसे लोगों ने कहा – झुग्गी तोड़ने का फैसला उन्हें स्वीकार्य नहीं, ‘आवास का अधिकार’ लेकर रहेंगे वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र...
कविता स्त्री जीवन के अनचीन्हे सच को दर्ज करतीं रजनी अनुरागी की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 7, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 7, 202004186 संजीव कौशल रजनी अनुरागी की कविताओं से गुज़रना, शरीर के ताप को सीधे महसूस करना है वह ताप जिसमें धीरे धीरे एक स्त्री का जीवन...
भाषा उर्दू की क्लास : “क़वायद तेज़” का मतलबसमकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 6, 2020 by समकालीन जनमतSeptember 6, 2020September 6, 202002949 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की छठी क़िस्त में “क़वायद तेज़” के मायने के बहाने उर्दू भाषा के...
भाषा उर्दू की क्लास : “मौज़ूं” और “मौज़ू” का फ़र्क़समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 30, 2020 by समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 30, 202004502 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की पांचवीं क़िस्त में “मौज़ूं” और “मौज़ू” के फ़र्क़ के बहाने उर्दू भाषा...
कविता समवेत की आवाज़ हैं मनोज कुमार झा की कविताएँसमकालीन जनमतAugust 30, 2020August 29, 2020 by समकालीन जनमतAugust 30, 2020August 29, 202002284 सन्तोष कुमार चतुर्वेदी अब तलक जिन क्षेत्रों को दुर्गम समझा जाता था, आज की कविता वहाँ की यात्रा सहज ही कर लेती है। अब तलक...
जनमत ‘रामदास’ की हत्या का दृश्य-विधान, तब और अब: मनोज कुमारसमकालीन जनमतAugust 29, 2020September 1, 2020 by समकालीन जनमतAugust 29, 2020September 1, 202003182 [शिक्षा व साहित्य के इलाक़ों में जाने-पहचाने अध्येता मनोज कुमार का यह लेख रघुवीर सहाय की प्रसिद्ध कविता ‘रामदास’ की पुनर्व्याख्या का ज़रूरी कार्यभार सम्पन्न...
ग्राउन्ड रिपोर्ट …कहाँ जाईं, का करींसमकालीन जनमतAugust 29, 2020August 30, 2020 by समकालीन जनमतAugust 29, 2020August 30, 202002280 कोरोना डायरी : लॉकडाउन-3 नीलिशा [युवा पत्रकार नीलिशा दिल्ली में रहती हैं और इस भयावह वक़्त का दस्तावेज़ीकरण वे कोरोना डायरी नाम से कर रही...
शख्सियत दास्तान-ए-ख़लीफ़ासमकालीन जनमतAugust 23, 2020August 24, 2020 by समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 24, 202001922 (आज़ादी के बाद उम्मीद की जाती थी कि लोककलाओं का विकास होगा लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा। 60 और 70 का दशक आते-आते जो लोक...
भाषा उर्दू की क्लास : “आज होगा बड़ा ख़ुलासा!”समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 2020 by समकालीन जनमतAugust 23, 2020August 23, 202002620 ( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की श्रृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की चौथी क़िस्त में “ख़ुलासा” और “बेग़म” के मायने के बहाने उर्दू भाषा...