पुस्तक रूपम मिश्र के काव्य संग्रह ‘एक जीवन अलग से’ की समीक्षासमकालीन जनमतApril 13, 2025April 13, 2025 by समकालीन जनमतApril 13, 2025April 13, 2025092 पवन करण एक अभुआता समाज कायनात की सारी बुलबुलों की गर्दन मरोड़ रहा है….! रुपम मिश्र की कविताएँ हिंदी कविता की समृद्धि की सूचक हैं।...
कविता रूपम मिश्र का कविता पाठ : कविता जीवन के आवेग से पैदा होती हैसमकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 2023 by समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 20230205 इलाहाबाद। जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तीन मार्च को मेयो हाॅल के पास स्थित अंजुमन-रूह-ए-अदब के हॉल में कविता पाठ और परिचर्चा का आयोजन हुआ।...
कविता सविता पाठक की कविताएँ पितृसत्तात्मक चलन और पाखंड को उजागर करती हैंसमकालीन जनमतOctober 18, 2020October 18, 2020 by समकालीन जनमतOctober 18, 2020October 18, 202002986 रुपम मिश्र सविता पाठक मूल रूप से कहानीकार हैं । कहानी की गद्यात्मकता उनकी कविताओं में भी बनी रहती है । सविता की कविताएँ एक...
कविता रूपम की कविताएँ पितृसत्ता की चालाकियों की बारीक़ शिनाख़्त हैंसमकालीन जनमतJune 28, 2020June 28, 2020 by समकालीन जनमतJune 28, 2020June 28, 20208 4935 दुर्गा सिंह हिंदी समाज एक ऐसी कालावधि से गुजर रहा है, जिसमें एक तरफ निरंतरता की ताकतें, सामाजिक वर्ग- समूह आजादी के बाद के सबसे...