समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविता

उस चाँद पर अब ख़ून के धब्बे हैं ..

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(आलोचना पत्रिका में प्रकाशित फ़रीद ख़ाँ की कविताओं पर एक नज़र) मोहम्मद उमर इस बार की हिंदी त्रैमासिक पत्रिका ‘आलोचना’ के ‘अक्टूबर-दिसम्बर 2020’ के अंक...
कविता

राही डूमरचीर आदिवासी समाज और जीवन के गहरे कंसर्न के कवि हैं

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विनय सौरभ राही डूमरचीर की कविताएँ पढ़ते हुए कुछ साधारण चीज़ें असाधारण तरीक़े से उनकी कविताओं में आती दिखती हैं। जैसे उनकी कविताओं के विषय।...
कविता

प्रदीपिका की कविताएँ मानवीय आकांक्षाओं की तरफ़ खुली हुई खिड़कियाँ हैं

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सिद्धार्थ गिगू प्रदीपिका की कविताएँ किसी एक सांचे-ढांचे में नहीं बंधती. दूसरे शब्दों में कहें तो यहां उनकी भावनाओं में पर्याप्त विविधता और उतना ही...
कविता

रोज़ी कामेई की कविताएँ सभ्यता को स्त्री की नज़र से देखने का प्रस्ताव हैं

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बसंत त्रिपाठी रोज़ी की कविताओं का संसार एक स्त्री की असंख्य उलझनों, सपनों और उम्मीदों में डूबते-उतराते निर्मित हुआ है. प्रेम इन कविताओं के केन्द्र...
ज़ेर-ए-बहस

फ़िरक़ा और जातिप्रथा आधुनिक मुस्लिम समाज के निर्माण में एक बड़ी अड़चन हैं

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मुहम्मद उमर  ( इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र मुहम्मद उमर  का कालम  ‘ मियों का मोहल्ला’ ‘ की दूसरी किस्त ) कमरुद्दीन भाई और जमाल भाई...
स्मृति

शम्सुरर्हमान फ़ारूक़ी की याद में

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सिराज अजमली शम्सुरर्हमान फ़ारूक़ी का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ (अब मऊ) के कोईरिया पार गाँव में हुआ ।उनके पिता मौलवी ख़लीलुर्रहमान फ़ारूक़ी शिक्षा विभाग...
कविता

उज्ज्वल भट्टाचार्य की कविताएँ जनविरोधी व्यवस्था में ख़ुद के होने की शिनाख़्त हैं

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संजय कुंदन हिंदी कविता की सुपरिचित मुख्यधारा के भीतर कई नियमित-अनियमित अंतर्धाराएं हैं, जो बिना मुखर हुए हिंदी कविता को विस्तृत कर रही हैं। उज्ज्वल...
कविता

लाल्टू की दो कवितायें

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(कवि लाल्टू की  कविता में  समकालीन विषय प्रमुखता से जगह पाते हैं . पिछले एक महीने से दिल्ली के  सीमांत  पर चल रहे किसान आन्दोलन...
कविता

अंचित की कविताएँ मौजूदा दौर के संकटों की शिनाख़्त करती हैं

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रमण कुमार सिंह हाल के समय में हिंदी कविता में जिन कुछ नए युवा कवियों ने अपनी कविता से ध्यान आकृष्ट किया है, उनमें अंचित...
पुस्तक

जनविरोधी सत्ता के ख़िलाफ़ नाटक का हथियार

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सुधाकर रवि बचपन से दो गीत सुनता आ रहा हूँ। दोनों गीत काफी महशूर हैं. पहला है- पढ़ना लिखना सीखो ओ मेहनत करने वालों। दूसरा...
ख़बर

“कलाओं के बीच अबोलेपन को दूर करते हैं मंगलेश” – राजेंद्र कुमार

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हिंदी के जाने-माने कवि मंगलेश डबराल का 9 दिसंबर 2020 को कोरोना संक्रमित होने के कारण दिल्ली के एम्स में निधन हो गया मंगलेश डबराल...
कविता

आलोक की कविताएँ यथार्थ के धरातल पर उम्मीद के फूल हैं

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अच्युतानंद मिश्र   कविता लिखना, दुनिया को देखने जानने और समझने का एक संजीदा और जरूरी काम है। ऐसे में किसी युवा  कवि से यह...
स्मृति

ज़िंदा शहीद कॉमरेड दर्शन दुसांझ – किसान आंदोलन के बहाने स्मरण

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सतीश छिम्पा शहीदों की चिंताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले…… मुझे खंजर से मारो या सूली पर लटका दो मैं मरकर भी चारों तरफ बिखर...
ख़बर

‘  ये तीन काले कानून किसानों को मार देंगे, हम इस कानून को नहीं मानते ’

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आकाश पांडेय   तारीख 5 दिसम्बर , दिल्ली तीन तरफ से किसानों से घिरी हुई. केंद्र सरकार लगातार मीटिंग पर मीटिंग कर रही है लेकिन...
कविता

रेखा चमोली की कविताएँ हाशिए की आवाज़ हैं

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आशीष कुमार कविता अपने बचाव में हथियार उठाने का विचार है साहस की सीढ़ियां है कविता उमंग है उत्साह है खुद में एक बच्चे को...
जनमत

सरकार प्रायोजित अफ़वाहों का सामना करता किसान आन्दोलन

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जगन्नाथ केंद्र सरकर द्वारा हालिया बनाये गए तीन कानूनों – किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) क़ानून-2020, कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन...
कविता

भारत की कविताएँ कोमलता को कुचल देने वाली तानाशाही कठोरता का प्रतिकार हैं

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 विपिन चौधरी अपना रचनात्मक स्पेस अर्जित करने के बाद हर युवा रचनाकार पहले अपनी देखी, समझी हुई उस सामाजिक समझ को पुख्ता करता है जिससे...
कविता

हर्ष की कविताएँ रचनात्मक आश्वस्ति देती हैं

समकालीन जनमत
हर्ष अपनी कविताओं के जरिए एक रचनात्मक आश्वस्ति देते हैं बेहतर भविष्य को बुनने का. उनका दखल केवल विषयों के सटीक चयन तक ही नहीं...
ख़बर

बिहार चुनाव में जनता का एजेंडा आया सामने, बंगाल और अन्य चुनावों के लिए बनेगा उदाहरण: दीपंकर भट्टाचार्य

समकालीन जनमत
    ◆ चुनाव परिणाम की तुलना भाजपा-जदयू 2015 की बजाए 2010 से करे, साफ दिखेगा एनडीए के खिलाफ है यह जनादेश. ◆ जनता ने...
भाषा

उर्दू की क्लास : मुलज़िम और मुजरिम का फ़र्क़

( युवा पत्रकार और साहित्यप्रेमी महताब आलम की शृंखला ‘उर्दू की क्लास’ की बारहवीं          क़िस्त में मुलज़िम और मुजरिम के फ़र्क़...
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