साहित्य-संस्कृति प्रतिरोध साहित्य का मूल स्वर है जो समाज निर्माण का स्वप्न लेकर चलता हैडॉ हरिओमSeptember 2, 2019September 3, 2019 by डॉ हरिओमSeptember 2, 2019September 3, 201904728 साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता रहा है. मतलब समाज जैसा है उसे वैसा ही दिखाने वाला लेखन साहित्य है. बचपन से हम...
कविताजनभाषाजनमत अपने समय से सार्थक संवाद हैं सुस्मिता पाठक की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 1, 2019September 1, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 1, 2019September 1, 201903090 रमण कुमार सिंह समकालीन मैथिली कविता में सुस्मिता पाठक एक सुपरिचित और सम्मानित नाम है। मैथिली में स्त्री लेखन को आधुनिक चेतना और नया तेवर...
साहित्य-संस्कृति प्रगतिशील आन्दोलन की विरासत और हमारा समयसमकालीन जनमतAugust 31, 2019September 2, 2019 by समकालीन जनमतAugust 31, 2019September 2, 201901909 अपने संयुक्त कार्यक्रमों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए तीन लेखक संगठनों जलेस (जनवादी लेखक संघ), दलेस (दलित लेखक संघ) तथा जसम (जन संस्कृति मंच)...
कहानी साम्प्रदायिक राजनीति के ख़तरनाक खेल को बेनक़ाब करती है कहानी ‘गौसेवक’डॉ रामायन रामAugust 31, 2019April 8, 2020 by डॉ रामायन रामAugust 31, 2019April 8, 202004234 28 अगस्त 2019 को सुप्रसिद्ध कथाकार अनिल यादव को उनकी ‘हंस’ में प्रकाशित कहानी ‘गौसेवक’ के लिए वर्ष 2019 के हंस कथा सम्मान से नवाजा...
नाटकसाहित्य-संस्कृति राजेश कुमार को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारसमकालीन जनमतAugust 30, 2019August 31, 2019 by समकालीन जनमतAugust 30, 2019August 31, 201902086 लखनऊ । जनवादी नाटककार राजेश कुमार को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा हुई है । नुक्कड़ नाटक आन्दोलन में शुरुआती...
स्मृति ‘ फ़िराक़ ’ गोरखपुरी : एक बुजुर्ग बालकसमकालीन जनमतAugust 28, 2019August 26, 2024 by समकालीन जनमतAugust 28, 2019August 26, 202402083 ‘ बचा के रखी थी मैंने अमानते-तिफ़ली ’ …… ‘फ़िराक़’ साहब के भीतर एक बच्चा रहता रहा है। वे इस हयात, कायनात, उसके रहस्य-रोमांच...
कवितासाहित्य-संस्कृति उमेश पंकज का कविता पाठ: ‘मेहतर से नहीं कोई इंसान बेहतर’कौशल किशोरAugust 25, 2019August 25, 2019 by कौशल किशोरAugust 25, 2019August 25, 201903720 लखनऊ, 25 अगस्त। ‘वह पेड़ पर चढ़ कर/हरा बन गयी…..पेड़ से वह गिर गयी/रोप दी गयी मिट्टी में/वह फिर से उग रही है/उस तरह जिस...
कविताजनमत अंधेरे की घुसपैठ के प्रतिरोध में रोशनी की सुरंग बनाते नवगीतसमकालीन जनमतAugust 25, 2019August 25, 2019 by समकालीन जनमतAugust 25, 2019August 25, 20196 2809 डॉ. दीपक सिंह डॉ. राजेंद्र गौतम कवि, समीक्षक और शिक्षाविद के रूप में एक जाना-पहचाना नाम है | बरगद जलते हैं (1997), पंख होते हैं...
सिनेमा ‘प्रतिरोध का सिनेमा’ ने मंझंनपुर में की दो दिवसीय सिनेमा कार्यशालासमकालीन जनमतAugust 23, 2019August 23, 2019 by समकालीन जनमतAugust 23, 2019August 23, 201902449 पहला दिन मंझनपुर के खण्ड शिक्षाधिकारी डॉ. अविनाश सिंह के सहयोग से प्रतिरोध का सिनेमा ने यहाँ सारस स्टेडियम में दो दिवसीय बाल फिल्मोत्सव का...
ख़बरसिनेमा ग्रामीण भारत में सिनेमा यात्रासमकालीन जनमतAugust 21, 2019 by समकालीन जनमतAugust 21, 201903013 लगभग 25 साल पहले, श्री जहूर सिद्दीकी ने बागपत जिले के रतौल में अपने पैतृक घर को पड़ोस के बच्चों के लिए एक स्कूल में...
जनमतशख्सियतसाहित्य-संस्कृति त्रिलोचन की याद : बज़िद अपनी राह चलने वाला कविरामजी रायAugust 20, 2019August 20, 2019 by रामजी रायAugust 20, 2019August 20, 201903341 (आज त्रिलोचन का जन्मदिन होता है । इस मौके पर प्रस्तुत है ‘समकालीन जनमत’ के प्रधान संपादक रामजी राय का यह संस्मरण ।) “पथ पर...
कविताजनमत ‘सफ़र है कि ख़त्म नहीं होता’ : सोनी पाण्डेय की कविताएँसमकालीन जनमतAugust 18, 2019August 18, 2019 by समकालीन जनमतAugust 18, 2019August 18, 20194 3406 मदन कश्यप हिन्दी में स्त्री कवयित्रियों की सांकेतिक उपस्थिति तो आदिकाल से रही है। लेकिन 1990 की दशक में जो बदलाव आया उसका एक सकारात्माक...
साहित्य-संस्कृति प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भोजली पर्वसमकालीन जनमतAugust 16, 2019December 9, 2019 by समकालीन जनमतAugust 16, 2019December 9, 201903569 पीयूष कुमार हमारे यहाँ छत्तीसगढ़ की संस्कृति प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और उसके मानवीय एकीकरण की भावना से अनुपूरित है। यह समय समय पर लोक...
कविता विजय राही की कविताएँ वर्तमान के साथ अंतःक्रिया करती हैंसमकालीन जनमतAugust 11, 2019August 17, 2019 by समकालीन जनमतAugust 11, 2019August 17, 201903816 अलोक रंजन एक कवि का विस्तार असीमित होता है और यदि कवि अपने उस विस्तार का सक्षम उपयोग करते हुए अपनी आंतरिक व्याकुलता को समय...
जनमतशख्सियतस्मृति दलित साहित्य को शिल्प और सौंदर्यबोध देने वाले भाषा के मनोवैज्ञानिक थे मलखान सिंहसुशील मानवAugust 9, 2019August 9, 2019 by सुशील मानवAugust 9, 2019August 9, 20196 2811 परसों शाम को फोन पर बात हुई, मैंने पूछा था, सर नया क्या लिख रहे हैं इन दिनों। उन्होंने जवाब में कहा था- “ये मेरे...
कविता अजय सिंह की कविताएँ अकेले पड़ जाने का खतरा उठा कर भी अपनी बात कहती हैंसमकालीन जनमतAugust 7, 2019 by समकालीन जनमतAugust 7, 201903087 उषा राय लखनऊ. शिरोज हैंग आऊट कैफे , गोमतीनगर में प्रगतिशील लेखक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कवि और राजनीतिक विश्लेषक अजय सिंह ने अपनी...
जनमतशख्सियतस्मृति उजले दिनों की उम्मीद का कवि वीरेन डंगवालसमकालीन जनमतAugust 5, 2019August 5, 2019 by समकालीन जनमतAugust 5, 2019August 5, 201913643 मंगलेश डबराल ‘इन्हीं सड़कों से चल कर आते हैं आततायी/ इन्हीं सड़कों से चल कर आयेंगे अपने भी जन.’ वीरेन डंगवाल ‘अपने जन’ के, इस...
जनमतशख्सियतस्मृति कटरी की रुक्मिनी: कविता का अलग रास्ताडॉ रामायन रामAugust 5, 2019August 5, 2019 by डॉ रामायन रामAugust 5, 2019August 5, 201902996 वीरेन डंगवाल 70 के दशक की चेतना के कवि हैं। कविता के क्षेत्र मे उनका प्रवेश 70 के दशक में हुआ । यह वह समय...
जनमतयात्रा वृतान्त जित देखूँ तित लाल… (प्राग यात्रा-संस्मरण)समकालीन जनमतAugust 4, 2019August 5, 2019 by समकालीन जनमतAugust 4, 2019August 5, 201912237 डॉ. रेखा उप्रेती सामान बाँध लिया है| वियना में बिताया यह दिन किसी नायाब तोहफे सा हमारी झोली में आ गिरा है और अब प्राग...
कविताजनमत स्मृति और प्रेम का कवि कुंदन सिद्धार्थसमकालीन जनमतAugust 4, 2019August 4, 2019 by समकालीन जनमतAugust 4, 2019August 4, 201903687 जैसे पूरा गांव ही कमरे में समा गया हो! जब भी कोई शहर से लौटकर गाँव आता तो सारे लोग उसे घेरकर घण्टों शहर की...