कविताशख्सियतसाहित्य-संस्कृति वेदों से लेकर लेनिन तक विस्तृत था महादेवी का ज्ञान संसारसमकालीन जनमतSeptember 12, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 12, 201902108 इलाहाबाद, 11 सितम्बर स्त्रियों की सांस्कृतिक संस्था कोरस द्वारा महादेवी वर्मा की पुण्यतिथि पर हर वर्ष आयोजित की जाने वाली व्याख्यानमाला की दूसरी कड़ी में...
कविताजनमत ईमानदार जवाबों की तलाश में : ऐश्वर्या की कवितासमकालीन जनमतSeptember 8, 2019September 8, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 8, 2019September 8, 201914727 अपराजिता शर्मा ‘जानने की क्रिया प्रत्यक्ष और एकतरफ़ा नहीं हो सकती!’ पहचान और परिचय से आगे बढ़ने के लिए जानने की इस क्रिया से गुज़रना...
साहित्य-संस्कृति साहित्य की पारिस्थितिकी पर खतरागोपाल प्रधानSeptember 3, 2019September 6, 2019 by गोपाल प्रधानSeptember 3, 2019September 6, 201903525 साहित्य की पारिस्थितिकी आखिर है क्या ? इसका सबसे पहला उत्तर किसी के भी दिमाग में यह आता है कि समाज ही साहित्य की पारिस्थितिकी...
ज़ेर-ए-बहसव्यंग्य अब फिट होगा इंडियासमकालीन जनमतSeptember 2, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 2, 201902086 लोकेश मालती प्रकाश सरकार ने देश की सेहत दुरुस्त करने का बीड़ा उठा लिया है। इसके लिए बाकायदे फिट इंडिया मूवमेंट को खुद प्रधानमंत्रीजी ने...
ज़ेर-ए-बहसव्यंग्य रोमिला थापर की सीवी बनाम मोदी सरकार की डिग्रीसमकालीन जनमतSeptember 2, 2019September 3, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 2, 2019September 3, 201901455 धर्मराज कुमार आजकल सोशल मीडिया पर दिलचस्प ख़बर पढ़ने को मिलती है। ऐसी ही ख़बरों के हवालों से पता चला कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन...
साहित्य-संस्कृति प्रतिरोध साहित्य का मूल स्वर है जो समाज निर्माण का स्वप्न लेकर चलता हैडॉ हरिओमSeptember 2, 2019September 3, 2019 by डॉ हरिओमSeptember 2, 2019September 3, 201904719 साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता रहा है. मतलब समाज जैसा है उसे वैसा ही दिखाने वाला लेखन साहित्य है. बचपन से हम...
कविताजनभाषाजनमत अपने समय से सार्थक संवाद हैं सुस्मिता पाठक की कविताएँसमकालीन जनमतSeptember 1, 2019September 1, 2019 by समकालीन जनमतSeptember 1, 2019September 1, 201903087 रमण कुमार सिंह समकालीन मैथिली कविता में सुस्मिता पाठक एक सुपरिचित और सम्मानित नाम है। मैथिली में स्त्री लेखन को आधुनिक चेतना और नया तेवर...
साहित्य-संस्कृति प्रगतिशील आन्दोलन की विरासत और हमारा समयसमकालीन जनमतAugust 31, 2019September 2, 2019 by समकालीन जनमतAugust 31, 2019September 2, 201901905 अपने संयुक्त कार्यक्रमों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए तीन लेखक संगठनों जलेस (जनवादी लेखक संघ), दलेस (दलित लेखक संघ) तथा जसम (जन संस्कृति मंच)...
कहानी साम्प्रदायिक राजनीति के ख़तरनाक खेल को बेनक़ाब करती है कहानी ‘गौसेवक’डॉ रामायन रामAugust 31, 2019April 8, 2020 by डॉ रामायन रामAugust 31, 2019April 8, 202004225 28 अगस्त 2019 को सुप्रसिद्ध कथाकार अनिल यादव को उनकी ‘हंस’ में प्रकाशित कहानी ‘गौसेवक’ के लिए वर्ष 2019 के हंस कथा सम्मान से नवाजा...
नाटकसाहित्य-संस्कृति राजेश कुमार को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारसमकालीन जनमतAugust 30, 2019August 31, 2019 by समकालीन जनमतAugust 30, 2019August 31, 201902084 लखनऊ । जनवादी नाटककार राजेश कुमार को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा हुई है । नुक्कड़ नाटक आन्दोलन में शुरुआती...
स्मृति ‘ फ़िराक़ ’ गोरखपुरी : एक बुजुर्ग बालकसमकालीन जनमतAugust 28, 2019August 26, 2024 by समकालीन जनमतAugust 28, 2019August 26, 202402080 ‘ बचा के रखी थी मैंने अमानते-तिफ़ली ’ …… ‘फ़िराक़’ साहब के भीतर एक बच्चा रहता रहा है। वे इस हयात, कायनात, उसके रहस्य-रोमांच...
कवितासाहित्य-संस्कृति उमेश पंकज का कविता पाठ: ‘मेहतर से नहीं कोई इंसान बेहतर’कौशल किशोरAugust 25, 2019August 25, 2019 by कौशल किशोरAugust 25, 2019August 25, 201903716 लखनऊ, 25 अगस्त। ‘वह पेड़ पर चढ़ कर/हरा बन गयी…..पेड़ से वह गिर गयी/रोप दी गयी मिट्टी में/वह फिर से उग रही है/उस तरह जिस...
कविताजनमत अंधेरे की घुसपैठ के प्रतिरोध में रोशनी की सुरंग बनाते नवगीतसमकालीन जनमतAugust 25, 2019August 25, 2019 by समकालीन जनमतAugust 25, 2019August 25, 20196 2806 डॉ. दीपक सिंह डॉ. राजेंद्र गौतम कवि, समीक्षक और शिक्षाविद के रूप में एक जाना-पहचाना नाम है | बरगद जलते हैं (1997), पंख होते हैं...
सिनेमा ‘प्रतिरोध का सिनेमा’ ने मंझंनपुर में की दो दिवसीय सिनेमा कार्यशालासमकालीन जनमतAugust 23, 2019August 23, 2019 by समकालीन जनमतAugust 23, 2019August 23, 201902445 पहला दिन मंझनपुर के खण्ड शिक्षाधिकारी डॉ. अविनाश सिंह के सहयोग से प्रतिरोध का सिनेमा ने यहाँ सारस स्टेडियम में दो दिवसीय बाल फिल्मोत्सव का...
ख़बरसिनेमा ग्रामीण भारत में सिनेमा यात्रासमकालीन जनमतAugust 21, 2019 by समकालीन जनमतAugust 21, 201903008 लगभग 25 साल पहले, श्री जहूर सिद्दीकी ने बागपत जिले के रतौल में अपने पैतृक घर को पड़ोस के बच्चों के लिए एक स्कूल में...
जनमतशख्सियतसाहित्य-संस्कृति त्रिलोचन की याद : बज़िद अपनी राह चलने वाला कविरामजी रायAugust 20, 2019August 20, 2019 by रामजी रायAugust 20, 2019August 20, 201903338 (आज त्रिलोचन का जन्मदिन होता है । इस मौके पर प्रस्तुत है ‘समकालीन जनमत’ के प्रधान संपादक रामजी राय का यह संस्मरण ।) “पथ पर...
कविताजनमत ‘सफ़र है कि ख़त्म नहीं होता’ : सोनी पाण्डेय की कविताएँसमकालीन जनमतAugust 18, 2019August 18, 2019 by समकालीन जनमतAugust 18, 2019August 18, 20194 3397 मदन कश्यप हिन्दी में स्त्री कवयित्रियों की सांकेतिक उपस्थिति तो आदिकाल से रही है। लेकिन 1990 की दशक में जो बदलाव आया उसका एक सकारात्माक...
साहित्य-संस्कृति प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भोजली पर्वसमकालीन जनमतAugust 16, 2019December 9, 2019 by समकालीन जनमतAugust 16, 2019December 9, 201903567 पीयूष कुमार हमारे यहाँ छत्तीसगढ़ की संस्कृति प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और उसके मानवीय एकीकरण की भावना से अनुपूरित है। यह समय समय पर लोक...
कविता विजय राही की कविताएँ वर्तमान के साथ अंतःक्रिया करती हैंसमकालीन जनमतAugust 11, 2019August 17, 2019 by समकालीन जनमतAugust 11, 2019August 17, 201903809 अलोक रंजन एक कवि का विस्तार असीमित होता है और यदि कवि अपने उस विस्तार का सक्षम उपयोग करते हुए अपनी आंतरिक व्याकुलता को समय...
जनमतशख्सियतस्मृति दलित साहित्य को शिल्प और सौंदर्यबोध देने वाले भाषा के मनोवैज्ञानिक थे मलखान सिंहसुशील मानवAugust 9, 2019August 9, 2019 by सुशील मानवAugust 9, 2019August 9, 20196 2807 परसों शाम को फोन पर बात हुई, मैंने पूछा था, सर नया क्या लिख रहे हैं इन दिनों। उन्होंने जवाब में कहा था- “ये मेरे...