समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

पुस्तक

मानव विकास का भौतिकवादी नजरिया

गोपाल प्रधान
हिंदी भाषा में कुछ भी वैचारिक लिखने की कोशिश खतरनाक हो सकती है । देहात के विद्यार्थियों के लिए कुंजी लिखना ही इस भाषा का...
कविता

राहुल द्विवेदी की कविताएँ: एक पुरुष का आत्मसंघर्ष

समकालीन जनमत
सोनी पाण्डेय कविता मनुष्य की संवेदनात्मक अभिव्यक्ति है।  वह संसार के दुःख को महसूस करता है और कभी गीत, कभी ग़ज़ल तो कभी किस्से, कहानी...
स्मृति

बेमिसाल अभिनेत्री थीं सुरेखा सीकरी

समकालीन जनमत
पटना। जन संस्कृति मंच और हिरावल ने रंगमंच, फिल्म और टीवी की मशहूर अभिनेत्री सुरेखा सीकरी के निधन पर गहरा शोक जाहिर किया है। जसम...
साहित्य-संस्कृति

कवि-लेखक जयप्रकाश धूमकेतु की चार पुस्तकों का लोकार्पण

समकालीन जनमत
मऊ। राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ में आठ जुलाई को एक कार्यक्रम में भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य और समकालीन जनमत के प्रधान संपादक रामजी...
सिने दुनिया

सिने दुनिया: ब्रोकबैक माउंटेन (अमेरिकन) : आग, चूल्हा, समलैंगिकता और सेक्स

फ़िरोज़ ख़ान
यूं तो समलैंगिक रिश्तों पर तमाम फिल्में बनी हैं। लेस्बियन संबंधों पर भी कुछ बहुत खूबसूरत फिल्में हैं, लेकिन आज हम गे संबंधों पर बनी...
कविता

सपना भट्ट की कविताएँ: निर्मम हक़ीक़त के मध्य जीवन की आर्द्रता बचाने की जद्दोजहद

समकालीन जनमत
मंजुला बिष्ट हमारा मौजूदा समय मानवीय संघर्ष के साथ अदृश्य स्वास्थ्य शत्रु की गिरगिटिया गिरफ्त में है। हमारे समक्ष सपनों व निर्मम हकीकत के मध्य...
कविता

कौशल किशोर का कविता पाठ ‘यह गम अपना, हम सब का साझा’

शतीन्द्रनाथ चौधुरी अतुल्य हिन्दी के मंच से कौशल किशोर का काव्यपाठ यू-ट्यूब पर सुना। इसका संजीव प्रसारण इसी मंच से 2 जुलाई को हुआ। उन्होंने...
कविता

संजय शेफर्ड की कविताएँ: आजकल मैं तुम्हारी हँसी ओढ़ता हूँ..

समकालीन जनमत
गणेश गनी तो वह टीले दर टीले चढ़ते हुए चैहणी दर्रे के ठीक ऊपर पहुँच ही गया। बादल ठीक उसके समानांतर तैर रहे हैं। जो...
स्मृति

गरीबों, मजदूरों के अगुवा नेता थे कामरेड अलाउद्दीन शास्त्री -रामजी राय

पीलीभीत। पूरनपुर के पंचम दास इंटर कालेज में भाकपा माले द्वारा आयोजित कामरेड अलाउद्दीन शास्त्री की श्रद्धांजलि सभा में भाकपा माले और विभिन्न धाराओं से...
पुस्तक

पुस्तक अंश : मार्क्स के आखिरी दिन

समकालीन जनमत
( अपने जीवन के आखिरी सालों में मार्क्स ने अपना शोध नये क्षेत्रों में विस्तारित किया- ताजातरीन मानव शास्त्रीय खोजों का अध्ययन किया, पूंजीवाद से...
साहित्य-संस्कृति

नागार्जुन की आलोचना

गोपाल प्रधान
नागार्जुन कवि थे, उपन्यासकार थे। थोड़ा ध्यान देकर देखें तो अनुवादक भी थे। लेकिन आलोचक ? और वह भी तब जब खुद उन्होंने आलोचक के...
चित्रकला

सत्ता प्रायोजित सौंदर्य प्रतिमान के विरुद्ध नया सौंदर्य प्रतिमान गढ़ती अजय शर्मा की कला

अजय शर्मा की कलाकृतियों पर गौर करते हुए यह कहा जा सकता है कि वे भी अपनी कलात्‍मक जिजीविषा को विस्तार देने के लिए लंबे...
स्मृति

 जनवादी धारा के अग्रगामी चेतना के कवि थे विजेन्द्र

समकालीन जनमत
लखनऊ।  हिन्दी के शीर्षस्थ कवि व गद्यकार विजेन्द्र के रचनात्मक अवदान पर सार्थक एवं बेहद जरूरी परिचर्चा 27 जुलाई को जूम पर हुई । बीते...
सिने दुनिया

महारानी (वेब सीरिज) : आप एजेंडा वाला सिनेमा बना सकते हैं, चला नहीं सकते..

फ़िरोज़ ख़ान
वह एक ऐसी उत्तराधिकारी थी, जो राजनीति की बारहखड़ी तो छोड़ दीजिए, ओलम भी नहीं जानती थी। बिहार का एक मुख्यमंत्री उसे सिर्फ इसलिए अपना...
कविता

गोलेन्द्र की कविताएँ: अपनी बोली में जनता के दुखों और आक्रोश को ज़ाहिर करती नयी कलम

समकालीन जनमत
अनुपम त्रिपाठी समकालीन जनमत के लिए ‘नई कलम’ में आज बात करते हैं गोलेन्द्र पटेल की कविताओं पर। कई बार कच्चेपने की अपनी एक अलग...
पुस्तक

टूटे पंखों से परवाज़ तक: आत्मीयता की अंतहीन तलाश

भारत में हिंदी साहित्य के विकास क्रम को देखें तो पता चलता है कि 19वीं शताब्दी से पहले साहित्य का विषय सिर्फ ईश्वर, राजा, सामंत...
पुस्तक

खेती का इतिहास

गोपाल प्रधान
 2020 में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास यानी नेशनल बुक ट्रस्ट से प्रकाशित सुषमा नैथानी की किताब ‘अन्न कहाँ से आता है’ सही अर्थ में हिंदी की...
कविता

शिरीष कुमार मौर्य की कविता में पहाड़ अपनी समस्त शक्ति एवं सीमाओं के साथ उपस्थित होता है

समकालीन जनमत
‘मनुष्यता के ग्रीष्म में रहता कवि- शिरीष कुमार मौर्य’ वसंत आते-आते मैं शिवालिक के ढलानों पर खिला फूल हूँ जंगली घासों का थोड़ी ही है...
स्मृति

फिल्म निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े लोगों के लिए संघर्ष करने वाले बेहतरीन अभिनेता थे चंद्रशेखर

सुधीर सुमन
फिल्म अभिनेता चंद्रशेखर को जन संस्कृति मंच की श्रद्धांजलि ! फिल्म अभिनेता चंद्रशेखर के निधन पर जन संस्कृति मंच ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा...
स्मृति

सूरजपाल चौहान ने ब्राह्मणवादी अंधआस्थाओं के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया : जन संस्कृति मंच

राम नरेश राम
जन संस्कृति मंच ने प्रसिद्ध दलित साहित्यकार सूरजपाल चौहान के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनका आज नोएडा के एक अस्पताल में 66...
Fearlessly expressing peoples opinion