समकालीन जनमत

Tag : साहित्यकार

साहित्य-संस्कृति

नागार्जुन की आलोचना

गोपाल प्रधान
नागार्जुन कवि थे, उपन्यासकार थे। थोड़ा ध्यान देकर देखें तो अनुवादक भी थे। लेकिन आलोचक ? और वह भी तब जब खुद उन्होंने आलोचक के...
ज़ेर-ए-बहस

‘हम देखेंगे’: सृजन एवं विचार के हक़ में

लेखकों एवं कलाकारों का कन्वेन्शन 1 मार्च 2020, जंतर मंतर, दिल्ली सुभाष गाताडे दिल की बीरानी का क्या मज़कूर है यह नगर सौ मर्तबा लूटा...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति

डॉ प्रभा दीक्षित की तीन किताबों का कानपुर में लोकार्पण

समकालीन जनमत
डाॅ प्रभा की ग़ज़लें एहसास और यकीन की – कौशल किशोर आम आदमी के संघर्ष को वाणी – कमल किशोर श्रमिक कानपुर। साहित्यकार डॉ प्रभा...
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