समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमतशिक्षा

नई शिक्षा नीति देश को बेचने और तोड़ने का बहाना हो गई है : प्रो. अनिल सद्गोपाल

सुधीर सुमन
आठवां कुबेर दत्त स्मृति व्याख्यान, कुबेर दत्त की पुस्तक ‘ समय जुलाहा ’ का लोकार्पण नई दिल्ली. ‘नई शिक्षा नीति देश को बेचने और तोड़ने...
कविताजनमत

प्रज्ञा की कविता व्यक्ति पर समाज और सत्ता के प्रभाव से उठने वाली बेचैनी है

समकालीन जनमत
निकिता नैथानी ‘कविताएँ  आती हैं आने दो थोड़ी बुरी निष्क्रिय और निरीह हो तो भी..’ इस समय जब लोग आवाज़ उठाने और स्पष्ट रूप से...
जनमतज़ेर-ए-बहस

हाउडी मोदीः भारत की समस्याओं से किनारा करने की कोशिश

राम पुनियानी
नरेन्द्र मोदी ने अमरीका के ह्यूस्टन में डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में जबरदस्त नौटंकी की। वहां मौजूद लगभग पचास हजार लोगों ने दोनों नेताओं के...
जनमतपुस्तक

सुभाष राय की चिंताओं, सरोकार और लेखकीय दृष्टि से परिचित कराती एक पुस्तक ‘ जाग मछन्दर जाग’

समकालीन जनमत
प्रोफ़ेसर अरुण होता मिथक के अनुसार शिवजी पार्वती को योग एवं ज्ञान के गूढ तत्व बता रहे थे तो एक मत्स्य ने सब कुछ सुन लिया...
जनमतपुस्तक

‘बड़ी कविता को वक्त के सवालों और सन्दर्भों से जोड़कर उसका एक नया पाठ करना होगा’

योगेंद्र आहूजा
अवधेश त्रिपाठी की इस आलोचना पुस्तक में हिंदी की आधुनिक कविता के पांच प्रमुख कवियों के कृतित्व की विवेचना है । वे हमारे देश के...
ख़बरजनमत

उत्तराखंड के एक गाँव में स्कूली बच्चों के लिए ‘संगवारी’ ने की नाट्य कार्यशाला

समकालीन जनमत
21 और 22 सितम्बर के दौरान दिल्ली की सँगवारी थियेटर ग्रुप की दो सदस्यीय टीम उत्तराखण्ड , रामनगर के ढेला गाँव में वहाँ की सांस्कृतिक...
ख़बरग्राउन्ड रिपोर्टजनमत

कोयला क्षेत्र के हड़ताली मज़दूरों के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

समकालीन जनमत
श्वेता राज नई दिल्ली, 24 सितम्बर 2019 : ऐक्टू समेत कोयला क्षेत्र की पाँच ट्रेड यूनियन संगठनों द्वारा बुलाई गई हड़ताल के समर्थन में, दिल्ली...
जनमतदुनिया

क्या Aramco पर हमला यूएस-सऊदी रिश्ते में दरार पैदा करेगा ?

एम. के. भद्रकुमार न्यूयॉर्क स्थित काउंसिल ऑफ़ फॉरेन रिलेशंस जिसने 2020 में होने जा रहे चुनाव में राष्ट्रपति ट्रम्प का विरोध करने वाले डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति...
जनमतशख्सियतसिनेमा

‘अपनी तारीख़ का उन्वान बदलना है तुझे’

समकालीन जनमत
गीतेश सिंह फ़िल्म, टेलीविजन और थिएटर की जानी मानी अभिनेत्री और अनेक अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मों में काम कर चुकी शबाना आज़मी का आज जन्म दिन है...
कविताजनमत

आत्‍मीयता का रंग और लोक का जीवट : इरेन्‍द्र की कविताएँ

समकालीन जनमत
कुमार मुकुल आत्‍मीयता इरेन्‍द्र बबुअवा की कविताओं का मुख्‍य रंग है। इस रंग में पगे होने पर दुनियावी राग-द्वेष जल्‍दी छू नहीं पाता। भीतर बहती...
जनमत

हिमोजी : हिंदी चैट स्टिकर नया लुक, नए स्टिकर्स

समकालीन जनमत
अपराजिता शर्मा जैसा कि वादा था, इरादा था इस हिंदी दिवस हिमोजी का नया वर्ज़न लॉन्च करेंगे। सो हम तैयार हैं, उत्सुक हैं हिमोजी के...
जनमत

न्यायपालिका से जुड़ी कुछ चिन्ताएं

रवि भूषण
भारतीय न्यायपालिका से जुड़े कतिपय सवाल सामान्य नागरिकों के लिए भी कम महत्वपूर्ण नहीं हैं। भारत का शीर्ष न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय है जिसके नीचे उच्च...
जनमत

‘प्रोफ़ेसर हनी बाबू का पुलिसिया उत्पीड़न आलोचना के लोकतांत्रिक स्वरों के दमन के सुनियोजित अभियान का हिस्सा है’

समकालीन जनमत
(प्रो. हनी बाबू के घर पर पुलिस द्वारा डाले गए अवैद्य छापे के ख़िलाफ़ जन संस्कृति मंच, जनवादी लेखक संघ, दलित लेखक संघ और प्रगतिशील लेखक...
जनमत

घोषित और अघोषित आपातकाल

रवि भूषण
पिछले 5 वर्ष से देश में ही नहीं विदेश में भी भारत में अघोषित आपातकाल की चर्चा हो रही हैं। उस पर लेख आदि लिखे...
कविताजनमत

ईमानदार जवाबों की तलाश में : ऐश्वर्या की कविता

समकालीन जनमत
अपराजिता शर्मा ‘जानने की क्रिया प्रत्यक्ष और एकतरफ़ा नहीं हो सकती!’ पहचान और परिचय से आगे बढ़ने के लिए जानने की इस क्रिया से गुज़रना...
जनमतशिक्षा

किसके हित में है नयी शिक्षा नीति: आम जन या पूंजीपति?

समकालीन जनमत
रामावतार शर्मा मोदी सरकार की प्रस्तावित नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट लाते हुए शिक्षा के व्यापार को और तेज गति देगी, इंसानियत...
जनमतशिक्षा

सावित्रीबाई फुले के जन्म दिन को मनाया जाए शिक्षक दिवस के रूप में

डॉ रामायन राम
पिछले कुछ वर्षों से भारत के बहुजन समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की ओर से भारत की प्रथम स्त्री शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के जन्म...
जनमतशिक्षा

स्त्री शिक्षा : आधे-अधूरे चित्त की उपज

समकालीन जनमत
कमलानंद झा ‘‘क्यों कर लड़कियां लिख-पढ़कर अपने सासरे वालों के बस में नहीं रहेंगी निश्चय वह तन-मन से अपने पुरूष की टहल करेंगी और आज्ञा...
जनमतशिक्षा

विश्वविद्यालयों की बात: गोपाल प्रधान

गोपाल प्रधान
2017 में वर्सो से स्टेफान कोलिनी की किताब ‘स्पीकिंग आफ़ यूनिवर्सिटीज’ का प्रकाशन हुआ । आजकल विश्वविद्यालयों और उनके विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी...
जनमतशिक्षा

अध्यापन के अनुभव: गोपाल प्रधान

गोपाल प्रधान
बिना किसी महिमामंडन के कहें तो अध्यापन का काम विद्यार्थी पर अपनी सत्ता को स्थापित होते हुए देखने की खुशी है । इसीलिए निजी जीवन...
Fearlessly expressing peoples opinion