समकालीन जनमत

Tag : India

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भारत चुनी हुयी तानाशाही के एक रूप की ओर बढ़ रहा है : जस्टिस ए पी शाह

रविवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ए0पी0 शाह ने एक चुभते वक्तव्य में कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी के चलते संसद भूतों का शहर...
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नेपाल-भारत के नागरिक समाज का साझा बयान : दोनों देश खुली सीमा की गरिमा बनाये रखें 

समकालीन जनमत
सीतामढ़ी/सर्लाही. नेपाल-भारत के नागरिक समाज ने साझा बयान जारी कर कहा है कि दोनों देश खुली सीमा की गरिमा बनाये रखें और ऐसा कोई काम...
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नेपाली नागरिक पुल पार,भारत वालों के लिए बंद द्वार

उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिला का कस्बा है-धारचुला. यह नगर नेपाल से लगा हुआ है. काली नदी के पुल के इस तरफ धारचुला है और पुल...
जनमत

कोरोना से युद्ध में इस्लामोफोबिया ने भारत के वार को भोथरा बना दिया है

समकालीन जनमत
( मशहूर पत्रकार राणा अयूब का यह लेख वाशिंगटन पोस्ट में 7 अप्रैल को प्रकाशित हुआ है. समकालीन जनमत के पाठकों के लिए इसका हिंदी...
ज़ेर-ए-बहस

भारत को धमकाने के बजाय क्यूबा से दवाई क्यूँ नहीं ले रहा है अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कोरोना वाइरस के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवाई हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के लिए भारत को धमकाए जाने का मामला सुर्खियों...
ज़ेर-ए-बहस

भारत में कोरोना से कैसा युद्ध- अस्पताल साधनहीन, जनता बेसहाय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन के शुक्रवार को दिए बयान के अनुसार भारत ने 8 जनवरी से ही कोरोना के खिलाफ तैयारी शुरू कर दी...
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भारत में कोरोना टेस्टिंग कम क्यों हो रही है

सुशील मानव
कोविड-19 महामारी की मार से अमेरिका, इटली, स्पेन और चीन जैसी महाशक्तियां पस्त हैं। भारत में भी ये तेजी से फैल रहा है बावजूद उसके...
जनमत ज़ेर-ए-बहस

हाउडी मोदीः भारत की समस्याओं से किनारा करने की कोशिश

राम पुनियानी
नरेन्द्र मोदी ने अमरीका के ह्यूस्टन में डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में जबरदस्त नौटंकी की। वहां मौजूद लगभग पचास हजार लोगों ने दोनों नेताओं के...
ख़बर

पुलवामा और नहीं ! भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध और नहीं !

भाकपा-माले ( लिबरेशन) 14 फरवरी को पुलवामा में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले, जिसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने...
जनमत

भारत में राजनीतिक बदलाव का वाहक बनता किसान

पुरुषोत्तम शर्मा
घाटे की खेती के कारण पिछले डेढ़ दशक के दौरान साढ़े तीन लाख से ज्यादा किसानों की आत्महत्या और क्रूर सरकारी दमन के बाद संगठित...
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