समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमतसाहित्य-संस्कृतिसिने दुनिया

पूंजी और सत्ता द्वारा रचित ताकत, दम्भ तथा मानवीय भावों, सद्गुणों  के बीच तनाव व संघर्ष की श्रृंखला है ‘पंचायत-2’

दुर्गा सिंह
‘पंचायत’ अमेजन प्राइम वीडियो पर प्रदर्शित वेब श्रृंखला है। इसका दूसरा सीजन अभी जारी हुआ है। यह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सर्वाधिक पसंद की जाने वाली...
जनमत

एक बड़े बदलाव के मुहाने पर पंजाब

लगता है पंजाब की सत्ता, पंजाब की अर्थव्यवस्था, वहाँ की राजनीति पर लंबे समय से कब्जा जमाई ताकतों को पंजाब की जनता का यह नया...
जनमतज़ेर-ए-बहस

भारतीय लोकतंत्र का पुलिस राज्य में रुपांतरण

जयप्रकाश नारायण  बरपेटा के जुडिशल मजिस्ट्रेट ए चक्रवर्ती  ने जिग्नेश मेवानी के मामले में  कहा कि हमने बहुत कठिन संघर्ष के बाद लोकतंत्र हासिल किया...
जनमत

उर्दू पत्रकारिता में इंसानियत का दायरा बड़ा होना चाहिए

जनार्दन
(इस आलेख का विचार शफ़ी किदवई के एक आलेख से ग्रहण किया गया है। शफ़ी किदवई का यह आलेख ‘उर्दू का लोकवृत्त’ (The Urdu public...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- पांच

जयप्रकाश नारायण  मंदी और महामारी के साथ पिछले दो दशक से श्रृंखलाबद्ध युद्धों  में उलझा अमेरिकी साम्राज्यवाद गहरे संकट में फंसा है। जिससे उसकी बादशाहत...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- चार

जयप्रकाश नारायण  संयुक्त राज्य अमेरिका पिछले 70 वर्षों से दुनिया का रखवाला और संरक्षक बना हुआ है। लेकिन आज उसके इस स्थान को कई क्षेत्रों...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- तीन

जयप्रकाश नारायण  1980 के बाद समाजवादी मुल्कों में आये आर्थिक ठहराव और संकट ने चीन जैसे देशों को अपनी नीतियों को पुनर्संयोजित और व्यवस्थित करने...
जनमत

शिवम तोमर की कविताएँ समय की निर्मम रेखाओं को उनकी गतिशीलता के साथ दर्ज करती हैं

समकालीन जनमत
नितिन यादव शिवम तोमर की ये कविताएँ अनुपस्थिति में उपस्थिति की अनुगूंज की कविताएँ हैं; गहरे अकेलेपन और यंत्रणा की अभिव्यक्ति हैं। पिता पर शिवम...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- दो

जयप्रकाश नारायण  दूसरे विश्व युद्ध के बाद साम्राज्यवादी खेमे का नेतृत्व ब्रिटेन के हाथ से निकल कर अमेरिका के हाथ में चला गया। विश्व युद्ध...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- एक

जयप्रकाश नारायण  पिछले 2 वर्षों से मानव सभ्यता कोविड-19 वायरस की महामारी से जूझ रही है। करोड़ों लोग अब तक मारे जा चुके हैं। उद्योग,...
जनमत

‘जल जंगल ज़मीन’ के आदिवासी संघर्ष और इतिहास को धूमिल करने का आपराधिक प्रयास है ‘आरआरआर'(RRR)

समकालीन जनमत
महेश कुमार साहू और अल्लाम राजैया (saahu and allam rajaiah) ने 1982 तेलगु भाषा में कोमराम भीम पर एक ऐतिहासिक उपन्यास लिखा था। इसका अँग्रेजी...
जनमत

बहु-परतीय जीवन दर्शन की फिल्म : कड़ाइसी विवसायी

समकालीन जनमत
आलोक रंजन एम मनीकंडन ऐसे फ़िल्मकार हैं जिनकी अभिव्यक्ति का तरीका हमेशा आम ढर्रे से अलहदा रहा है । काका मुट्टाई , किरुमी और आनंदवन...
कहानीजनमतशख्सियत

नौ सौ रुपये और एक ऊँट दाना

समकालीन जनमत
(आजादी के बाद की हिन्दी कहानी में  चर्चित रहे लेखक मार्कण्डेय की आज पुण्यतिथि है। इस अवसर पर समकालीन जनमत के पाठकों के लिए  प्रस्तुत...
कहानीजनमतसाहित्य-संस्कृति

देवी: साधारणता में देवत्व का दर्शन तथा नये रचनात्मक मूल्य का संघर्ष

दुर्गा सिंह
‘देवी’ निराला की बहु प्रशंसित कहानी है। यह प्रशंसा इस कहानी की संवेदना को लेकर अधिक है। कोई भी रचना बड़ी तो प्रथमतः अपनी संवेदना...
जनमतज़ेर-ए-बहस

रूस-यूक्रेन युद्ध और भारतीय छात्रों एवं नागरिकों के प्रति मोदी सरकार की आपराधिक लापरवाही

जयप्रकाश नारायण यूरेशिया का क्षेत्र इस समय भीषण साम्राज्यवादी युद्ध का इलाका बना हुआ है ।यूक्रेन पर रूसी बमबारी जारी है। मानवी क्षति से लेकर...
जनमतज़ेर-ए-बहस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: पांचवें चरण के बाद ध्रुवीकरण का खेल

जयप्रकाश नारायण  पिछले तीन दशक से उत्तर प्रदेश की  राजनीति एक त्रिकोण के इर्द-गिर्द घूम रही है। जो भारत की वर्ण व्यवस्था और हिंदू धर्म...
जनमतज़ेर-ए-बहस

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव: मामूली लोगों का गैर मामूली संघर्ष- दो

जयप्रकाश नारायण 
जयप्रकाश नारायण  भारत का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश का चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव की...
जनमत

अनुराधा ओस की कविताएँ: वर्जित इच्छाओं की सड़क पर स्त्री मन की मुखर और सहज अभिव्यक्ति

समकालीन जनमत
अनिल करमेले हिन्दी कविता में इस समय में जितनी कवयित्रियाँ सक्रिय हैं उतनी पहले कभी नहीं रहीं। इस समय लगभग पाँच पीढ़ियाँ सक्रिय हैं। वे...
जनमतज़ेर-ए-बहस

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव: मामूली लोगों का गैर मामूली संघर्ष- एक

जयप्रकाश नारायण 
जयप्रकाश नारायण  कोविड-19 के दो वर्ष के समय ने जहां पूंजीवादी सभ्यता की क्रूरता, बर्बरता, उसकी मनुष्य-विरोधी प्रवृत्ति को नंगा किया, वहीं इस समय ने...
जनमत

‘ हम किसान से भूमिहीन हो गए ’

के के पांडेय
विस्थापन का दर्द झेलते सलैया कला गाँव की कहानी  प्रयागराज की कोरांव विधानसभा आदिवासी बहुल सीट सुरक्षित सीट है. 2012 के पहले यह मेजा विधानसभा...
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