समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमत

क्या हम बहुराष्ट्रीय तेल कंपनियों की क्लाइमेट चेंज को नकारने की पीआर कैम्पेन की कीमत चुका रहे हैं ?

आनंद प्रधान
कार्पोरेट पीआर और लाबीइंग की ताकत से सभी वाकिफ़ हैं. उम्मीद है आप नीरा राडिया को भूले नहीं होंगे. लेकिन आज हम अमेरिकी पीआर कंपनी-...
जनमतज़ेर-ए-बहस

आजादी के पचहत्तर वर्षः प्रोपोगंडा, पाखंड और यथार्थ- तीन

जयप्रकाश नारायण  संघ द्वारा संचालित और निर्देशित भाजपा की मोदी सरकार ने आजादी के हीरक जयंती को अमृत काल घोषित किया है। अमृत काल का...
जनमतज़ेर-ए-बहस

आजादी के पचहत्तर वर्षः प्रोपोगंडा, पाखंड और यथार्थ- दो

जयप्रकाश नारायण  बरसात का खूबसूरत सावन मास चल रहा है। हमारे लोक जीवन में सावन मास संगीत, साहित्य, संस्कृति कला संवेदना और उत्सवी बहारों का...
जनमतज़ेर-ए-बहस

आजादी के पचहत्तर वर्षः प्रोपोगंडा, पाखंड और यथार्थ- एक

जयप्रकाश नारायण  भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह  अजीब संयोग और विडंबना है कि स्वतंत्रता आंदोलन से विरत रहने वाले,...
जनमत

क्या श्रीलंका पत्रकार लसांथा विक्रमतुंगे की चेतावनियों को अनसुना करने की कीमत चुका रहा है ?

आनंद प्रधान
संभव है कि आपमें से बहुत कम लोगों ने श्रीलंकाई पत्रकार-संपादक लसांथा विक्रमतुंगे का नाम सुना होगा. वे ‘द संडे लीडर’ के संपादक और संस्थापक...
जनमत

बहुत दिनों से अधर में लटके बोरिस जॉन्सन को जाना ही पड़ा

आनंद प्रधान
आखिरकार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन को इस्तीफा देना पड़ा. एक के बाद दूसरे स्कैंडलों और विवादों में फंसे जॉन्सन के पास इस्तीफा देने के...
जनमत

एक पहिए की कहानी

समकालीन जनमत
रिया (ध्यान से पढ़ेंगे तो आप चकित होंगे और इस जगह के बारे में जानना चाहेंगे जहां के बच्चों ने इतनी सुंदर भाषा अर्जित की...
जनमत

 मानवाधिकारों के रक्षक कठघरे में

राम पुनियानी
ज़किया जाफ़री बनाम गुजरात राज्य मामले में हाल में अपना फैसला सुनाते हुए उच्चतम न्यायालय ने ज़किया जाफ़री की याचिका ख़ारिज कर दी. ज़किया जाफ़री...
जनमत

इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा “ढाई आखर प्रेम ” : कुछ उपलब्धियाँ, कुछ सबक

समकालीन जनमत
विनीत तिवारी  कोविड के सामाजिक दूरी बनाये रखने के दौर के ख़त्म हो जाने पर 4-5 दिसंबर 2021 को भारतीय जन नाट्य संघ (इंडियन पीपुल्स...
जनमतसाहित्य-संस्कृतिसिने दुनिया

पूंजी और सत्ता द्वारा रचित ताकत, दम्भ तथा मानवीय भावों, सद्गुणों  के बीच तनाव व संघर्ष की श्रृंखला है ‘पंचायत-2’

दुर्गा सिंह
‘पंचायत’ अमेजन प्राइम वीडियो पर प्रदर्शित वेब श्रृंखला है। इसका दूसरा सीजन अभी जारी हुआ है। यह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सर्वाधिक पसंद की जाने वाली...
जनमत

एक बड़े बदलाव के मुहाने पर पंजाब

लगता है पंजाब की सत्ता, पंजाब की अर्थव्यवस्था, वहाँ की राजनीति पर लंबे समय से कब्जा जमाई ताकतों को पंजाब की जनता का यह नया...
जनमतज़ेर-ए-बहस

भारतीय लोकतंत्र का पुलिस राज्य में रुपांतरण

जयप्रकाश नारायण  बरपेटा के जुडिशल मजिस्ट्रेट ए चक्रवर्ती  ने जिग्नेश मेवानी के मामले में  कहा कि हमने बहुत कठिन संघर्ष के बाद लोकतंत्र हासिल किया...
जनमत

उर्दू पत्रकारिता में इंसानियत का दायरा बड़ा होना चाहिए

जनार्दन
(इस आलेख का विचार शफ़ी किदवई के एक आलेख से ग्रहण किया गया है। शफ़ी किदवई का यह आलेख ‘उर्दू का लोकवृत्त’ (The Urdu public...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- पांच

जयप्रकाश नारायण  मंदी और महामारी के साथ पिछले दो दशक से श्रृंखलाबद्ध युद्धों  में उलझा अमेरिकी साम्राज्यवाद गहरे संकट में फंसा है। जिससे उसकी बादशाहत...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- चार

जयप्रकाश नारायण  संयुक्त राज्य अमेरिका पिछले 70 वर्षों से दुनिया का रखवाला और संरक्षक बना हुआ है। लेकिन आज उसके इस स्थान को कई क्षेत्रों...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- तीन

जयप्रकाश नारायण  1980 के बाद समाजवादी मुल्कों में आये आर्थिक ठहराव और संकट ने चीन जैसे देशों को अपनी नीतियों को पुनर्संयोजित और व्यवस्थित करने...
जनमत

शिवम तोमर की कविताएँ समय की निर्मम रेखाओं को उनकी गतिशीलता के साथ दर्ज करती हैं

समकालीन जनमत
नितिन यादव शिवम तोमर की ये कविताएँ अनुपस्थिति में उपस्थिति की अनुगूंज की कविताएँ हैं; गहरे अकेलेपन और यंत्रणा की अभिव्यक्ति हैं। पिता पर शिवम...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- दो

जयप्रकाश नारायण  दूसरे विश्व युद्ध के बाद साम्राज्यवादी खेमे का नेतृत्व ब्रिटेन के हाथ से निकल कर अमेरिका के हाथ में चला गया। विश्व युद्ध...
जनमतदुनिया

महामारी, युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन- एक

जयप्रकाश नारायण  पिछले 2 वर्षों से मानव सभ्यता कोविड-19 वायरस की महामारी से जूझ रही है। करोड़ों लोग अब तक मारे जा चुके हैं। उद्योग,...
जनमत

‘जल जंगल ज़मीन’ के आदिवासी संघर्ष और इतिहास को धूमिल करने का आपराधिक प्रयास है ‘आरआरआर'(RRR)

समकालीन जनमत
महेश कुमार साहू और अल्लाम राजैया (saahu and allam rajaiah) ने 1982 तेलगु भाषा में कोमराम भीम पर एक ऐतिहासिक उपन्यास लिखा था। इसका अँग्रेजी...
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