समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमत

बहु-परतीय जीवन दर्शन की फिल्म : कड़ाइसी विवसायी

समकालीन जनमत
आलोक रंजन एम मनीकंडन ऐसे फ़िल्मकार हैं जिनकी अभिव्यक्ति का तरीका हमेशा आम ढर्रे से अलहदा रहा है । काका मुट्टाई , किरुमी और आनंदवन...
कहानीजनमतशख्सियत

नौ सौ रुपये और एक ऊँट दाना

समकालीन जनमत
(आजादी के बाद की हिन्दी कहानी में  चर्चित रहे लेखक मार्कण्डेय की आज पुण्यतिथि है। इस अवसर पर समकालीन जनमत के पाठकों के लिए  प्रस्तुत...
कहानीजनमतसाहित्य-संस्कृति

देवी: साधारणता में देवत्व का दर्शन तथा नये रचनात्मक मूल्य का संघर्ष

दुर्गा सिंह
‘देवी’ निराला की बहु प्रशंसित कहानी है। यह प्रशंसा इस कहानी की संवेदना को लेकर अधिक है। कोई भी रचना बड़ी तो प्रथमतः अपनी संवेदना...
जनमतज़ेर-ए-बहस

रूस-यूक्रेन युद्ध और भारतीय छात्रों एवं नागरिकों के प्रति मोदी सरकार की आपराधिक लापरवाही

जयप्रकाश नारायण यूरेशिया का क्षेत्र इस समय भीषण साम्राज्यवादी युद्ध का इलाका बना हुआ है ।यूक्रेन पर रूसी बमबारी जारी है। मानवी क्षति से लेकर...
जनमतज़ेर-ए-बहस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: पांचवें चरण के बाद ध्रुवीकरण का खेल

जयप्रकाश नारायण  पिछले तीन दशक से उत्तर प्रदेश की  राजनीति एक त्रिकोण के इर्द-गिर्द घूम रही है। जो भारत की वर्ण व्यवस्था और हिंदू धर्म...
जनमतज़ेर-ए-बहस

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव: मामूली लोगों का गैर मामूली संघर्ष- दो

जयप्रकाश नारायण 
जयप्रकाश नारायण  भारत का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश का चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव की...
जनमत

अनुराधा ओस की कविताएँ: वर्जित इच्छाओं की सड़क पर स्त्री मन की मुखर और सहज अभिव्यक्ति

समकालीन जनमत
अनिल करमेले हिन्दी कविता में इस समय में जितनी कवयित्रियाँ सक्रिय हैं उतनी पहले कभी नहीं रहीं। इस समय लगभग पाँच पीढ़ियाँ सक्रिय हैं। वे...
जनमतज़ेर-ए-बहस

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव: मामूली लोगों का गैर मामूली संघर्ष- एक

जयप्रकाश नारायण 
जयप्रकाश नारायण  कोविड-19 के दो वर्ष के समय ने जहां पूंजीवादी सभ्यता की क्रूरता, बर्बरता, उसकी मनुष्य-विरोधी प्रवृत्ति को नंगा किया, वहीं इस समय ने...
जनमत

‘ हम किसान से भूमिहीन हो गए ’

के के पांडेय
विस्थापन का दर्द झेलते सलैया कला गाँव की कहानी  प्रयागराज की कोरांव विधानसभा आदिवासी बहुल सीट सुरक्षित सीट है. 2012 के पहले यह मेजा विधानसभा...
जनमतज़ेर-ए-बहस

भारतीय फासीवाद, पांच राज्यों का चुनाव और दलित राजनीति की जटिलता- दो

जयप्रकाश नारायण 
जयप्रकाश नारायण  कारपोरेट हिंदुत्व गठजोड़ की ताकत से 2014 में मोदी के नेतृत्व में केन्द्र में संघ-भाजपा की  सरकार बनी। भाजपा सरकार बनते ही  कमजोर...
जनमतसाहित्य-संस्कृतिसिनेमा

साहित्य और सिनेमा अपने समय को प्रतिबिंबित करते हैं- डाॅ. विजय शर्मा

समकालीन जनमत
11फरवरी 2022 को ‘भारतीय साहित्य, समाज और सिनेमा’ विषय पर एक ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन हुआ। इस आयोजन की मुख्य  वक्ता वरिष्ठ लेखिका डॉ. विजय...
जनमतज़ेर-ए-बहस

बर्बादी और विषमता से निर्मित  समृद्धि  के पहाड़ पर बैठा तानाशाह

जयप्रकाश नारायण 
जयप्रकाश नारायण  भारत के बारे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों की तरफ से आ रही रिपोर्ट डरावनी लग रही है। एक तरफ मुट्ठी भर...
कहानीजनमतसाहित्य-संस्कृति

हलयोग: कहानी का समाज और समतामूलक समाज निर्माण की अड़चनें

समकालीन जनमत
मोहम्मद उमर  मार्कण्डेय ग्राम कथाकार हैं। वह जीवन से सीधे साक्षात्कार करने वाले कथाकार हैं। ग्राम जीवन का चित्रण अपनी कथाओं में मार्कण्डेय पूरी सजीवता...
ख़बरजनमत

अखिल भारतीय किसान महासभा की  किसान भाईयों से अपील

किसान आंदोलन की उपलब्धियों को सुदृढ़ करें और बड़ी जीत के लिए आगे बढ़ें! वोट की चोट से कारपोरेट परस्त और विश्वासघाती भाजपा को दंडित...
जनमत

“तुम्हारे होने से होता है सब” मायामृग की कविताएँ

समकालीन जनमत
गणेश गनी राजस्थान के कवि माया मृग की कविताएँ अपनी ओर एक गहरे आकर्षण से खींचती हैं। उनकी कविताओं में कल्पना यथार्थ को और मार्मिक...
जनमत

खोई चीज़ों का शोक: जीवन की स्मृतियों से झकझोर खायी कविताएँ

समकालीन जनमत
अनुपम सिंह समकालीन हिंदी कविता में सविता सिंह प्रकृति के क़रीब रहने वाली कवियों में से हैं। सविता सिंह प्रकृति के प्रत्येक क्रियाकलाप को अनिवार्य...
जनमत

वसंत तुम कहाँ हो ?

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार   इस साल कैलेंडर पर वसंत जल्द आ गया लगता है क्योंकि जाड़े को भी इस वर्ष ‘मैं झुकेगा नई’ का स्वैग चढ़ा...
जनमतज़ेर-ए-बहस

संघ परिवार की सांस्कृतिक-आर्थिक नीति और एअर इंडिया  की घर-वापसी

जयप्रकाश नारायण  गणतंत्र दिवस को स्टार्टअप दिवस घोषित करने के बाद 27 जनवरी की सुबह एयर इंडिया की शानदार घर वापसी संपन्न हो गई। टाटा...
कहानीजनमतसाहित्य-संस्कृति

सुकुल की बीवी: व्यक्तित्वांतरण, प्रेम और स्त्री-पुरुष सम्बन्ध की नयी व्यावहारिकता

दुर्गा सिंह
‘सुकुल की बीवी’ निराला की चर्चित कहानी है। यह लखनऊ से प्रकाशित होने वाली पत्रिका ‘सुधा’ में 1937 ईस्वी में छपी। इसी नाम से निराला...
जनमत

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इलाहाबाद में छात्रों पर पुलिसिया कहर

के के पांडेय
जहां आज पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा है और दिल्ली के राजपथ पर उड़ान भरते युद्धक विमानों की गड़गड़ाहट से पूरे देश को अपनी...
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