Tag : सिनेमा

शख्सियत

प्रेमचंद और हिंदुस्तानी सिनेमा : जवरीमल्ल पारख

समकालीन जनमत
(31 जुलाई को प्रेमचंद की 140वीं जयंती के अवसर पर समकालीन जनमत 30-31 जुलाई ‘जश्न-ए-प्रेमचंद’ का आयोजन कर रहा है। इस अवसर पर समकालीन जनमत...
स्मृति

“मैं ज़िंदगी सिर्फ़ अपनी शर्तों पर जीना चाहती हूँ, और यह हो कर रहेगा।”-सरोज ख़ान

समकालीन जनमत
कनुप्रिया झा बात उन दिनों की है जब मैं आठ या नौ साल रही हूँगी। हर शाम क़रीबन चार बजे टेलीविज़न की आवाज़ न्यूनतम कर...
सिनेमा

बंगाल के अकाल की सच्ची तस्वीर ‘धरती के लाल’

मुकेश आनंद
(महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्मों पर टिप्पणी के क्रम में आज प्रस्तुत है मशहूर निर्देशक ख़्वाजा अहमद अब्बास की धरती के लाल। समकालीन जनमत केेे लिए मुकेश...
सिनेमा

वर्णव्यवस्था के विद्रूप को उघाड़ती सद्गति

मुकेश आनंद
(महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्मों पर  टिप्पणी के क्रम में आज प्रस्तुत है हिंदी के मूर्धन्य कथाकार प्रेमचंद की कहानी पर आधारित मशहूर निर्देशक सत्यजित रॉय की...
सिनेमा

औरत की जानिब समाज की सच्चाइयों का आइना है ‘ भूमिका ’

मुकेश आनंद
( श्याम बेनेगल निर्देशित और स्मिता पाटिल अभिनीत फिल्म ‘भूमिका’ को 1977 के राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया. विश्व और भारतीय सिनेमा की...
सिनेमा

जर्जर मध्यवर्गीय दाम्पत्य जीवन की त्रासदी का बयान है ‘अमेरिकन ब्यूटी’

मुकेश आनंद
(1999 में प्रदर्शित सैम मेंडेस निर्देशित ‘अमेरिकन ब्यूटी’ को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ निर्देशन  के ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था । यहाँ...
जनमत शख्सियत सिनेमा

‘अपनी तारीख़ का उन्वान बदलना है तुझे’

समकालीन जनमत
गीतेश सिंह फ़िल्म, टेलीविजन और थिएटर की जानी मानी अभिनेत्री और अनेक अन्तर्राष्ट्रीय फिल्मों में काम कर चुकी शबाना आज़मी का आज जन्म दिन है...
खबर सिनेमा

ग्रामीण भारत में सिनेमा यात्रा

लगभग 25 साल पहले, श्री जहूर सिद्दीकी ने बागपत जिले के रतौल में अपने पैतृक घर को पड़ोस के बच्चों के लिए एक स्कूल में...
कहानी शख्सियत साहित्य-संस्कृति

प्रेमचंद की याद: संजय जोशी

संजय जोशी
हिंदी भाषा के सबसे बड़े रचनाकार के रूप में आज भी प्रेमचंद की ही मान्यता है. हिंदी गद्य को आधुनिक रूप देकर उसे आम जन...
नाटक

थियेटर और कला की जन-सैद्धांतिकी पर संवाद करती जरूरी किताब

दुर्गा सिंह
एक कलाकार/रचनाकार जीवन-जगत के क्रिया-व्यापार की पुर्नरचना करता है। हालांकि इस पुर्नरचना के लिए तत्संबंधी शास्त्रों में प्रशिक्षण की बात कही गयी है, यथा प्रतिभा,...

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