जनमतस्मृति सफ़र अभी मुक़म्मल नहीं हुआ !समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 2020 by समकालीन जनमतApril 30, 2020May 1, 20203 2187 आशीष कुमार क्या उन सब्ज आंखों को भुलाया जा सकता है ? क्या उस बेतकल्लुफ़ और बेपरवाह हंसी को समेटा जा सकता है ?क्या कला...
जनमत महामारी के उद्यमीराजन विरूपApril 28, 2020April 28, 2020 by राजन विरूपApril 28, 2020April 28, 20200820 हम उलट कर बोलते हैं - जहान है तो जान है. जहान मतलब यह पूंजीवादी अर्थव्यवस्था और यह बात ग्लोबल सत्य है...
जनमत महामारी के दौर में कितना असुरक्षित है देश का ‘नया मजदूर’ ?मीनलApril 26, 2020April 30, 2020 by मीनलApril 26, 2020April 30, 202001640 ये न तो गरीब हैं, जो फिलहाल भूख से मर रहा है और न ही ये वे लोग हैं जिनको सरकार किसी किस्म की आर्थिक...
जनमत कोरोना वायरस और नवउदारवादी अर्थव्यवस्था का संकटसमकालीन जनमतApril 24, 2020April 30, 2020 by समकालीन जनमतApril 24, 2020April 30, 202003010 नवउदारवादी अर्थव्यवस्था जब आज वैचारिक संकट में है तब इसकी सबसे बड़ी क़ीमत मज़दूरों से ली जा रही है. ये क़ीमत उनके मौत तक जाती...
जनमत कोरोना क़हर के बीच फैलता नफ़रत का वायरस राम पुनियानीApril 19, 2020April 25, 2020 by राम पुनियानीApril 19, 2020April 25, 202001982 समाज के कमज़ोर वर्गों के मानवाधिकारों के उल्लंघन और उनके खिलाफ हिंसा के पीछे अक्सर बेबुनियाद धारणाएं होतीं हैं. भारत में सन 1980 के दशक...
जनमत कोरोना से युद्ध में इस्लामोफोबिया ने भारत के वार को भोथरा बना दिया हैसमकालीन जनमतApril 19, 2020April 19, 2020 by समकालीन जनमतApril 19, 2020April 19, 202001879 ( मशहूर पत्रकार राणा अयूब का यह लेख वाशिंगटन पोस्ट में 7 अप्रैल को प्रकाशित हुआ है. समकालीन जनमत के पाठकों के लिए इसका हिंदी...
जनमत मजदूरों की पहचान ‘माईग्रेंट’ के रूप में करना मेहनतकश वर्ग के खिलाफ साजिश समकालीन जनमतApril 17, 2020April 25, 2020 by समकालीन जनमतApril 17, 2020April 25, 202002535 शिवाजी राय हम जिस गाँव में रहते हैं वहाँ मेरी दस पीढ़ियाँ गुजर गयी होंगी। उस गाँव में मेरे खानदान के आने वाले पहले...
जनमत उन्नीस दिनों को दूसरा लाॅक डाउनरवि भूषणApril 17, 2020April 17, 2020 by रवि भूषणApril 17, 2020April 17, 202001513 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कोरोना से ‘बहुत मजबूती के साथ’ ‘भारत की लड़ाई’ के...
जनमत भारत में फासीवादी राज्य की तैयार होती जमीनपुरुषोत्तम शर्माApril 8, 2020April 8, 2020 by पुरुषोत्तम शर्माApril 8, 2020April 8, 202002153 भारत में संसदीय लोकतंत्र के खात्मे और फासीवादी राज्य की जमीन लगभग तैयार है। कोरोना संकट की आड़ में आरएसएस-भाजपा अपने फासीवादी कारपोरेट हिंदू राष्ट्र...
जनमत यह मनुष्य होने का समय हैरवि भूषणApril 4, 2020April 4, 2020 by रवि भूषणApril 4, 2020April 4, 202002403 संभव है, इस शीर्षक से कइयों को आपत्ति हो क्योंकि इसकी अर्थ ध्वनि में हमारे ‘मनुष्य’ होने पर प्रश्न है। दशकों से एक हिंदी फिल्म...
जनमत कोविड-19 और मोदी का लॉकडाउन : चारों ओर अफ़रा-तफ़री, प्लानिंग कहीं नहींदीपंकर भट्टाचार्यMarch 30, 2020March 31, 2020 by दीपंकर भट्टाचार्यMarch 30, 2020March 31, 202002056 (यह लेख भाकपा (माले) महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य द्वारा लिखित है जिसे अंग्रेज़ी में नेशनल हेराल्ड ने 30 मार्च 2020 को प्रकाशित किया है। समकालीन...
जनमत कोरोना महामारी, लाॅक डाउन और रोजी-रोटी का महासंकटरवि भूषणMarch 27, 2020March 27, 2020 by रवि भूषणMarch 27, 2020March 27, 202003379 चारों ओर कोरोना का शोर हैं. बच्चा-बच्चा अब इस शब्द से जो मात्र शब्द नहीं एक महामारी है, परिचित हो चुका है। कोरोना एक वायरस...
जनमत मोदी सरकार के 1.7 लाख करोड़ के पैकेज को समझे बगैर पैकेजिंग में लग गया मीडियारवीश कुमारMarch 27, 2020March 27, 2020 by रवीश कुमारMarch 27, 2020March 27, 20204 2836 1 लाख 70 हज़ार करोड़ के पैकेज का एलान हुआ है। यह पैकेज में बहुत बड़े सामाजिक वर्ग को लाभ मिलने जा रहा है। सूचना,...
जनमत न्यायपालिका से जुड़ी कुछ चिन्ताएंरवि भूषणMarch 8, 2020March 8, 2020 by रवि भूषणMarch 8, 2020March 8, 202001804 कुछ समय से न्यायपालिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों में कुछ अधिक चिंताएं देखने-सुनने को मिल रही है । यह घटने के बजाय...
कविताजनमत विनय कुमार की कविताएँ ऐतिहासिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से संवलित हैंसमकालीन जनमतMarch 1, 2020March 1, 2020 by समकालीन जनमतMarch 1, 2020March 1, 20204 2242 कुमार मुकुल यक्षिणी की भूमिका में विनय लिखते हैं – ‘…अतीत का बोध मुझे न तो गौरवान्वित करता है, न दुखी और न ही असहाय;...
ख़बरजनमत असहयोग आन्दोलन की यादरवि भूषणFebruary 25, 2020February 27, 2020 by रवि भूषणFebruary 25, 2020February 27, 20205 3018 100 वर्ष पहले के असहयोग आंदोलन को याद करने की आज अधिक जरूरत है। असहयोग आंदोलन की शतवार्षिकी के अवसर पर इतिहास के उन पुराने...
कविताजनमत ‘रंजना के नवगीत और ग़ज़लें सृजन की धरती पर एक विराट संवेदना बो रहे हैं’समकालीन जनमतFebruary 23, 2020February 23, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 23, 2020February 23, 202002204 कल्पना मनोरमा वर्तमान के खुरदरे जीवन व्यापारों के यथार्थ से जूझती एक अकेली स्त्री का गरिमा पूर्ण आत्म परिचय इन पंक्तियों से बेहतर क्या होगा? ...
कविताजनमत नवनीत की ग़ज़लें यथास्थितिवाद का प्रतिकार हैंसमकालीन जनमतFebruary 16, 2020February 16, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 16, 2020February 16, 20206 4316 प्रभात मिलिंद मेरी नज़र में एक ग़ज़लगो होना और एक शायर होना दो मुख़्तलिफ़ इल्म हैं. ग़ज़लगोई एक हुनर (स्किल) है और शायरी एक तेवर...
ख़बरजनमत एक नयी राजनीति का शुभारम्भरवि भूषणFebruary 14, 2020February 14, 2020 by रवि भूषणFebruary 14, 2020February 14, 202002635 दिल्ली विधानसभा में आम पार्टी की बड़ी जीत के बाद एक नई राजनीति का शुभारंभ हुआ है। यह नई राजनीति ध्रुवीकरण और राष्ट्रवाद की राजनीति...
ख़बरजनमत प्रमोशन में आरक्षण पर फैसला : कुछ सवालइन्द्रेश मैखुरीFebruary 11, 2020February 11, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीFebruary 11, 2020February 11, 20205 1925 प्रमोशन में आरक्षण के मसले पर उच्चतम नयायालय ने जो फैसला दिया,वह सामाजिक न्याय के प्रति सत्ताधारियों और अदालत के रुख को लेकर नए सिरे...