कविता स्त्री को उसके वास्तविक रूप में पहचाने जाने की ज़िद हैं शैलजा की कविताएँसमकालीन जनमतJanuary 27, 2019March 1, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 27, 2019March 1, 20193 5157 दीपक कुमार शैलजा पाठक से परिचय मित्र पीयूष द्वारा शेयर की गई उनकी कविता ‘कुसुम कुमारी’ के माध्यम से हुआ। पहली ही नजर में इस...
चित्रकला शैलेन्द्र कुमार के छाया चित्र और समय की गतिराकेश कुमार दिवाकरJanuary 24, 2019January 24, 2019 by राकेश कुमार दिवाकरJanuary 24, 2019January 24, 201901824 कला, संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार तथा ललित कला अकादमी पटना के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले महत्वाकांक्षी आयोजन, कला मंगल श्रृंखला के तहत,...
चित्रकला अनुभूतियों के चित्रकार कौशलेसराकेश कुमार दिवाकरJanuary 22, 2019January 23, 2019 by राकेश कुमार दिवाकरJanuary 22, 2019January 23, 201902737 आरा (बिहार). पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर और कला एवं संस्कृति विभाग गोवा सरकार के संयुक्त तत्वावधान में, 25 जनवरी से 01 फरवरी 2019 तक...
व्यंग्यसाहित्य-संस्कृति “नो-फ़ेल पॉलिसी तालीम का नहीं देश की सुरक्षा का मसला है”समकालीन जनमतJanuary 20, 2019January 21, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 20, 2019January 21, 201902300 लोकेश मालती प्रकाश {हाल ही में संसद ने शिक्षा अधिकार कानून में संशोधन कर कानून में बच्चों को आठवीं तक फ़ेल नहीं करने की नीति...
कविता मानवीय रिश्तों की पहचान के कवि हैं गौरव पाण्डेयसमकालीन जनमतJanuary 20, 2019January 24, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 20, 2019January 24, 201903742 युवतम कवि गौरव पाण्डेय की ये कविताएँ पढ़कर अचरज होता है कि इतनी महीन संवेदनाओं वाला यह कवि अब तक कहाँ गुम था! घर-परिवार और...
कहानीशख्सियत मैं सोसाइटी की चोली क्या उतारूँगा जो है ही नंगीविष्णु प्रभाकरJanuary 18, 2019January 18, 2019 by विष्णु प्रभाकरJanuary 18, 2019January 18, 201903149 (उर्दू के चर्चित कहानीकार सआदत हसन मंटो की आज पुण्यतिथि है । प्रस्तुत है उन पाँच कहानियों के बारे में जिन पर अश्लीलता के आरोप...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति हिन्दी के शेक्सपियर: रांगेय राघवसमकालीन जनमतJanuary 17, 2019January 17, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 17, 2019January 17, 201904376 अभिषेक मिश्र हममें से अधिकांश लोग जिस उम्र तक अपने लक्ष्य को लेकर उधेड़बुन में ही रहते हैं, आज कल कई लोग जिस उम्र के...
सिनेमा 13 वां गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल 19-20 जनवरी कोसमकालीन जनमतJanuary 16, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 16, 20195 2711 गोरखपुर. गोरखपुर फिल्म सोसाइटी और जन संस्कृति मंच द्वारा 13वें गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 19-20 जनवरी को सिविल लाइंस स्थित गोकुल अतिथि भवन में...
नाटक संगवारी ढ़ेला वर्कशॉप : बच्चों के साथ सार्थक थिएटर की शुरुआतसमकालीन जनमतJanuary 15, 2019January 15, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 15, 2019January 15, 201903187 कपिल शर्मा रामनगर (उत्तराखंड). संस्कृति का सबसे ज़रूरी आयाम होता है, संस्कृति कर्म को विविध विधाओं के ज़रिए हाशिए पर के समाज तक पहुंचाना। रचनात्मक...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति महाअरण्य की माँ- महाश्वेता देवीसमकालीन जनमतJanuary 14, 2019January 14, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 14, 2019January 14, 20195 2106 अभिषेक मिश्र वर्षों पहले ‘दैनिक हिंदुस्तान’ में प्रसिद्ध लेखक कमलेश्वर का एक साप्ताहिक कॉलम आया करता था, जिसमें वो सांप्रदायिकता, राष्ट्रीय एकता, धर्मनिरपेक्षता आदि विषयों...
कविता जटिल यथार्थ का सरल कवि जसबीर त्यागीसमकालीन जनमतJanuary 13, 2019January 14, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 13, 2019January 14, 20194 2692 संजीव कौशल जसबीर त्यागी आम जीवन में जितने सहज और सरल हैं वही सहजता और सरलता उनकी कविताओं में भी देखी जा सकती है लेकिन...
कविता माटी पानी : सत्ता और समय की पहचानसमकालीन जनमतJanuary 10, 2019June 3, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 10, 2019June 3, 201903234 रवि श्रीवास्तव सदानंद शाही के कविता संकलन ‘माटी-पानी’ को पढ़ते हुए मिर्ज़ा ग़ालिब का एक शेर याद आया- ‘ जो उलझी थी कभी आदम के...
साहित्य-संस्कृति जसम की ओर से रचना पाठ ‘पंख खोलूं और उड़ चलूं आसमान में’कौशल किशोरJanuary 6, 2019January 14, 2019 by कौशल किशोरJanuary 6, 2019January 14, 20193 1270 लखनऊ: रचनाकार समय और समाज को अपने सृजन का विषय बनाता है। आम आदमी की पीड़ा व संघर्ष की अभिव्यक्ति आज की रचनाओं की विशेषता...
कविता समय की विद्रूपताओं की शिनाख़्त करतीं अनिल की कविताएँसमकालीन जनमतJanuary 6, 2019January 14, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 6, 2019January 14, 20193 3668 निरंजन श्रोत्रिय युवा और चर्चित कवि अनिल करमेले की कविताओं से गुजरना अपने समकालीन समय-समाज की विद्रूपताओं की शिनाख्त करना है। यह दुष्कर कवि-कर्म वे...
कविता विमल किशोर की कविताएंसमकालीन जनमतJanuary 5, 2019January 6, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 5, 2019January 6, 201903082 1980 के दशक में लखनऊ में गठित ‘महिला संघर्ष मोर्चा’ से विमल किशोर ने सामाजिक जीवन का आरम्भ किया। वे इस संगठन की सह संयोजक...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति इंसानी गरिमा और मानवीय संस्कृति को बचाना है तो तार्किक समाज का सपना देखना होगासमकालीन जनमतJanuary 4, 2019January 5, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 4, 2019January 5, 201902304 ममता सिंह 3 जनवरी को अग्रेसर अमेठी में सावित्री बाई फुले पुस्तकालय के पहले स्थापना समारोह में अपनी बात रखते हुए डॉ. राधेश्याम सिंह ने...
साहित्य-संस्कृति नुक्कड पर गीत, कविता पाठ और नाटक के साथ हुआ जसम का सातवां जिला सम्मेलनसमकालीन जनमतJanuary 4, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 4, 201902308 बेगुसराय. रंगकर्मी सफदर हाशमी की शहादत दिवस पर जसम बेगूसराय ने सातवा जिला सम्मेलन आयोजित किया. इस मौके पर जनवादी गीत , काव्य पाठ तथा...
सिनेमा झीलों के शहर उदयपुर में नए सिनेमा की गरमाहटसंजय जोशीJanuary 3, 2019January 4, 2019 by संजय जोशीJanuary 3, 2019January 4, 20196 2798 रिंकू परिहार, उदयपुर फ़िल्म फेस्टिवल बीते दिसंबर के आख़िरी तीन दिन नए सिनेमा की गरमाहट से लबरेज थे. मौका था प्रतिरोध का सिनेमा अभियान के 67...
नाटकशख्सियत हम सब सफ़दर, हमको मारोकौशल किशोरJanuary 2, 2019January 2, 2019 by कौशल किशोरJanuary 2, 2019January 2, 201902580 कौशल किशोर नये साल का पहला दिन, चारों तरफ कोहरा फेैला था। हाड़ कंपाती ठंडी हवा हड्डियों को छेद रही थी।लखनऊ के गोमती नदी के...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति काशीनाथ सिंह सामाजिक संस्थानिक परिवर्तनों को पकड़ने वाले कथाकार हैंसमकालीन जनमतJanuary 1, 2019 by समकालीन जनमतJanuary 1, 20194 3602 (साठोत्तरी कहानी के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर काशी नाथ सिंह का आज जन्मदिन है ।इस मौके पर प्रस्तुत है ‘कथा’ के संपादक, युवा आलोचक दुर्गा सिंह का...