जनमतशख्सियतस्मृति रेलवे स्टेशन पर प्रेमचन्दसमकालीन जनमतJuly 28, 2019July 28, 2019 by समकालीन जनमतJuly 28, 2019July 28, 201902255 डॉ. रेखा सेठी अभी हाल ही में नयी दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर मुझे प्रेमचन्द की लोकप्रियता का नया अनुभव हुआ। स्टेशन के लगभग हर...
कविताजनमत प्रतिरोध का रसायन तैयार करती उस्मान ख़ान की कविताएँसमकालीन जनमतJuly 28, 2019July 28, 2019 by समकालीन जनमतJuly 28, 2019July 28, 201902912 खुशियाँ अच्छी हैं बहुत, मगर इसमें भी अतिश्योक्ति है! उस्मान की कविताओं का संसार, एक ऐसा संघन संसार है जहाँ एक हाथ को नहीं सूझता दूसरा...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति महाजनी सभ्यता : प्रेमचंदसमकालीन जनमतJuly 27, 2019July 27, 2019 by समकालीन जनमतJuly 27, 2019July 27, 2019014546 महाजनी सभ्यता मुज़द: ए दिल कि मसीहा नफ़से मी आयद; कि जे़ अनफ़ास खुशश बूए कसे मी आयद। ( हृदय तू प्रसन्न हो कि पीयूषपाणि...
साहित्य-संस्कृतिस्मृति ‘जीवन और साहित्य में घृणा का स्थान’ से कुछ अंश: प्रेमचंदसमकालीन जनमतJuly 27, 2019July 30, 2019 by समकालीन जनमतJuly 27, 2019July 30, 201903623 निंदा, क्रोध और घृणा ये सभी दुर्गुण हैं, लेकिन मानव जीवन में से अगर इन दुर्गुणों को निकल दीजिए, तो संसार नरक हो जायेगा। यह...
जनमतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति साहित्य का उद्देश्य: प्रेमचंदसमकालीन जनमतJuly 26, 2019July 26, 2019 by समकालीन जनमतJuly 26, 2019July 26, 2019014346 [1936 में प्रगतिशील लेखक संघ के प्रथम अधिवेशन लखनऊ में प्रेमचंद द्वारा दिया गया अध्यक्षीय भाषण] यह सम्मेलन हमारे साहित्य के इतिहास में स्मरणीय घटना है।...
जनमतस्मृति प्रेमचंद के फटे जूते: हरिशंकर परसाईसमकालीन जनमतJuly 25, 2019July 26, 2019 by समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 26, 201905494 प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है, पत्नी के साथ फोटो खिंचा रहे हैं। सिर पर किसी मोटे कपड़े की टोपी, कुरता और धोती पहने...
जनमतज़ेर-ए-बहसस्मृति प्रेमचंद साहित्य में दलित विमर्श: प्रो. चमनलालसमकालीन जनमतJuly 25, 2019July 27, 2019 by समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 27, 201909688 प्रो. चमनलाल प्रेमचंद के दलित विमर्श को लेकर हिन्दी लेखकों में काफी विवाद है। प्रेमचंद के जीवनकाल के दौरान भी उनके साहित्य को लेकर विवाद...
साहित्य-संस्कृति किसान के क्रमिक दरिद्रीकरण की शोक गाथा है ‘गोदान’गोपाल प्रधानJuly 25, 2019December 9, 2019 by गोपाल प्रधानJuly 25, 2019December 9, 201913586 सन 1935 में लिखे होने के बावजूद प्रेमचंद के उपन्यास ‘गोदान’ को पढ़ते हुए आज भी लगता है जैसे इसी समय के ग्रामीण जीवन की...
जनमतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति प्रेमचंद जी: महादेवी वर्मासमकालीन जनमतJuly 25, 2019July 26, 2019 by समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 26, 201905786 प्रेमचंदजी से मेरा प्रथम परिचय पत्र के द्वारा हुआ. तब मैं आठवीं कक्षा की विद्यार्थिनी थी. मेरी “दीपक” शीर्षक एक कविता शायद “चाँद” में प्रकाशित...
जनमतशख्सियतसाहित्य-संस्कृतिस्मृति ‘सांप्रदायिकता और संस्कृति’ : प्रेमचंद (प्रेमचंद पर शृंखला की शुरुआत)समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 25, 2019 by समकालीन जनमतJuly 25, 2019July 25, 201903192 31 जुलाई को कथाकार प्रेमचंद का जन्मदिन है। समकालीन जनमत अपने पाठकों के लिए आज से 31 जुलाई तक प्रेमचंद पर एक विशेष शृंखला की शुरुआत...
शख्सियतसाहित्य-संस्कृति व्यक्तित्व में सरल और विचार में दृढ़: राजेन्द्र कुमारसमकालीन जनमतJuly 24, 2019July 24, 2019 by समकालीन जनमतJuly 24, 2019July 24, 201901988 विनोद तिवारी पचहत्तर पार : राजेंद्र कुमार राजेंद्र सर हमारे प्रिय अध्यापकों में रहे हैं । वह अपने व्यक्तित्व में नितांत सहज, सरल और साधारण...
जनमतपुस्तक आक्सफ़ोर्ड की मार्क्स सहायिकागोपाल प्रधानJuly 24, 2019July 24, 2019 by गोपाल प्रधानJuly 24, 2019July 24, 201912386 2019 में आक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस से मैट विडाल, टोनी स्मिथ, तोमास रोट्टा और पाल प्रेव के संपादन में ‘द आक्सफ़ोर्ड हैंडबुक आफ़ कार्ल मार्क्स’ का...
कविताशख्सियत यथार्थ के अन्तर्विरोधों को उदघाटित करते कवि राजेन्द्र कुमारकौशल किशोरJuly 24, 2019July 24, 2019 by कौशल किशोरJuly 24, 2019July 24, 201902592 ( जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवि और आलोचक राजेन्द्र कुमार (24/7/1943) आज 76 साल के हो गए. एक शिक्षक, कवि, आलोचक और एक ...
साहित्य-संस्कृति एका : किसान आन्दोलन और आजादी की लड़ाई में वर्ग हितों की टकराहट का दस्तावेजपुरुषोत्तम शर्माJuly 22, 2019December 9, 2019 by पुरुषोत्तम शर्माJuly 22, 2019December 9, 201903668 1920 से 1928 के बीच अवध के दो महान किसान नेताओं बाबा रामचंद्र और मदारी पासी के नेतृत्व में चले किसान संघर्षों के बारे में...
कहानी अनकहा आख्यान: जया जादवानीसमकालीन जनमतJuly 21, 2019April 8, 2020 by समकालीन जनमतJuly 21, 2019April 8, 202004586 डॉ. हर्षबाला शर्मा कहानी और कविता के भीतर बहते इन्तज़ार की नदी कहानी पढ़ते हुए अगर कविता भीतर जन्म लेने लगे और आप उसमें बहते...
कविताजनमत अरमान आनंद की कविताएँ भावुक बयान ही नहीं प्रतिबद्धता और बदलाव की छटपटाहट भी हैंडॉ रामायन रामJuly 21, 2019July 21, 2019 by डॉ रामायन रामJuly 21, 2019July 21, 201904327 कविता के क्षेत्र में आये हर युवतर और नए कवि का मौलिक स्वर रोमांस होता है।रुमानियत उनकी संवेदना का मूल सेंसर होता है।अपने समय की...
ज़ेर-ए-बहसव्यंग्य वाह-वाह,वाह जी वाह,हमने सरकार क्या चुनी,चमत्कार चुने हैंसमकालीन जनमतJuly 19, 2019July 19, 2019 by समकालीन जनमतJuly 19, 2019July 19, 201901935 इन्द्रेश मैखुरी वाह-वाह,वाह जी वाह,हमने सरकार क्या चुनी,चमत्कार चुने हैं. पहले लोग कहते थे कि सरकार के पास कोई जादू की छड़ी थोड़े है,जो पल...
साहित्य-संस्कृति असम के मियाँ कवियों के साथ एकजुटता में दिल्ली में प्रेस वार्तासमकालीन जनमतJuly 18, 2019July 19, 2019 by समकालीन जनमतJuly 18, 2019July 19, 201902424 प्रेस कॉन्फ्रेंस 18 जुलाई, 2019 दोपहर 1 से 2:30 बजे, प्रेस क्लब, नई दिल्ली यद्यपि ‘मियाँ’ शब्द का शाब्दिक अर्थ उर्दू में सज्जन है, बंगाली...
साहित्य-संस्कृति असम के कवियों पर दर्ज मुक़दमा वापस लो !समकालीन जनमतJuly 18, 2019July 19, 2019 by समकालीन जनमतJuly 18, 2019July 19, 201903102 जन संस्कृति मंच का बयान 31 जुलाई को असम में नागरिकता रजिस्टर जारी होने वाला है। असम में इस मुद्दे पर भेदभाव के ख़िलाफ़...
सिनेमा फ़िल्म समीक्षा- स्पाइडर मैन: फ़ार फ्रॉम होमअभिषेक मिश्रJuly 18, 2019July 19, 2019 by अभिषेक मिश्रJuly 18, 2019July 19, 201903523 स्पाइडर मैन मेरा पसंदीदा कॉमिक चरित्र है, लाखों करोड़ों अन्य लोगों का भी। पीढ़ी-दर-पीढ़ी इसके प्रशंसकों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बच्चों और...