साहित्य-संस्कृति वर्ग की अवधारणा को खंडित नहीं करता, बल्कि व्यापक बनाता है अस्मितावाद : डॉ रामायन रामसमकालीन जनमतFebruary 22, 2026February 22, 2026 by समकालीन जनमतFebruary 22, 2026February 22, 202604021 अनिल सिन्हा स्मृति व्याख्यान दलित चेतना के कवि आशाराम जागरथ और सी बी भारती ने कविताएं सुनाईं लखनऊ। ” अस्मितावाद न तो सर्वहारा को विभाजित...
साहित्य-संस्कृति एका : किसान आन्दोलन और आजादी की लड़ाई में वर्ग हितों की टकराहट का दस्तावेजपुरुषोत्तम शर्माJuly 22, 2019December 9, 2019 by पुरुषोत्तम शर्माJuly 22, 2019December 9, 201903665 1920 से 1928 के बीच अवध के दो महान किसान नेताओं बाबा रामचंद्र और मदारी पासी के नेतृत्व में चले किसान संघर्षों के बारे में...