समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

साहित्य-संस्कृति

राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ में ‘ महामारी की त्रासदी और हम ’ का लोकार्पण

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मऊ। राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ में 22 नवंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रिका ‘ अभिनव कदम ‘ द्वारा करोना महामारी पर प्रकाशित पुस्तक ‘...
साहित्य-संस्कृति

हिंदी कवि अंचित और मराठी कवि संदीप जगदाले को दिया जाएगा पहला ‘ केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान ’

समकालीन जनमत
वाराणसी। प्रेमचंद साहित्य संस्थान द्वारा प्रकाशित साखी पत्रिका ने कवि अंचित (हिन्दी )और संदीप जगदाले (मराठी)  को पहला  ‘केदारनाथ सिंह स्मृति सम्मान’ देने की घोषणा...
साहित्य-संस्कृति

संजीव का कथा-साहित्य स्वाधीन भारत की सत्ता के खिलाफ चार्जशीट है : रविभूषण

हिन्दी के प्रसिद्ध कथाकार संजीव के उम्र के 75वें वर्ष में प्रवेश करने के अवसर पर ‘संजीव अमृत महोत्सव समिति’ के बैनर से पूरे देश...
कहानीसाहित्य-संस्कृति

श्यामा: औपनिवेशिक भूमि-व्यवस्था, वर्णवाद के बीच अंतरजातीय प्रेम की कहानी

दुर्गा सिंह
निराला की कहानी ‘श्यामा’, हिंदी की एक महत्वपूर्ण कहानी है। यह कहानी  एक ब्राह्मण  लड़के और लोध जाति की लड़की के प्रेम की कहानी है।...
सिनेमा

आदिवासियों के स्वाभिमान की लड़ाई और सौंदर्य विधान की स्थापना का कलात्मक प्रयास है ‘जय भीम’

समकालीन जनमत
महेश कुमार तमिल फिल्म ‘जय भीम’ जस्टिस चंद्रू के 1993 के एक केस पर आधारित है. यह फ़िल्म अपनी वैचारिक पृष्ठभूमि, यथार्थपरक प्रस्तुति और अस्मितावादी...
साहित्य-संस्कृति

सुआ नृत्य : छत्तीसगढ़ी लोक का आलोक

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार कार्तिक का अंधियारी पाख लग गया है। खेतों में कटने को खड़े धान पर घाम की तपिश कम हो रही है। सिलयारी के...
कविता

शेफाली की कविताएँ जीवन की सुंदरता से संवाद हैं

समकालीन जनमत
अरुणाभ सौरभ शेफाली की कविताएँ उस युवा पीढ़ी की आवाज़ हैं जिसके सपने, मूल्य और संवेदना को यह व्यवस्था और तंत्र निरंतर तोड़ रहा है।...
पुस्तक

हिंदुत्व के उत्थान से उपजी निराशा

गोपाल प्रधान
अभय कुमार दुबे की किताब ‘हिंदू-एकता बनाम ज्ञान की राजनीति’ का प्रकाशन वाणी प्रकाशन से 2019 में हुआ । शीर्षक ही बिना किसी लाग लपेट...
साहित्य-संस्कृति

‘राजकमल चौधरी और फणीश्‍वर नाथ रेणु दो गुरु हैं मेरे…’ : आलोकधन्वा

समकालीन जनमत
वरिष्‍ठ कवि आलोक धन्‍वा से कवि-आलोचक कुमार मुकुल की बातचीत अपनी बातचीत में आप हिंदी कविता, कहानी के महत्‍वपूर्ण हस्‍ताक्षरों राजकमल चौधरी और फणीश्‍वर नाथ...
कविता

जमुना बीनी की कविताएँ आदिवासियत की उपेक्षा का प्रतिकार हैं

समकालीन जनमत
कविता कादंबरी आदिवासी अस्मिता पर केंद्रित हिंदी कविताओं में कुछ सामान्य प्रवृत्तियाँ हैं जिसमें प्रकृति के साथ साहचर्य का भाव, ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया पर...
पुस्तक

राजनीतिक प्रतिरोध में अहिंसा की भूमिका

गोपाल प्रधान
किताब में यही बताया गया है कि बीसवीं सदी में जनता ने हिंसा के बगैर सत्ता पर कब्जा करने की क्षमता अर्जित की । लेखकों...
सिनेमा

शहादत की अप्रतिम गाथा : सरदार उधम

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार भारतीय सिनेमा में समय समय पर शहीदों पर बॉयोपिक बनती रही हैं। इन फिल्मों में ‘गांधी’ (1982) को छोड़ दें तो अन्य प्रस्तुतियां...
सिनेमा

हिंदी सिनेमा में दिखती ‘आदर्श’ दुनिया पर हिटलर के प्रभाव की शिनाख्त करती किताब

समकालीन जनमत
शक्ति ‘इतिहास, अतीत और वर्त्तमान के बीच कभी न खत्म होने वाला संवाद है’: ई. एच. कार यूँ तो अडोल्फ़ हिटलर और फासीवाद के बारे...
कविता

घुँघरू की कविताएँ प्रेम के अनगढ़ रूप और सामाजिक संवेदना से भरपूर हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय घुँघरू की कविताओं में प्रेम और संवेदनों को लेकर एक अलग-सी कमनीयता है वह भी ज़िद के साथ। एक युवा कवयित्री प्रेम को...
स्मृति

अपराजिता चली गईं, लेकिन अलबेलियाँ रहेंगी!

आशुतोष कुमार
नवाचारी कलाकार और हिंदी की लोकप्रिय अध्यापिका अपराजिता शर्मा के आकस्मिक निधन से हिंदी के युवा संसार में शोक की लहर है। अपराजिता दिल्ली विश्वविद्यालय...
कहानी

बस! बहुत हो चुका !

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(यह लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं। इस कहानी...
कहानी

पढिए स्लोवेनियन कहानीकार लिली पोटपारा की कहानी ‘ खिड़की से ’

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 (‘खिड़की से ’लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं। उनके...
कहानी

पढिए स्लोवेनियन कहानीकार लिली पोटपारा की कहानी ‘ मोबाइल फ़ोन ’

समकालीन जनमत
(लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की यह एक बहुचर्चित कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं।...
कहानी

पढिए स्लोवेनियन कहानीकार लिली पोटपारा की कहानी ‘ झूठ ’

समकालीन जनमत
( ‘लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं। उनके कहानी संग्रह (Bottoms up stories) को 2002 में प्रोफ़ेशनल एसोसिएशन...
कविता

पार्वती तिर्की की कविताएँ आदिवासी समाज और प्रकृति के साहचर्य, सातत्य और सौंदर्य की अभिव्यक्ति हैं

समकालीन जनमत
रोज़ी कामेई आदिवासी समुदायों की एक ख़ास विशेषता यह होती है कि वे इंसानों से पहले धरती, समस्त जीव-जगत, प्रकृति एवं सृष्टि के हर सजीव-निर्जीव...
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