साहित्य-संस्कृति साहित्य का सन्नाटा टूट रहा हैकौशल किशोरJanuary 3, 2022January 4, 2022 by कौशल किशोरJanuary 3, 2022January 4, 20220107 साहित्य समाज से निरपेक्ष नहीं होता है। समाज में होने वाली हलचलों, घटनाओं-परिघटनाओं आदि का उस पर असर होता है। 2021 के साल में जहाँ...
साहित्य-संस्कृति जसम ने पटना, आरा, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय में कार्यक्रम कर सफ़दर हाशमी को याद कियासमकालीन जनमतJanuary 3, 2022January 3, 2022 by समकालीन जनमतJanuary 3, 2022January 3, 2022074 जनसंस्कृति मंच ने क्रांतिकारी रंगकर्मी सफ़दर हाशमी के शहादत दिवस पर पटना , आरा , दरभंगा , समस्तीपुर , बेगूसराय में गोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, जनगीत...
कविता हेमंत देवलेकर की कविताएँ बदल रहे समय पर गहन दृष्टि से उपजे सवाल हैंसमकालीन जनमतJanuary 2, 2022January 2, 2022 by समकालीन जनमतJanuary 2, 2022January 2, 20220544 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि हेमंत देवलेकर की कविताओं से गुजरना वह सुखद अहसास है जो मौसम की बारीकियों को समझने, समय को बीतते हुए महसूसने...
कविता सौम्या सुमन की कविताएँ अनसुने-अनकहे के दरमियान प्रेम के सहज सौन्दर्य की बानगी हैंसमकालीन जनमतDecember 26, 2021December 26, 2021 by समकालीन जनमतDecember 26, 2021December 26, 20210139 प्रभात मिलिंद मेरे विचार में कविताओं को पानी की शांत सतह पर गिरते हुए एक सूखे पत्ते की तरह होना चाहिए– दृश्य में एकदम स्पंदनहीन...
पुस्तक शिक्षा और स्वतंत्रता- बेल हुक्स की किताब ‘टीचिंग टु ट्रान्सग्रेस: एजुकेशन ऐज द प्रैक्टिस आफ़ फ़्रीडम’गोपाल प्रधानDecember 26, 2021December 26, 2021 by गोपाल प्रधानDecember 26, 2021December 26, 2021036 1994 में रटलेज से बेल हुक्स की किताब ‘टीचिंग टु ट्रान्सग्रेस: एजुकेशन ऐज द प्रैक्टिस आफ़ फ़्रीडम’ का प्रकाशन हुआ । लेखिका ने किताब की...
पुस्तक कमला सिंघवी की किताब ‘दाम्पत्य के दायरे’ के बहाने कुछ बातेंसमकालीन जनमतDecember 25, 2021December 25, 2021 by समकालीन जनमतDecember 25, 2021December 25, 2021074 निकिता हाल ही में मैंने “कमला सिंघवी” की पुस्तक “दाम्पत्य के दायरे” पढ़ा, जिसे पढ़ते समय एक स्थान पर बैठे हुए ही मानो मैंने एक...
कहानी हेमंत कुमार की कहानी ‘धरमदास की गाय’समकालीन जनमतDecember 25, 2021December 26, 2021 by समकालीन जनमतDecember 25, 2021December 26, 20210300 हेमन्त कुमार कातिक महीने की सांझ ढलने वाली थी। दीपावली बीत चुकी थी, छठ आने वाली थी। बहुत धीमी पुरवैया के चलते मौसम मे थोड़ी...
पुस्तक ज़ीरो माइल पटना : तीन धाराओं से बनी किताबसमकालीन जनमतDecember 24, 2021December 24, 2021 by समकालीन जनमतDecember 24, 2021December 24, 2021036 पटना, 21 दिसंबर। जिस तरह पटना तीन नदियों से घिरा है उसी तरह संजय कुंदन की किताब भी कहानी, उपन्यास और कविताओं से मिलाकर बनी...
सिनेमा एनएफ़एआई, सीएफ़एसआई, एनएफ़डीसी को बंद करना भारतीय फिल्म-इतिहास और धरोहर पर तुषारापात होगासमकालीन जनमतDecember 23, 2021December 23, 2021 by समकालीन जनमतDecember 23, 2021December 23, 2021085 देश के प्रमुख फ़िल्मकारों द्वारा फिल्म प्रभाग और भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (एनएफ़एआइ) समेत कई फिल्म संस्थाओं का विलय/बंद किये जाने के सरकार के प्रयास...
कहानी श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी: पितृसत्ता, जमींदारी और स्त्रीदुर्गा सिंहDecember 22, 2021December 23, 2021 by दुर्गा सिंहDecember 22, 2021December 23, 20210107 निराला ने समाज में स्त्रियों की स्थिति पर कई कहानियाँ लिखी हैं। सभी स्त्रियाँ विचार और चेतना तथा सामाजिक रुप से एक ही स्तर पर...
पुस्तक एक भारत ऐसा भीगोपाल प्रधानDecember 21, 2021December 21, 2021 by गोपाल प्रधानDecember 21, 2021December 21, 20210162 भाषा सिंह की किताब ‘अदृश्य भारत: मैला ढोने के बजबजाते यथार्थ से मुठभेड़’ का प्रकाशन 2012 में पेंगुइन बुक्स से हुआ। किताब को एकाधिक अर्थों...
कविता ज्योति की कविताएँ चुप्पी का सौंदर्य बयां करती हैंअनुपम सिंहDecember 19, 2021December 19, 2021 by अनुपम सिंहDecember 19, 2021December 19, 20210262 ज्योति तिवारी को मैं पिछले लगभग पाँच वर्षों से जानती हूँ। ज्योति भी मुझे जानती हों ज़रूरी नहीं। वैसे तो वह ज़्यादातर निष्क्रिय ही दिखाई...
कविता प्रियंका दुबे की कविताएँ भारत की नई स्त्री की प्रेमाभिव्यक्ति हैंसमकालीन जनमतDecember 12, 2021December 13, 2021 by समकालीन जनमतDecember 12, 2021December 13, 20210101 देवेश पथ सारिया इक्कीसवीं सदी के इक्कीस वर्षों में भारत के आम जनजीवन में बहुत फ़र्क़ आया है। इसका सबसे अधिक असर भारतीय मध्यमवर्ग पर...
साहित्य-संस्कृति ‘ साहित्य के संयुक्त मोर्चे में मूल्य सर्वोपरि है ’समकालीन जनमतDecember 12, 2021December 12, 2021 by समकालीन जनमतDecember 12, 2021December 12, 20210311 इलाहाबाद। अंजुमन रूहे अदब में प्रगतिशील लेखक संघ एवं इप्टा, जनवादी लेखक संघ,जन संस्कृति मंच के संयुक्त तत्वाधान में शनिवार को ‘ स्मरण : अमृत...
कविता उमेश पंकज की कविताएँ जनता की अदम्य शक्ति और साहस की बानगी हैंसमकालीन जनमतDecember 5, 2021December 12, 2021 by समकालीन जनमतDecember 5, 2021December 12, 20210259 कौशल किशोर ‘बिजलियों की गड़गड़ाहट/और बारिश की बूंदों में/परिलक्षित होता है मालिक का शोर/और मजदूरों का मार्मिक विलाप/न जाने यह कैसी विडंबना है/उषा काल...
साहित्य-संस्कृति लेखकों-संस्कृतिकर्मियों को अपने युग के नायकों को पहचानना होगा : प्रो. प्रधानसमकालीन जनमतDecember 2, 2021December 12, 2021 by समकालीन जनमतDecember 2, 2021December 12, 2021085 जन संस्कृति मंच, बिहार का पांचवां राज्य सम्मेलन संपन्न ‘‘कोई शब्दों में नये अर्थ भरता है, तो कोई शब्दों के अर्थ को विकृत करता है।...
साहित्य-संस्कृति जनचेतना की मशाल ‘विप्लवी पुस्तकालय गोदरगावां’ साहित्यिक तीर्थस्थल हैकौशल किशोरDecember 1, 2021December 12, 2021 by कौशल किशोरDecember 1, 2021December 12, 2021067 फणीश्वर नाथ रेणु ने कहा था कि भारत के सामाजिक जीवन को जानना है तो लेखकों को गांवों की ओर जाना चाहिए। जन संस्कृति मंच,...
सिनेमा जाति आधारित राज्य की हिंसा बयान करती है ‘जय भीम’नितिन राजNovember 28, 2021November 29, 2021 by नितिन राजNovember 28, 2021November 29, 2021053 “गणतंत्र को बचाने के लिए कभी-कभी तानाशाही की जरूरत पड़ती है।” यह टीजे गानवेल की फिल्म जय भीम में एक पुलिस अधिकारी के शब्द है,...
कविता अणु शक्ति सिंह की कविताएँ स्त्री जीवन की जटिलताओं का मार्मिक विस्तार हैंसमकालीन जनमतNovember 28, 2021November 29, 2021 by समकालीन जनमतNovember 28, 2021November 29, 20210143 निरंजन श्रोत्रिय स्त्री के एकाकीपन के अनेक संस्तर होते हैं-जटिल और पीड़ादायक। एक अनचाहे शून्य से भरी हुई स्त्री एक सुलगता सवाल है जिसे हल...
पुस्तक सोपान जोशी की किताब ‘जल थल मल’-आधुनिक जीवन का ज्ञानकोशगोपाल प्रधानNovember 27, 2021November 29, 2021 by गोपाल प्रधानNovember 27, 2021November 29, 2021054 राजकमल से 2018 के बाद 2020 में छपी सोपान जोशी की किताब ‘जल थल मल’ को देखने के बाद हूक सी पैदा होती है कि...