समकालीन जनमत

Category : साहित्य-संस्कृति

साहित्य-संस्कृति

‘राजकमल चौधरी और फणीश्‍वर नाथ रेणु दो गुरु हैं मेरे…’ : आलोकधन्वा

समकालीन जनमत
वरिष्‍ठ कवि आलोक धन्‍वा से कवि-आलोचक कुमार मुकुल की बातचीत अपनी बातचीत में आप हिंदी कविता, कहानी के महत्‍वपूर्ण हस्‍ताक्षरों राजकमल चौधरी और फणीश्‍वर नाथ...
कविता

जमुना बीनी की कविताएँ आदिवासियत की उपेक्षा का प्रतिकार हैं

समकालीन जनमत
कविता कादंबरी आदिवासी अस्मिता पर केंद्रित हिंदी कविताओं में कुछ सामान्य प्रवृत्तियाँ हैं जिसमें प्रकृति के साथ साहचर्य का भाव, ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया पर...
पुस्तक

राजनीतिक प्रतिरोध में अहिंसा की भूमिका

गोपाल प्रधान
किताब में यही बताया गया है कि बीसवीं सदी में जनता ने हिंसा के बगैर सत्ता पर कब्जा करने की क्षमता अर्जित की । लेखकों...
सिनेमा

शहादत की अप्रतिम गाथा : सरदार उधम

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार भारतीय सिनेमा में समय समय पर शहीदों पर बॉयोपिक बनती रही हैं। इन फिल्मों में ‘गांधी’ (1982) को छोड़ दें तो अन्य प्रस्तुतियां...
सिनेमा

हिंदी सिनेमा में दिखती ‘आदर्श’ दुनिया पर हिटलर के प्रभाव की शिनाख्त करती किताब

समकालीन जनमत
शक्ति ‘इतिहास, अतीत और वर्त्तमान के बीच कभी न खत्म होने वाला संवाद है’: ई. एच. कार यूँ तो अडोल्फ़ हिटलर और फासीवाद के बारे...
कविता

घुँघरू की कविताएँ प्रेम के अनगढ़ रूप और सामाजिक संवेदना से भरपूर हैं

समकालीन जनमत
निरंजन श्रोत्रिय घुँघरू की कविताओं में प्रेम और संवेदनों को लेकर एक अलग-सी कमनीयता है वह भी ज़िद के साथ। एक युवा कवयित्री प्रेम को...
स्मृति

अपराजिता चली गईं, लेकिन अलबेलियाँ रहेंगी!

आशुतोष कुमार
नवाचारी कलाकार और हिंदी की लोकप्रिय अध्यापिका अपराजिता शर्मा के आकस्मिक निधन से हिंदी के युवा संसार में शोक की लहर है। अपराजिता दिल्ली विश्वविद्यालय...
कहानी

बस! बहुत हो चुका !

समकालीन जनमत
(यह लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं। इस कहानी...
कहानी

पढिए स्लोवेनियन कहानीकार लिली पोटपारा की कहानी ‘ खिड़की से ’

समकालीन जनमत
 (‘खिड़की से ’लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं। उनके...
कहानी

पढिए स्लोवेनियन कहानीकार लिली पोटपारा की कहानी ‘ मोबाइल फ़ोन ’

समकालीन जनमत
(लिली पोटपारा द्वारा लिखित स्लोवेनियन भाषा की यह एक बहुचर्चित कहानी है। लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं।...
कहानी

पढिए स्लोवेनियन कहानीकार लिली पोटपारा की कहानी ‘ झूठ ’

समकालीन जनमत
( ‘लिली पोटपरा स्लोवेनियन साहित्य की एक प्रसिद्ध व पुरस्कृत लेखिका व अनुवादिका हैं। उनके कहानी संग्रह (Bottoms up stories) को 2002 में प्रोफ़ेशनल एसोसिएशन...
कविता

पार्वती तिर्की की कविताएँ आदिवासी समाज और प्रकृति के साहचर्य, सातत्य और सौंदर्य की अभिव्यक्ति हैं

समकालीन जनमत
रोज़ी कामेई आदिवासी समुदायों की एक ख़ास विशेषता यह होती है कि वे इंसानों से पहले धरती, समस्त जीव-जगत, प्रकृति एवं सृष्टि के हर सजीव-निर्जीव...
साहित्य-संस्कृति

   प्रगतिशील साहित्य के पक्ष में बहस का एक तेवर : केदारनाथ अग्रवाल का आलोचनात्मक लेखन

गोपाल प्रधान
केदारनाथ अग्रवाल के आलोचनात्मक लेखन पर उनके जीवनकाल में ध्यान नहीं दिया गया । रामविलास शर्मा भी उनके गद्य की तारीफ़ उनकी चिट्ठियों के प्रसंग...
स्मृति

दलितों की प्रगतिशील परंपरा के संवाहक मुकेश मानस

ऐसे समय में जब फासीवादी ताकतें मजबूत हो रही हैं मुकेश मानस जैसे जनपरस्त प्रगतिशील योद्धा का जाना दलितों की प्रगतिशील धारा के लिए एक...
स्मृति

मुकेश मानस का जाना साहित्यिक समाज के लिए बड़ी क्षति -जन संस्कृति मंच

राम नरेश राम
प्रगतिशील दलित साहित्यकार, जनसंघर्षों में हम सबके साथी मुकेश मानस नही रहे। वे सत्यवती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी के एसोसिएट प्रोफेसर थे। जब भी...
पुस्तक

एक देश बारह दुनिया: समकालीन भारत में विकास के विरोधाभासों का रेखाचित्र

समकालीन जनमत
नीरज  एक स्वतंत्र देश के तौर पर भारत के लिए 75 वर्षों का अरसा कोई लंबा समय तो नहीं है। लेकिन, यह भी सच है...
कविताजनमत

कमला भसीन के गीत और कविताएँ जेंडर जागरूकता की असरदार अपील हैं

समकालीन जनमत
(समकालीन जनमत का ‘समकालीन हिंदी कविता’ का यह अंक लोकप्रिय नारीवादी -मानवाधिकार कार्यकर्ता और लेखिका कमला भसीन को समर्पित है, 75 वर्ष की उम्र में...
स्मृति

‘ कमला अब तारों के साथ नाच रही होंगी और उन्हीं की झंकार से नए गीत बना रही होंगी ’

कविता कृष्णन
मेरे लिए कमला से सबसे बड़ी चीज सीखने वाली ये थी कि नारीवादी और प्रगतिशील आंदोलनों को कैसे इतने सहज शब्दों में कहें, अभिव्यक्त करें...
स्मृति

महिला आंदोलन की अगुआ के रूप में हमारी स्मृतियों में हमेशा रहेंगी कमला भसीन

उमा राग
कमला भसीन का जाना समूचे नारीवादी आंदोलन और मानवाधिकार आंदोलन के लिए एक कभी न भरे जा पाने वाले वैक्यूम की तरह है। कमला भसीन...
Fearlessly expressing peoples opinion