कविता पूर्णिमा साहू की कविताएँ दृष्टि संपन्नता की पूंजी लेकर आई हैंसमकालीन जनमतNovember 9, 2025November 9, 2025 by समकालीन जनमतNovember 9, 2025November 9, 20250357 अणु शक्ति सिंह पूर्णिमा साहू की कविताओं पर पहली दृष्टि पड़ते ही उनकी राजनीतिक समझ की झलक आ जाती है। ऐसे समय में जब स्त्री...
कविता केतन की कविताएँ वैचारिकी और परिपक्व होते कवित्त का सुंदर समायोजन हैंसमकालीन जनमतSeptember 29, 2024December 16, 2024 by समकालीन जनमतSeptember 29, 2024December 16, 20240644 अणु शक्ति सिंह कविताओं से गुजरते हुए एक ख़याल जो अक्सर कौंधता है वह कवि की निर्मिति से जुड़ा होता है। वह क्या है जिससे...
कविता अणु शक्ति सिंह की कविताएँ स्त्री जीवन की जटिलताओं का मार्मिक विस्तार हैंसमकालीन जनमतNovember 28, 2021November 29, 2021 by समकालीन जनमतNovember 28, 2021November 29, 20210149 निरंजन श्रोत्रिय स्त्री के एकाकीपन के अनेक संस्तर होते हैं-जटिल और पीड़ादायक। एक अनचाहे शून्य से भरी हुई स्त्री एक सुलगता सवाल है जिसे हल...