ज़ेर-ए-बहस रसभरीः स्त्री-देह सम्बन्धी सोच को सामने लाती वेब सीरीज़दुर्गा सिंहJuly 19, 2020September 12, 2020 by दुर्गा सिंहJuly 19, 2020September 12, 202003325 हमारे हिंदी समाज का ‘नाॅर्मल’ ‘एब्नार्मल’ से बना है। इसलिए, जब कभी मनुष्यगत मूलभूत और सामान्य बात-व्यवहार, कला रचना या किसी ऐसी चीज से हमारा...
ज़ेर-ए-बहस जब कवि के गीत अस्त्र बन जाते हैंइन्द्रेश मैखुरीJuly 13, 2020July 13, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीJuly 13, 2020July 13, 202003087 वरवर राव तेलगु भाषा में कविता करते हैं. वे पी.एच.डी हैं. उनके पी.एच.डी. थीसिस का विषय था- तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष और इतिहास. 40 साल तक...
ज़ेर-ए-बहस क्लीनिकल ट्रायल पूरा हुए बिना वैक्सीन को 15 अगस्त तक बाजार में लाने की घोषणा का मकसद क्या है ?पुरुषोत्तम शर्माJuly 5, 2020July 5, 2020 by पुरुषोत्तम शर्माJuly 5, 2020July 5, 202001813 आईसीएमआर व भारत बायोटेक द्वारा तैयार की जा रही कोरोना वैक्सीन को 15 अगस्त तक बाजार में लाने की घोषणा की जा चुकी है जबकि...
ज़ेर-ए-बहस अमेरिका में जातीय भेदभावइन्द्रेश मैखुरीJuly 4, 2020July 4, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीJuly 4, 2020July 4, 202001912 अमेरिका में पिछले दिनों भारी उथल-पुथल रही. एक अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस द्वारा हत्या किए जाने का मामला सामने आने के बाद अश्वेतों के...
ज़ेर-ए-बहस हम पितृसत्ता के खिलाफ हैं, पुरुषों के नहीं: कमला भसीनसमकालीन जनमतJuly 1, 2020July 1, 2020 by समकालीन जनमतJuly 1, 2020July 1, 202004834 (‘स्त्री संघर्ष का कोरस’ शृंखला के अंतर्गत रविवार 28 जून को कोरस के फेसबुक पेज से प्रसिद्ध नारीवादी कार्यकर्ता, कवि और समाज विज्ञानी कमला भसीन...
ज़ेर-ए-बहस कोरोना काल में महिलाओं की दुनिया : घर और बाहरसमकालीन जनमतJune 26, 2020June 26, 2020 by समकालीन जनमतJune 26, 2020June 26, 202003230 डॉ.दीना नाथ मौर्य गायत्री अपने पति और बच्चों के साथ मुम्बई के धारावी इलाके में पिछले 20 सालों से रहती हैं। मूल रूप से उत्तर-प्रदेश...
कहानीज़ेर-ए-बहस ‘नमक का दरोगा’ में नमक का किरदारChandan PandeyJune 25, 2020June 25, 2020 by Chandan PandeyJune 25, 2020June 25, 202005626 ‘नमक का दरोगा’ कहानी को कैसे पढ़ा जाये, यह प्रश्न यदा-कदा कौंध जाता है. पिछले दिनों कथाकार उमाशंकर चौधरी ने इस कहानी के अंत पर...
ज़ेर-ए-बहस हिंदी कविता में हिंदुत्व का प्रिस्क्रिप्शनराजन विरूपJune 25, 2020June 25, 2020 by राजन विरूपJune 25, 2020June 25, 20203 3111 “दुर्भाग्यवश, हिंदी-साहित्य के अध्ययन और लोक-चक्षु-गोचर करने का भार जिन विद्वानों ने अपने ऊपर लिया है, वे भी हिंदी साहित्य का संबंध हिंदू जाति के...
ज़ेर-ए-बहस सभी आवाज़ों को मजबूत करना, सभी गीतों को ताकत देना तथा सवाल खड़े करना ही कला का सच्चा काम है: टी.एम. कृष्णासमकालीन जनमतJune 24, 2020June 24, 2020 by समकालीन जनमतJune 24, 2020June 24, 202002776 टी. एम. कृष्णा (अवधेश जी द्वारा मुझे हिन्दी में बोलने के लिए बोला गया है लेकिन मेरा हिन्दी तो बहुत खराब है मैं हिंगलिश बोलूँगा।...
ज़ेर-ए-बहस क्या सरकार ने कोविड-19 को गंभीरता से लेना छोड़ दिया है ?सुशील मानवJune 14, 2020June 14, 2020 by सुशील मानवJune 14, 2020June 14, 202002420 लॉकाडाउन का एक तरह से खात्मा हो गया है. दुकान, बाज़ार, संस्थान, प्रतिष्ठान सब खुल गए हैं. मंदिर- मस्जिद भी खुल गए हैं. गंगा समेत...
ज़ेर-ए-बहस उत्तराखंड में रोजगार पर रोक क्यों ?इन्द्रेश मैखुरीJune 11, 2020June 14, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीJune 11, 2020June 14, 202002914 उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2020-21 में नियुक्तियों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है. नियुक्तियों पर रोक लगाने के पीछे वही घिसा-पिटा तर्क है...
ज़ेर-ए-बहस जिंदगी मायने रखती है !जनार्दनJune 5, 2020June 7, 2020 by जनार्दनJune 5, 2020June 7, 202002081 इस समय पूरी दुनिया कोरोना संकट से गुजर रही है। कोरोना ने पूरी दुनिया को प्रयोगशाला में बदल दिया है। हर शय लिटमस टेस्ट से...
ज़ेर-ए-बहस मोदी सरकार के 6 साल- देश के लिए बड़ी विपदा साबित हुई है यह सरकारपुरुषोत्तम शर्माMay 30, 2020May 30, 2020 by पुरुषोत्तम शर्माMay 30, 2020May 30, 202002720 कोरोना संकट से निपटने में मोदी सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है...
ज़ेर-ए-बहसस्मृति नेहरू और फासीवाद : संघ विरोध के मायनेमुकेश आनंदMay 27, 2020May 31, 2020 by मुकेश आनंदMay 27, 2020May 31, 202003734 स्मृति दिवस पर विशेष 1917 ईस्वी में रूस में सम्पन्न हुई मजदूरों की क्रांति ने सारी दुनिया के समाजों के प्रतिक्रियावादी तत्वों को भयभीत, चौकन्ना...
ज़ेर-ए-बहस दिल्ली पुलिस ने बदला ‘आपदा’ को ‘अवसर’ मेंसमकालीन जनमतMay 24, 2020May 24, 2020 by समकालीन जनमतMay 24, 2020May 24, 202002187 संजीव कुमार हत्यारों के लिए, हत्यारों के साथ, सदैव! दिल्ली पुलिस ने जिस तरह आपदा को अवसर में बदला है, वह अभूतपूर्व है. कल ‘पिंजरा...
ज़ेर-ए-बहस मजदूरों की यातना का समाधान है-भूमि सुधार !समकालीन जनमतMay 24, 2020May 24, 2020 by समकालीन जनमतMay 24, 2020May 24, 202002279 डॉ. आर. राम महामारी और तालाबंदी से बेरोजगार होकर सड़कों पर बदहाल हालत में पैदल अपने घरों को जाते हुये मरते-खपते मजदूरों की तस्वीरें...
ज़ेर-ए-बहस क्या शराब की बिक्री से ही सम्भव होती है कर्मचारियों की तनख्वाह ?इन्द्रेश मैखुरीMay 21, 2020May 21, 2020 by इन्द्रेश मैखुरीMay 21, 2020May 21, 202001143 एक जमाने में पंकज उदास की गायी यह गज़ल काफी लोकप्रिय हुई थी : हुई मंहगी बहुत शराब थोड़ी-थोड़ी पिया करो लॉकडाउन में शराब की...
ज़ेर-ए-बहस “ सभी मॉडल व्यर्थ साबित हुए हैं, अलबत्ता उनमें कुछ उपयोगी हैं ”समकालीन जनमतMay 19, 2020May 20, 2020 by समकालीन जनमतMay 19, 2020May 20, 202003338 ‘केरल मॉडल’ अगर कामयाब हुआ तो ज़रूरी नहीं कि सारे मॉडल पास होंगे। आख़िर जॉर्ज बॉक्स ने कहा भी तो है “सभी मॉडल व्यर्थ साबित...
ज़ेर-ए-बहस भूख, भोजन, चोरी, आत्महत्या और अपराध बोधसुशील मानवMay 18, 2020May 18, 2020 by सुशील मानवMay 18, 2020May 18, 202003249 क्या आपने किसी अडानी, अंबानी, माल्या, मोदी, टाटा, बिड़ला को किसी अपराधबोध या ग्लानिबोध से भरे देखा, सुना है क्या ?...
ज़ेर-ए-बहस महाजनी सभ्यता और महामारी के सबकसमकालीन जनमतMay 15, 2020May 15, 2020 by समकालीन जनमतMay 15, 2020May 15, 202003089 डॉ. दीना नाथ मौर्य सभ्यता के विकासक्रम में मानव जाति पर समय-समय पर आयी प्राकृतिक आपदाओं के ऐतिहासिक अनुभव से यह सीख ली जा सकती...