समकालीन जनमत

Tag : शराब

ज़ेर-ए-बहस

क्या शराब की बिक्री से ही सम्भव होती है कर्मचारियों की तनख्वाह ?

एक जमाने में पंकज उदास की गायी यह गज़ल काफी लोकप्रिय हुई थी : हुई मंहगी बहुत शराब थोड़ी-थोड़ी पिया करो लॉकडाउन में शराब की...
ख़बरज़ेर-ए-बहस

शराब पर्वतीय क्षेत्रों में पूरे सामाजिक तंतु को ही तहस-नहस कर रही है

इन्द्रेश मैखुरी
बीते दिनों देहारादून में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत हो गयी. इससे पहले इसी साल फरवरी के महीने में रुड़की में जहरीली...
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