समकालीन जनमत

Category : जनमत

जनमत

बेगूसराय का चुनाव सबसे अलग है

रवि भूषण
इस चुनाव में पूरे देश के संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में से सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्षेत्र बिहार का बेगूसराय है। जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और भाकपा...
जनमत

पूंजीवादी मानदंड से आदिवासी जीवन को नहीं समझा जा सकता: रणेन्द्र

समकालीन जनमत
डॉ.कामिनी ( कथाकार रणेंद्र द्वारा ‘ आदिवासी जीवन तथा मुख्यधारा का समाज’ विषय पर शासकीय एम.एम. कॉलेज खडगवां, छत्तीसगढ़ में दिये गये व्याख्यान का किंचित...
जनमत

देश राग

समकालीन जनमत
डॉ0 हरिओम देश या राष्ट्र का जिक्र आते ही हम अक्सर जज्बाती हो जाते हैं। हम सभी चाहते हैं कि हमारा देश सुरक्षित रहे,खुशहाल रहे...
जनमतपुस्तक

विश्व पुस्तक दिवस: किताबों से रिश्ता कमज़ोर न पड़े!

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र ‘किताबें झांकती हैं बंद अलमारी के शीशों से, बड़ी हसरत से तकती हैं, महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं, जो शामें इनकी सोहबत में...
जनमतज़ेर-ए-बहस

गांधी और आरएसएसः विरोधाभासी राष्ट्रवाद

राम पुनियानी
राम पुनियानी आरएसएस लगातार यह प्रदर्शित करने का प्रयास कर रहा है कि महात्मा गांधी, संघ को सम्मान की दृष्टि से देखते थे। इसी संदर्भ...
जनमत

पृथ्वी दिवस: विश्व बंधुत्व के भाव से पृथ्वी के संरक्षण के लिए ठोस पहल की ज़रूरत है!

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र अस्तित्व में आने के बाद से कई भौतिक, रासायनिक, जैविक अभिक्रियाओं से गुजरते पृथ्वी जीवन के लिए अनुकूल हुई। एक कोशिकीय से बहुकोशिकीय...
जनमत

मोदीराग का अर्थ और उसकी दिशाएं

रवि भूषण
अन्तःमिश्रण के इस दौर में जैसी मिलावटी-घुलावट है, वैसी पहले कभी नहीं थी। कला और साहित्य के रूपों में ही नहीं, उससे इतर इधर विविध...
जनमतसिनेमा

‘ताशकंद फाईल्स’: जैसे खुली वैसे ही बंद…

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र भारत में राजनीतिक विषयों पर फिल्म बनाना कठिन रहा है, शायद इसीलिए निर्माता-निर्देशकों ने प्रेम कहानी, पारिवारिक फिल्मों जैसे सामान्य और सुरक्षित विषयों...
इतिहासजनमत

अपनी विरासत के प्रति जागरूकता की पहल: विश्व विरासत दिवस

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र सभ्यता के प्रारम्भिक काल से मानव की विकासयात्रा के चिह्न विभिन्न माध्यमों से पिछली पीढ़ी से अगली पीढ़ी को हस्तांतरित होते रहे हैं।...
जनमत

जालियांवाला बाग़ क़त्लेआम की 100 सालां बरसी

शम्सुल इस्लाम
शम्सुल इस्लाम साझी शहादत साझी-साझी विरासत की गौरव गाथा जो सरकारी बस्तों में बंद पड़ी है! विश्व इतिहास की पहली साम्राज्यवादी शक्ति अंग्रेज नहीं थे।...
जनमत

नेहरू ने कितना परेशान किया मोदीजी को !

राम पुनियानी
भाजपा ने हाल में लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। सरसरी निगाह से देखने पर ही इस दस्तावेज के बारे में दो बातें...
कविताजनमत

अनिता भारती की कविताओं में अम्बेडकर

समकालीन जनमत
 अनिता भारती डॉ. अम्बेडकर एकमात्र ऐसे विश्वस्तरीय चिंतक है जिन्होने परिवार और समाज में स्त्री की स्थिति कैसी हो, इस पर गहन चिंतन-मनन किया। पुरूषों के...
जनमतशख्सियत

राहुल का सपना और सच

समकालीन जनमत
(राहुल सांकृत्यायन (9 अप्रैल 1893-14 अप्रैल 1963)को उनकी पुण्यतिथि पर समकालीन जनमत टीम की ओर से श्रद्धांजलि।) अवधेश प्रधान राहुल जी ने पचीस साल की उम्र...
जनमतशख्सियत

अम्बेडकर जयंती पर एक संकल्प

समकालीन जनमत
(बाबासाहब भीमराव अंबेडकर (14 अप्रैल 1891-6 दिसम्बर 1956 ) को उनके जन्मदिन पर समकालीन जनमत टीम की ओर से श्रद्धांजलि) डॉ. आर. राम इस 14 अप्रैल...
जनमतपुस्तक

अंबेडकर पर रामायन की निगाह

समकालीन जनमत
हमारे देश के जिन महान मनुष्यों की दुनिया भर में ख्याति है उनमें अंबेडकर अन्यतम हैं । पेरी एंडरसन ने अपनी किताब ‘इंडियन आइडियोलाजी’ में...
जनमत

इस चुनाव में हमारी-आपकी भूमिका

रवि भूषण
17वीं लोकसभा चुनाव के समय अब यह सवाल पूछना आवश्यक है कि इस चुनाव में कवियों, लेखकों, पत्रकारों, प्रोफेसरों, शिक्षकों, शिक्षितों-सुशिक्षितों, बुद्धिजीवियो, वैज्ञानिको, चिंतकों, विचारकों...
जनमत

2019 में भी निर्णायक होगा हिन्दी प्रदेश

रवि भूषण
नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने में हिंदी प्रदेश का बहुत बड़ा हाथ है। 16 वीं लोकसभा चुनाव में 10 हिंदी राज्यों से भाजपा को 225...
जनमतशख्सियत

‘आपहुदरी’ रमणिका गुप्ता को एक श्रद्धांजलि

समकालीन जनमत
अभिषेक मिश्र आम आदमी, आदिवासी, स्त्री अधिकार आदि के क्षेत्र में ताउम्र कार्यरत रहने वाली साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता रमणिका गुप्ता का नई दिल्ली में...
जनमतस्मृति

‘ रुको कि अभी शेष है जिंदगी की जिजीविषा, प्राण और सांस, शेष है धरती, आकाश और क्षितिज ’

  (वरिष्ठ रचनाकार और आदिवासी, दलित और स्त्री मुद्दों पर सक्रिय रहीं सामाजिक कार्यकर्ता रमणिका गुप्ता (22.4.1929 – 26.3.2019) के निधन पर जन संस्कृति मंच...
जनमत

जन वितरण प्रणाली में आधार का प्रहार, लोगों के शोषण का नया प्रकार

सिराज दत्ता झारखंड के कोल्हान क्षेत्र के हो आदिवासियों के संघर्ष का इतिहास काफ़ी लंबा है. चाहे छोटा नागपूर के राजा के विरुद्ध हो या...
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