कविता डॉ ज़रीन हलीम का कविता संग्रह ‘ आठ पहर ’: ‘परवाज की आदत है ….उड़ जाएंगे ’कौशल किशोरJuly 13, 2023July 13, 2023 by कौशल किशोरJuly 13, 2023July 13, 20230189 ‘कविता के बीज नहीं होते/जो बाजारों में हों उपलब्ध/जो किसी एक ऋतु के हो बंधक/और घर-घर यूं ही पड़े मिलें/जो सबके हाथों मसले जाएं/जिनका कोई...
कविता भास्कर लाक्षाकार की कविताएँ जीवन अनुभवों से निर्मित मनुष्य की स्पोन्टेनिटी से सृजित हैंसमकालीन जनमतJuly 9, 2023July 9, 2023 by समकालीन जनमतJuly 9, 2023July 9, 20230445 निरंजन श्रोत्रिय क्या यह संभव है कि किसी कवि को अपने समय-समाज के तापमान का सम्यक ज्ञान हो, उसकी कविता विचार और भावनाओं से समृद्ध...
कविता अमन त्रिपाठी की कविताएँ ‘सेन्स ऑफ़ बिलॉन्गिंग’ से उपजी हैं। समकालीन जनमतJuly 2, 2023July 2, 2023 by समकालीन जनमतJuly 2, 2023July 2, 20230562 वर्तिका पढ़ाई से इंजीनियर अमन , समर्थ अनुवादक और कवि के तौर पर सक्रिय हैं। शहर देखने, प्रेम में रहकर प्रेम न कर पाने के...
कविता वंदना पराशर की कविताएँ शब्द एवं संवाद बचाने की कोशिश हैंसमकालीन जनमतJune 25, 2023June 25, 2023 by समकालीन जनमतJune 25, 2023June 25, 20230251 वंदना मिश्रा समकालीन कविता में अपना स्थान सुरक्षित कर चुकी ‘वंदना पाराशर’ की कविताएँ किसी परिचय की मोहताज नहीं. वंदना उन लोगों में से हैं...
कविता श्रीधर करुणानिधि की कविताएँ जटिल और क्रूर समय को व्यंजित करती हैंसमकालीन जनमतJune 18, 2023June 18, 2023 by समकालीन जनमतJune 18, 2023June 18, 20230105 योगेश प्रताप शेखर श्रीधर करुणानिधि के दो कविता–संग्रह प्रकाशित हुए हैं | ‘खिलखिलाता हुआ कुछ’ और ‘पत्थर से निकलती कराह’ | उन का पहला कविता...
कविता नये मगध में : न्यू इंडिया का साहित्यिक तर्जुमासुशील मानवJune 12, 2023June 12, 2023 by सुशील मानवJune 12, 2023June 12, 2023059 जब कुछ नयी निर्मित्ति होती है, कुछ नया रचा जाता है तो वो पुरातन की समृद्ध परंपरा, संस्कृति व स्मृतियों से जुड़कर, अपनी नव्यता को...
कविता डोरियन लाउ की कविताएँ मानवता के अंतर्विरोधों को रेखांकित करती हैंसमकालीन जनमतJune 11, 2023June 11, 2023 by समकालीन जनमतJune 11, 2023June 11, 20230108 रंजना मिश्र 10 जनवरी, 1952 को जन्मी डोरियन लाउ/ लॉक्स के अब तक छह कविता संग्रह प्रकाशित हैं। वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑर्गोन में रचनात्मक लेखन...
कविता वंदना मिश्रा की कविताएँ स्त्री जीवन की जटिलताओं को उकेरती हैंसमकालीन जनमतJune 4, 2023June 4, 2023 by समकालीन जनमतJune 4, 2023June 4, 20230244 अमरजीत कौंके हिंदी की समकालीन स्त्री कविता में वंदना मिश्रा एक महत्वपूर्ण नाम है .उनकी कविताएँ समकालीन समाज के संकटों और विसंगतियों को अपने कलेवर...
कविता प्रतिभा चौहान की कविताएँ प्रकृति और सृष्टि की पक्षधरता का विमर्श हैंसमकालीन जनमतMay 28, 2023May 28, 2023 by समकालीन जनमतMay 28, 2023May 28, 20230383 शिरोमणि महतो सुपरिचित कवयित्री प्रतिभा चौहान की कविताएँ हिन्दी के वैविध्यपूर्ण साहित्यिक संसार में एक अलग स्थान रखती हैं। यूँ तो अनेक विषयों पर कविताएँ...
कविता देवव्रत डंगवाल की कविताएँ प्रतिरोध और उम्मीद की खोज हैंसमकालीन जनमतMay 21, 2023May 21, 2023 by समकालीन जनमतMay 21, 2023May 21, 2023088 विपिन चौधरी युवावस्था मनुष्य के जीवन की सबसे बेचैन अवस्था है. इसी दौर में भी प्रतिरोध के स्वर अधिक तेज़ होने लगते हैं और नकार...
कविता अमरजीत कौंके की कविताओं में आम आदमी का जीवन और संघर्ष प्रमुखता से झलकता है।समकालीन जनमतMay 14, 2023May 14, 2023 by समकालीन जनमतMay 14, 2023May 14, 20230193 निरंजन श्रोत्रिय अमरजीत कौंके मूलतः पंजाबी भाषा के कवि हैं। उन्होंने पंजाबी-हिन्दी के बीच अनुवाद की महत्वपूर्ण आवाजाही की है। इन सबके साथ वे हिन्दी...
कविता सरिता संधू की कविताएँ व्यवस्था की आँखों में झाँकती संवेदनाएँ हैंसमकालीन जनमतMay 7, 2023May 7, 2023 by समकालीन जनमतMay 7, 2023May 7, 20230235 हीरालाल राजस्थानी सरिता संधू पिछले दो सालों से दलित लेखक संघ से जुड़ी हुई हैं। उनकी विशेषता है कि संगठन के प्रति अपने कर्तव्यों का...
कविता फ़रीद इस समय की कविता के प्रखर स्वर हैं : आलोक धन्वासमकालीन जनमतMay 1, 2023 by समकालीन जनमतMay 1, 2023061 पटना। “फ़रीद इस समय की कविता के प्रखर स्वर हैं। इधर अच्छी कविताएँ लिखीं जा रहीं हैं, कविताएँ लिखी जानी चाहिए। ये कविताएँ सामने आ...
कविता आनंद बहादुर की कविताएँ जीवन की अंतर्यात्रा को उकेरती हैंसमकालीन जनमतApril 30, 2023April 30, 2023 by समकालीन जनमतApril 30, 2023April 30, 20230193 विनय सौरभ नहीं होने ने जो थोड़ी सी जगह खाली की है वह मैं हूँ एक दिन नहीं होना किसी जगह से आएगा और...
कविता पुरू मालव की कविताएँ एक आत्मीय आग्रह के साथ बड़े सवालों पर बात करती हैंसमकालीन जनमतApril 23, 2023April 23, 2023 by समकालीन जनमतApril 23, 2023April 23, 2023066 निरंजन श्रोत्रिय युवा कवि पुरू मालव की आसान-सी दिखने वाली ये कविताएँ हमारे भीतर एक फोर्स के साथ खुलती हैं। वह चाहे विस्थापन का...
कविता मोहन कुमार डहेरिया की कविताएँ व्यक्तिगत और सामूहिक अभिव्यक्ति को सशक्त और बेचैन होकर ज़ाहिर करती हैंसमकालीन जनमतApril 16, 2023April 16, 2023 by समकालीन जनमतApril 16, 2023April 16, 20230252 पीयूष कुमार आत्मा के पेड़ पर बैठा कवि मोहन कुमार डहेरिया की कविताओं में मनुष्यविरोधी समय का अतियथार्थ अपनी विकलताओं और भावसघनाओं के साथ आता...
कविता जोगेन चौधुरी की कविताएँ चित्रकला सा वितान रचती हैंसमकालीन जनमतMarch 26, 2023March 26, 2023 by समकालीन जनमतMarch 26, 2023March 26, 2023071 मीता दास मैंने ‘उजाले और अँधेरे में एक फूल’ नाम से एक पुस्तक का अनुवाद किया जिसमें शीर्षस्थ समकालीन भारतीय कलाकार जोगेन चौधरी की मूल...
कविता विमल किशोर की कविताओं में स्त्री मुक्ति की आकांक्षा – उषा रायसमकालीन जनमतMarch 21, 2023 by समकालीन जनमतMarch 21, 2023086 लखनऊ। लखनऊ पुस्तक मेले में , 18 मार्च को विमल किशोर के कविता संग्रह ‘पंख खोलूं उड़ चलूं’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन...
कविता अनिल अनलहातु की कविताएँ हमारी हताशा और जिजीविषा का अन्तर्द्वन्द्व हैंसमकालीन जनमतMarch 12, 2023March 12, 2023 by समकालीन जनमतMarch 12, 2023March 12, 2023076 प्रभात मिलिंद अनिल अनलहातु हमारे समय के विरल और अनिवार्य कवि हैं. कविताओं में वक्रोक्तियों का कारुणिक प्रयोग कैसे संभव हो सकता है, व्यंग्य में...
कविता रूपम मिश्र का कविता पाठ : कविता जीवन के आवेग से पैदा होती हैसमकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 2023 by समकालीन जनमतMarch 5, 2023March 6, 20230182 इलाहाबाद। जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तीन मार्च को मेयो हाॅल के पास स्थित अंजुमन-रूह-ए-अदब के हॉल में कविता पाठ और परिचर्चा का आयोजन हुआ।...