कवितासाहित्य-संस्कृति ‘ प्रेमकथा एहि भाँति बिचारहु ’समकालीन जनमतFebruary 14, 2018February 9, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 14, 2018February 9, 20205 4504 (संत वैलेन्टाइन की तरह प्रेम के पक्षधर मगर कई मामलों में उनसे भिन्न संत रविदास थे। उनकी रचना जगत में प्रेम एक विराट भाव...
कवितासाहित्य-संस्कृति गंगा-जमुनी तहजीब और आज़ादी के पक्ष में है संजय कुमार कुंदन की शायरी : प्रो. इम्तयाज़ अहमदसमकालीन जनमतFebruary 12, 2018February 14, 2018 by समकालीन जनमतFebruary 12, 2018February 14, 20188 5362 शायर संजय कुमार कुंदन के संग्रह ‘भले, तुम नाराज हो जाओ’ पर बातचीत पटना. ‘‘हटा के रोटियां बातें परोस देता है/ इस सफ़ाई...
कवितासाहित्य-संस्कृति अकबर अलाहाबादी बनाम मॉडर्न एजुकेशन सिस्टमसमकालीन जनमतFebruary 10, 2018February 10, 2018 by समकालीन जनमतFebruary 10, 2018February 10, 20182 3272 मेंहदी हुसैन तन्ज़, मज़ाह और ज़राफत की शायरी का मैदान कोई आसान मैदान नहीं है। इस मैदान में सिर्फ एक साहबे नज़र, साहबे मुशाहेदा,...
कवितासाहित्य-संस्कृति ‘जश्ने फैज़’ ने अभियान का रूप लिया, आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, लखनऊ, पटना, दरभंगा में हो रहा है आयोजनसमकालीन जनमतFebruary 7, 2018May 31, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 7, 2018May 31, 202012572 आगरा में 13 फरवरी को होने जा रहा ‘जश्ने फैज़’ का आयोजन ऐतिहासिक रूप लेने जा रहा है. किसी एक लेखक या रचनाकार को लेकर...
कविता लोक गीतों में चौरी चौरा विद्रोह -‘ माई रहबू ना गुलाम, न बहइबू अंसुआ ’समकालीन जनमतFebruary 4, 2018February 4, 2021 by समकालीन जनमतFebruary 4, 2018February 4, 20215 2709 ( ये लोकगीत कथाकार -लेखक सुभाष कुश्वाहा की पुस्तक ‘चौरी चौरा विद्रोह और स्वाधीनता आंदोलन ’ से लिए गए हैं ) दोहा गोरखपुर में...
कवितासाहित्य-संस्कृति ‘यह तश्ना की है गज़ल, इस शायरी में गाने-बजाने को कुछ नहीं’समकालीन जनमतFebruary 3, 2018May 31, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 3, 2018May 31, 20206 2988 तश्ना आलमी की याद में लखनऊ में सजी गज़लों की शाम लखनऊ । तश्ना आलमी की शायरी गहरे तक छूती है। ऐसा लगता है कि...
कवितासाहित्य-संस्कृति युग की नब्ज़ धरने वाली गोरख की कविता मुक्ति स्वप्न की कविता है- अवधेशसमकालीन जनमतFebruary 1, 2018May 31, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 1, 2018May 31, 202012011 इलाहाबाद में गोरख स्मृति दिवस इलाहाबाद, 29 जनवरी. परिवेश और जन संस्कृति मंच की ओर से 29 जनवरी को इलाहाबाद छात्र संघ भवन में जनकवि गोरख पांडेय की पुण्यतिथि के मौक़े पर ‘ गोरख स्मृति दिवस ’ का आयोजन हुआ। आयोजन दो सत्रों में बँटा हुआ था। पहला...
कवितानाटकसाहित्य-संस्कृति ‘हमारे वतन की नयी ज़िन्दगी हो’समकालीन जनमतFebruary 1, 2018May 31, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 1, 2018May 31, 202012321 कोरस ने पटना में ‘एक शाम गोरख के नाम’ अयोजित किया पटना , 28 जनवरी. कोरस द्वारा जनकवि गोरख पांडेय की स्मृति दिवस के पूर्व...
कवितासाहित्य-संस्कृति गोरख के गीतों के साथ देश-दुनिया और समाज को बेहतर बनाया जा सकता है: अरुण कमलसुधीर सुमनFebruary 1, 2018May 31, 2020 by सुधीर सुमनFebruary 1, 2018May 31, 202013481 क्रांतिकारी जनकवि गोरख पांडेय की स्मृति में हिरावल ने किया आयोजन गोरख के हिंदी-भोजपुरी के जनगीतों और गजलों का गायन हुआ पटना: 28 जनवरी. ‘गोरख...